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Friday, May 08, 2015

अपराध आउ दंड - भाग – 4 ; अध्याय – 1



अपराध आउ दंड

भाग – 4

अध्याय – 1

"की, ई वास्तव में हमर सपना अभी तक जारी हके ?" रस्कोलनिकोव के दिमाग में फेर से विचार अइलइ । ऊ अप्रत्याशित अतिथि के तरफ सवधानी से आउ संदेहपूर्वक देखलकइ ।
"स्विद्रिगाइलोव ? कइसन बकवास ! अइसन नयँ हो सकऽ हइ !" आश्चर्यचकित होल ऊ आखिरकार जोरदार अवाज में बोललइ ।
लगऽ हलइ, अतिथि के ई विस्मय के उद्गार से बिलकुल अचरज नयँ होलइ ।

"हम अपने के पास दू कारण से अइलिए ह - पहिला, व्यक्तिगत रूप से अपने के साथ परिचय प्राप्त करे लगी चाहऽ हलिअइ, काहेकि हम अपने के विचार बहुत पहिले से सुन रखलिए ह, जे अपने खातिर बहुत दिलचस्प आउ लाभदायक हइ; दोसरा, हम सपनाऽ हिअइ, कि शायद अपने हमर एक अइसन काम में मदत करे से इनकार नयँ करथिन, जेकर सीधा संबंध अपने के प्रिय बहिन, अवदोत्या रोमानोव्ना, के भलाय से हइ । काहेकि हमरा, अपने के बिन अनुशंसा के, अपन पूर्वाग्रह के कारण ऊ शायद अहाता में अब अपन पास नयँ फटके देता, लेकिन अपने के मदत से हमरा भरोसा हइ ..."
"गलत भरोसा करऽ हथिन", बिच्चे में बात काटते रस्कोलनिकोव बोललइ ।
"की, हम अपने से पूछ सकऽ हिअइ, कि ओकन्हीं कल्हिंएँ पहुँचलथिन हँ ?"
रस्कोलनिकोव कोय जवाब नयँ देलकइ ।

"कल्हे, हमरा मालूम हइ । हम खुद्दे परसुने पहुँचलिअइ । अच्छऽ जी, अइकी एकरा बारे हम अपने के बतावऽ हिअइ, रोदियोन रोमानोविच; खुद के सफाई पेश करना हम फजूल समझऽ हिअइ, लेकिन हमरा ई बात कहे देथिन - ई सब मामला में, वास्तव में, हमरा तरफ से अइसन कउन विशेष अपराध हइ, मतलब, बिन कोय पूर्वाग्रह के, आउ विवेक से विचार कइला पर ?"
रस्कोलनिकोव चुपचाप ओकरा देखते रहलइ ।

"ई, कि हम अपन घर में एगो अरक्षित लड़की के पीछू लग गेलिअइ आउ 'ओकरा अपन घिनौना प्रस्ताव से अपमानित कइलिअइ' - एहे बात हइ, श्रीमान ? (अपने जे शायद कहे लगी चाहऽ होथिन, ऊ हम खुद्दे पहिलहीं कह रहलिए ह !) लेकिन अपने खाली एतना मान लेथिन, कि हमहूँ आखिर इंसान हकिअइ, et nihil humanum... [1] [एत निहिल हुमानुम ... (लैटिन) = आउ कुच्छो मानवीय ...], एक शब्द में, कि हमहूँ मोहित हो सकऽ हिअइ आउ हमरा प्यार हो जा सकऽ हइ (जे, जाहिर हइ, कि हमन्हीं के आज्ञा पर नयँ होवऽ हइ), आउ तब सब कुछ स्वाभाविक रूप से समझल जा सकऽ हइ । हियाँ परी पूरा प्रश्न हइ - हम दानव हिअइ, कि हम खुद्दे शिकार हिअइ ? आउ अगर हम शिकार हकिअइ तब ? अपन समान के साथ लेके अमेरिका चाहे स्विटजरलैंड भाग जाय के प्रस्ताव रखके, हम शायद सबसे अधिक सम्मानजनक भावना के अनुभव कर रहलिए हल, आउ साथे-साथ पारस्परिक सुख के प्रबंध करे के बारे सोच रहलिए हल ! ... बुद्धि तो कामवासना के दास होवऽ हइ; हम शायद खुद्दे के जादे नुकसान पहुँचा रहलिए हल, माफ करथिन ! ..."

"लेकिन बात ई बिलकुल नयँ हइ", नफरत के साथ बात बिच्चे में काटते रस्कोलनिकोव बोललइ, "सीधा सन बात ई हइ, कि अपने पसीन नयँ हथिन, चाहे अपने सही होथिन चाहे गलत, आउ हमन्हीं के अपने के साथ कुछ सरोकार नयँ हइ, आउ अपने के बाहर के रस्ता देखावऽ हिअइ, बस, चल जाथिन ! ..."
स्विद्रिगाइलोव अचानक जोर से हँस पड़लइ ।
"लेकिन अपने तो ... अपने के तो भ्रम में नयँ डालल जा सकऽ हइ !" ऊ बिलकुल निष्कपट रूप से हँसते बोललइ, "हम तो अपने के साथ चलाँकी करे के सोच रहलिए हल, लेकिन नयँ, अपने तो बिलकुल असली बिंदु पर आ गेलथिन !"
"लेकिन अपने तो अखनियों चाल चल रहलथिन हँ !"

"ओकरा से की ? ओकरा से की ?" स्विद्रिगाइलोव दिल खोलके हँसते दोहरइलकइ, "ई तो bonne guerre [बॉन गेर (फ़्रेंच) = निष्कपट लड़ाय] हइ, जे कहल जा हइ, कि सबसे स्वीकार्य चलबाजी हकइ ! ... लेकिन तइयो अपने तो हमरा बीच में टोक देलथिन; अइसे चाहे ओइसे, हम फेर से पुष्टि करऽ हिअइ - कुच्छो अप्रिय नयँ होते हल, अगर बाग में जे कुछ घटलइ, ऊ नयँ घटते हल । मार्फ़ा पित्रोव्ना ..."
"लोग के कहना हइ, कि अपने तो मार्फ़ा पित्रोव्ना के भी त्याग देलथिन ?" रुखाई से रस्कोलनिकोव बात बिच्चे में काटते बोललइ ।

"ओ, त अपने एकरो बारे सुनलथिन हँ ? लेकिन, कइसे नयँ सुनथिन हल ... अच्छऽ, जे अपने सवाल कइलथिन हँ, हम वास्तव में नयँ जानऽ हिअइ, कि हम अपने के की कहिअइ, हलाँकि हमर अपन अंतःकरण ई मामले में बिलकुल शांत हइ । मतलब, ई नयँ सोचथिन, कि अइसन कोय चीज के बारे हमरा कोय डर हलइ – सब कुछ ठीक-ठाक से आउ पूरे शुद्धता से कइल गेलइ - मेडिकल जाँच के बाद पक्षाघात (लकवा) पता चललइ, जे भरपूर खाना आउ लगभग पूरा बोतल शराब पीए के परिणाम हलइ, आउ जाँच में कुच्छो दोसरा निदान (diagnosis) नयँ पावल जा सकलइ ... जी नयँ, एहे बात कुछ समय से, खास करके रेलगाड़ी में बइठल यात्रा के दौरान, हम खुद्दे सोच रहलिए हल - की हम ई सब ... विपत्ति के कारण नयँ हलिअइ, कइसूँ नैतिक रूप से, झुंझलाहट चाहे अइसने कुछ तरह के चलते ? लेकिन हम ई निष्कर्ष पर अइलिअइ, कि एहो बिलकुल नयँ हो सकऽ हलइ ।"
रस्कोलनिकोव हँस पड़लइ ।
"एकरा में चिंता करे के की बात हइ !"

"आउ अपने हँस्सऽ हथिन कउन बात पर ? कल्पना करथिन - हम खाली दू तुरी चाभुक से पिटलिअइ, अइसन कि कोय बाम नयँ उखड़लइ ... किरपा करके, हमरा मानवद्वेषी नयँ समझथिन; हम ई पक्का जन्नऽ हिअइ, कि हमरा तरफ से ई केतना घिनौना काम होले हल, इत्यादि; लेकिन हम एहो अच्छा से जन्नऽ हिअइ, कि मार्फ़ा पित्रोव्ना शायद हमर ई, अइसे कहल जाय, उत्साह, से खुश होले होत । अपने के प्रिय बहिन से संबंधित कहानी के अंतिम बून तक निचोड़ लेल गेले ह । मार्फ़ा पित्रोव्ना के घरवे पर लचारी में बइठल तेसरा दिन हो चुकले हल; ओकरा शहर में लेके खुद के देखावे लगी कुछ नयँ रह गेले हल, आउ हुआँ सब कोय के अपन ई चिट्ठी से ऊबा देलके हल (चिट्ठी पढ़े के बात तो सुनवे कइलथिन होत ?) । आउ अचानक ई दू चाभुक असमान से गिर पड़ऽ हइ! पहिला काम ऊ करेता (घोड़ागाड़ी) के तैयार करे के औडर देलकइ ! ... हम ई बात के बारे नयँ बोलबइ, कि औरतियन के अइसनो मामला होवऽ हइ, जब साफ रूप से रोष रहलो पर ओकन्हीं के अपमानित होला पर बहुत-बहुत खुशी होवऽ हइ । अइसन मामला सब्भे के साथ होवऽ हइ; आम तौर पे अदमी के अपमानित होनो बहुत-बहुत अच्छा लगऽ हइ, अपने ई बात नोटिस कइलथिन हँ ? लेकिन औरतियन के तो खास करके । एहो कहल जा सकऽ हइ, कि एहे ओकन्हीं के एकमात्र चारा हइ ।"
एक तुरी रस्कोलनिकोव के तो लगलइ, कि उठके चल जाऊँ, आउ एकरे साथ ई मीटिंग के खतम कर दे । लेकिन कुछ उत्सुकता आउ मानूँ अंदाजो ओकरा एक क्षण लगी रोक लेलकइ ।

"अपने के लड़े के शौक हइ ?" ऊ लपरवाही से पुछलकइ ।
"नयँ, जादे नयँ", शांत भाव से स्विद्रिगाइलोव जवाब देलकइ । "आउ मार्फ़ा पित्रोव्ना के साथ तो कभी नयँ लड़ाय होलइ । हमन्हीं तो बिलकुल मेलजोल से रहऽ हलिअइ, आउ ऊ हमरा साथ हमेशे खुश रहऽ हलइ । ई सात साल के दौरान चाभुक के इस्तेमाल कुल दू तुरी कइलिअइ (अगर एगो आउ तेसरा तुरी के घटना के छोड़ देल जाय, जे बहुत अस्पष्ट हलइ) - पहिले तुरी, शादी के दू महिन्ना बाद, जब हमन्हीं गाँव पहुँचवे कइलिए हल, आउ अइकी अभी वला पिछला घटना । आउ अपने सोच रहलथिन हल, कि हम अइसन राक्षस, प्रगतिविरोधी, भूदास के स्वामी हकिअइ ? हे-हे ... अच्छऽ - की अपने के आद हइ, रोदियोन रोमानोविच, कि कइसे कुछ साल पहिले, अपन विचार-अभिव्यक्ति के लाभदायक स्वतंत्रता के समय में, एक कुलीन घर के व्यक्ति के - ओकर नाम भूल गेलिअइ - राष्ट्र भर में आउ सब्भे साहित्यकार लोग के तरफ से अपमानित कइल गेले हल, ई बात पर कि ऊ रेलगाड़ी में एगो जर्मन औरत के चाभुक मरलके हल, अपने के आद हकइ ? तखने एगो आउ, ठीक ओहे साल में, लगऽ हइ, "युग के घृणित कार्रवाई" होले हल (मतलब, 'मिस्र के रात', सार्वजनिक रूप से पढ़ाय, आद हकइ? कार-कार आँख ! ओ, ऊ हमर जवानी के दिन अब काहाँ हइ !) [2] । अच्छऽ जी, हमर तो ई विचार हइ - ऊ कुलीन व्यक्ति लगी, जे जर्मन औरत के चाभुक मरलके हल, हमरा कोय गहरा सहानुभूति अनुभव नयँ होवऽ हइ, काहेकि वास्तव में भी ... सहानुभूति के बाते की हइ ! लेकिन घोषित करे बगैर नयँ रह सकऽ हिअइ, कि कभी-कभी अइसन ताव देखवे वली 'जर्मन औरतियन' से पाला पड़ जा हइ, कि, हमरा लगऽ हइ, कि एक्को अइसन प्रगतिशील अदमी नयँ हइ, जे बिलकुल अपना के बारे गारंटी दे सकऽ हइ । ई बिंदु से तखनी कोय नयँ ई विषय पर विचार कइलकइ, तइयो ई बिंदु तो बिलकुल मानवीय हइ, जी ई तो बिलकुल सच हइ !"

एतना कहला के बाद स्विद्रिगाइलोव अचानक फेर से हँस पड़लइ । रस्कोलनिकोव के ई बात साफ हलइ, कि ई अदमी कोय खास इरादा से अइले ह आउ अपन दिमाग में रखले हइ ।

"अपने शायद लगातार कइएक दिन तक केकरो से बात नयँ कइलथिन हँ ?" ऊ पुछलकइ ।
"बात लगभग सही हइ । लेकिन एकरा से की - बात साफ हइ, कि अपने अचंभित हथिन कि हम एतना अनुकूलनशील (adaptable) व्यक्ति हिअइ ?
"नयँ, हमरा ई बात के अचंभा हइ, कि अपने बहुत जादहीं अनुकूलनशील व्यक्ति हथिन ।"

"काहेकि हम अपने के सवाल के रुखाई के बुरा नयँ मनलिअइ ? की, ई बात हइ ? लेकिन ... एकरा में बुरा माने के की बात हइ ? जइसे पुछलथिन, ओइसीं हम जवाब देलिअइ", ऊ सादगी के आश्चर्यजनक अभिव्यक्ति से उत्तर देलकइ । "वस्तुतः हमरा अइसन लगभग कुच्छो विशेष चीज नयँ हइ, जेकरा में हमरा रुचि होवे, भगमान कसम", विचारमग्न मुद्रा में ऊ बात जारी रखलकइ । "खास करके अभी, कोय चीज में हम व्यस्त नयँ हिअइ ... हलाँकि, अपने सोच सकऽ हथिन, कि हम अपन कोय गरज से अपने के खुश करे के कोशिश कर रहलिए ह, खास करके ई बात से कि हमरा अपने के प्रिय बहन से काम हइ, जइसन कि हम खुद्दे बतइलिअइ । लेकिन हम साफ-साफ बता रहलिए ह - हम बहुत उबियाल हिअइ ! खास करके ई तीन दिन, ओहे से हमरा अपने से मिलके खुशी भी होलइ ... नराज नयँ होथिन, रोदियोन रोमानोविच, लेकिन अपने खुद्दे कोय कारणवश भयंकर रूप से विचित्र लगऽ हथिन । अपन के अच्छा लगइ, चाहे नयँ, लेकिन अपने में कुछ तो हकइ; आउ ठीक अभी, मतलब, बिलकुल एहे क्षण नयँ, बल्कि सामान्य रूप से अभी ... अच्छऽ, अच्छऽ, नयँ कहबइ, नयँ कहबइ, नाक-भौं मत सिकोड़थिन ! हम ओइसन भालू नयँ हिअइ, जइसन अपने सोचऽ हथिन ।"
रस्कोलनिकोव ओकरा तरफ उदासपूर्वक देखलकइ ।
"अपने तो शायद भालू नियन बिलकुल नयँ लगऽ हथिन", ऊ बोललइ । "हमरा एहो लगऽ हइ, कि अपने निम्मन समाज के हथिन, चाहे कम से कम, विशेष अवसर पर भद्र व्यक्ति तो हो सकऽ हथिन ।"
"वस्तुतः हमरा ई बात में कोय विशेष रुचि नयँ हइ, कि हमरा बारे केकरो की राय हइ", रुखाई आउ मानूँ कुछ अहंकार के भाव से स्विद्रिगाइलोव उत्तर देलकइ, "आउ ओहे से कुछ देर लगी काहे नयँ तुच्छ व्यक्ति के रूप में रहल जाय, जब ई पोशाक हमन्हीं के जलवायु खातिर एतना सुविधाजनक हइ, आउ ... आउ विशेष रूप से अगर स्वभावतः एकरा तरफ झुकाव रहइ", फेर से हँसते ऊ बोललइ ।

"लेकिन हम सुनलिअइ, कि अपने के हियाँ बहुत परिचित लोग हथिन । वस्तुतः अपने ऊ हथिन, जिनका कहल जा हइ - 'बिन संबंध वला नयँ' । अइसन हालत में अपने लगी हमरा नियन अदमी के की जरूरत हो सकऽ हइ, बिन कोय उद्देश्य के ?"

"ई तो अपने सही कहलथिन, कि हमरा परिचित लोग हथिन", स्विद्रिगाइलोव ई बात के पकड़ लेलकइ, मुख्य बिंदु के बिन उत्तर देले, "हम तो मिलियो चुकलिए ह; ई तो तेसरा दिन हइ कि हम भटक रहलिए ह; हम खुद्दे लोग के पछानऽ हिअइ, आउ लगऽ हइ, हमरो पछानते जा हका । हम पोशाको उत्तम ढंग से पेन्हले हिअइ आउ हमरा गरीब अदमी नयँ समझल जा हइ; कृषक सुधार भी हमरा स्पर्श नयँ कइलकइ - जंगल आउ नदी के किनारे वला चरागाह सब, ओहे से आमदनी में कोय घाटा नयँ [3]; लेकिन ... लेकिन ओद्धिर हमरा जाय के नयँ; पहिलहूँ हम ऊब गेलूँ हल - हमरा चक्कर लगइते तेसरा दिन हइ आउ हम केकरो नयँ बतावऽ हिअइ ... आउ हियाँ परी हइ ई शहर ! मतलब, किरपा करके बताथिन, हमन्हीं बीच ई कइसे बनलइ ! दफ्तर वलन आउ सब तरह के छात्र लोग के शहर ! पहिले हियाँ जादे कुछ नयँ नोटिस कइलिए हल, जब कोय आठ साल पहिले हियाँ घूम रहलिए हल ... हे भगमान, अब तो खाली शरीर-रचना पर भरोसा करऽ हिअइ !"

"कइसन शरीर-रचना पर ?"

"लेकिन जाहाँ तक ई क्लब, दूसोत, अपने के ई प्वान्त (pointes) सब [4], चाहे शायद, अइकी प्रगति भी - ई सब के तो काम हमन्हिंयों बगैर चल सकऽ हइ", फेर से ऊ सवाल पर बिन ध्यान देले बात जारी रखलकइ । "एकर अलावे पत्तेबाज होवे लगी केऽ चाहऽ हइ ?"

"त अपने पत्तेबाजो रह चुकलथिन हँ ?"
"एकरा बगैर बचलो कइसे जा सकऽ हलइ ? आठ साल पहिले, उत्तम घराना के लोग के हमर पूरा के पूरा जमात हलइ; हमन्हीं समय गुजारऽ हलिअइ; आउ सब लोग, जानऽ हथिन, शिष्टाचारी लोग, कवि लोग हलिअइ, पूँजीवादी लोग हलिअइ । सामान्यतः, हमन्हीं के रूसी समाज में, सबसे उत्तम शिष्टाचार ओकन्हीं के होवऽ हलइ, जिनकर पिटाई होल रहऽ हलइ - अपने ई नोटिस कइलथिन हँ ? ई तो वस्तुतः गाँव जाके अभी हमर हालत गिर गेलइ । तइयो हमरा ऊ बखत, करजा के वजह से, नेझिन के एगो कमीना यूनानी के चलते, जेल भेज देल गेलइ । हिएँ पर मार्फ़ा पित्रोव्ना आ गेला, मोल-जोल कइलका आउ हमरा खरीद लेलका तीस हजार चानी के रूबल में (हमर करजा कुल सत्तर हजार के हलइ) । हमर उनका साथ कानूनी रूप से शादी हो गेलइ, आउ ऊ अप्पन साथ हमरा लेके अपन गाँव चल गेला, एगो खजाना के तरह । ऊ हमरा से पाँच साल बड़गर हला । हमरा बहुत प्यार करऽ हला । सात साल हम गाँव से बहरसी नयँ गेलिअइ । आउ ई बात नोट करथिन, जिनगी भर अपन पास हमरा कब्जा में रक्खे खातिर हमर विरोध में, दोसर नाम पर, एगो दस्तावेज रखले हला, ई तीस हजार रूबल के, ताकि अगर कोय हालत में हम विद्रोह करे के कोशिश कइलिअइ - त तुरते हम जाल में फँस जइअइ ! आउ ऊ अइसन करवो करता हल ! औरतियन के ई सब कुछ एक साथ चलावे में बन जा हइ ।"

"आउ अगर ई दस्तावेज नयँ रहते हल, त अपने चकमा देके घिसक जइथिन हल ?"
"हमरा समझ में नयँ आवऽ हइ, कि हम की कहिअइ । हमरा ई दस्तावेज से लगभग कोय बाधा नयँ हलइ । हमरा कनहूँ जाय के मन नयँ करऽ हलइ, आउ विदेश जाय खातिर मार्फ़ा पित्रोव्ना खुद्दे हमरा दू तुरी कहलका, ई जानके कि हम बोर हो रहलूँ हँ । लेकिन एकरा से की ? विदेश तो हम पहिलहीं हो अइलूँ हल, आउ हमेशे हमर जी खट्टा रहऽ हल । कोय विशेष नयँ, आउ अइकी हियाँ प्रभात हो रहले ह, अइकी नैपल्स के खाड़ी हइ, समुद्र, देखऽ ही, आउ कइसूँ उदास लगऽ हके । सबसे घृणास्पद बात तो ई, कि वस्तुतः हमेशे केकरो न केकरो बारे अदमी उदास रहऽ हइ ! नयँ, मातृभूमि में बेहतर हइ - हियाँ, कम से कम, सब मामला में दोसरा पर इलजाम थोपल जा सकऽ हइ, आउ खुद के बेकसूर समझल जा सकऽ हइ । हो सकऽ हइ, शायद, हम उत्तरी ध्रुव पर जइअइ, काहेकि j'ai le vin mauvais [जे ल वैँ मोवे (फ्रेंच) = शराब हमरा खराब लगऽ हके ], पीना हमरा घृणास्पद लगऽ हके, आउ शराब के छोड़के आउ कोय चीज हमरा पास नयँ बच्चल हके । हम कोशिश कइलूँ । लेकिन एकरा से की, लोग के कहना हइ, बेर्ग एतवार के एगो बड़का गो बैलून में  युसुपोव बाग से उड़ान भरे वला हइ, आउ सहयोगी यात्री के कोय खास फीस लेके आवे लगी आमंत्रित करऽ हइ, सही हइ ?"

"काहे, अपने की, जाके उड़ान भरथिन ?"
"हम ? नयँ ... अइसीं ...", स्विद्रिगाइलोव बड़बड़इलइ, वास्तव में जइसे सोच रहल होवे ।
"त की, वास्तव में, ऊ चाहऽ हइ ?" रस्कोलनिकोव सोचलकइ ।

"नयँ, दस्तावेज हमरा लगी कोय बाधा नयँ हलइ", विचारमग्न मुद्रा में स्विद्रिगाइलोव बात जारी रखलकइ, "ई हम खुद हलिअइ कि गाँव से बाहर नयँ जा हलिअइ । आउ लगभग एक साल होतइ, जब मार्फ़ा पित्रोव्ना हमर नामकरण के दिन के अवसर पर ऊ ई दस्तावेज हमरा वापिस कर देलका, आउ एकरा अलावे बहुत सारा रकम भी भेंट कइलका । उनका पास वस्तुतः बेशुमार दौलत हलइ । ‘देखथिन, हम अपने पर केतना विश्वास करऽ हिअइ, अर्कादी इवानोविच’, वास्तव में बिलकुल अइसीं उनकर अभिव्यक्ति हलइ । अपने के विश्वास नयँ होवऽ हइ, कि ऊ अइसे बोलला ? लेकिन जन्नऽ हथिन - वस्तुतः गाँव के जयदाद के हम व्यवस्थापक (मैनेजर) हलिअइ; पूरा पड़ोस के लोग हमरा जानऽ हइ । हम किताबो के औडर दे हलिअइ । मार्फ़ा पित्रोव्ना के पहिले तो एतराज नयँ होलइ, लेकिन बाद में उनका डर लगे लगलइ, कि हम जरूरत से जादहीं पढ़ऽ हिअइ ।

"लगऽ हइ, कि अपने के मार्फ़ा पित्रोव्ना के बहुत आद सतावऽ हइ ?"
"हम ? हो सकऽ हइ । सचमुच, शायद । आउ हाँ, अपने के भूत-प्रेत में विश्वास हकइ ?"
"कइसन भूत-प्रेत में ?"
"सामान्य भूत-प्रेत में, आउ कइसन !"
"आउ अपने के विश्वास हकइ ?"
"हाँ, शायद, आउ नयँ, pour vous plaire... [पूर वू प्लेर (फ्रेंच) = अपने के खुशी खातिर ] मतलब, नयँ वस्तुतः नयँ ..."
"त की, अपने के देखाय दे हइ ?"
स्विद्रिगाइलोव ओकरा तरफ कुछ विचित्र ढंग से देखलकइ ।
"मार्फ़ा पित्रोव्ना हमरा हीं भेंट देवे के किरपा करऽ हका", एगो विचित्र मुसकान में अपन मुँह के ऐंठते ऊ बोललइ।
"अपने के कहे के की मतलब हइ, 'भेंट देवे के किरपा करऽ हका' ?"
"ऊ तीन तुरी आ चुकला ह । पहिले तुरी तो हम उनका दफनावे के दिनमे देखलिअइ, उनका दफनावे के एक घंटा बाद । ई घटना हमरा हियाँ लगी प्रस्थान करे के एक दिन पहिले घटलइ । दोसरा तुरी तेसर दिन, रस्ता में, सुबहे-सुबहे, मालयऽ विशेरा टीसन पर; आउ तेसरा तुरी, दू घंटा पहिले, ऊ फ्लैट में, जाहाँ हम ठहरल हिअइ, कमरा में; हम अकेल्ले हलिअइ ।"
"आउ जग्गल हालत में ?"

"बिलकुल । तीनो तुरी जगले हालत में । आवऽ हका, एक मिनट बात करऽ हका आउ दरवाजा से बाहर चल जा हका; हमेशे दरवाजे से । एतना कि मानूँ आहटो सुनाय दे हइ ।"
"हम काहे सोच रहलिए हल, कि अपने के साथ पक्का अइसने कुछ हो रहले होत !" अचानक रस्कोलनिकोव बोललइ आउ ओहे क्षण अचंभित हो गेलइ, कि अइसन बात बोल गेलइ । ऊ बहुत अधिक उत्तेजित हलइ ।
"अ-इ-स-न ? अपने ई बात सोच रहलथिन हल ?" अचरज से स्विद्रिगाइलोव पुछलकइ, "की वास्तव में ? अच्छऽ, अच्छऽ, हम अपने के कहलिए हल न, कि हमन्हीं बीच कुछ तो एक जइसन हइ, हइ न ?"
"अइसन बात तो अपने हमरा कभी नयँ कहलथिन हल !" तीक्ष्णतापूर्वक आउ उत्तेजित होके रस्कोलनिकोव उत्तर देलकइ ।
"नयँ बतइलिए हल ?"
"नयँ !"

"हमरा लगलइ, कि हम बतइलिए हल । पहिले, जइसीं हम अंदर अइलिअइ आउ देखलिअइ, कि अपने आँख मुनके पड़ल हथिन, लेकिन खाली देखावा कर रहलथिन हँ - तभिए हम खुद के कहलिअइ - 'ई ओहे अदमी हकइ!' "
"की मतलब - 'ओहे अदमी' ? अपने केकरा बारे बात कर रहलथिन हँ ?" रस्कोलनिकोव चिल्लइलइ ।
"केकरा बारे ? लेकिन सचमुच, हमरा नयँ मालूम, कि केकरा बारे ...", निष्कपट भाव से, आउ कइसूँ खुद चकराल, स्विद्रिगाइलोव बड़बड़इलइ ।
एक मिनट तक दुन्नु चुप रहला । दुन्नु एक दोसरा के आँख फाड़के देखते रहला ।
"ई सब बकवास हइ !" झुंझलइते रस्कोलनिकोव चिल्लइलइ । "जब ऊ आवऽ हथिन, त अपने से की बोलऽ हथिन ?"
"ऊ न ? कल्पना करथिन, तुच्छ से तुच्छ चीज के बारे, आउ व्यक्ति तो विचित्र हइ ! - हमरा तो एकरा से गोस्सा बर जा हइ । पहिले तुरी अंदर अइला (अपने तो जानऽ हथिन, हम थक्कल हलिअइ - अंत्येष्टि अनुष्ठान, स्तोत्र 'शांति द अपन संतन के, क्राइस्ट, अपन दासन के आत्मा के ...' [5], बाद में अभिमन्त्रण (the blessings), अंत्येष्टि के बाद के भोजन - आखिरकार अध्ययन-कक्ष में अकेल्ले रह गेलिअइ, सिगार पीए लगलिअइ, आउ सोचे लगलिअइ), ऊ दरवाजा से अंदर अइला - आउ बोलऽ हका, 'आझ तो, अर्कादी इवानोविच, अपने के दौड़-धूप करे पड़लइ आउ अपने भोजन के कमरा में के घड़ी में चाभिए देवे लगी भूल गेलथिन ।' आउ पिछले सात साल से, हम हरेक सप्ताह खुद्दे ई घड़ी में चाभी देते अइलिए ह, आउ जब कभी भूल जइबइ - त ऊ हमेशे हमरा आद देलइता । दोसरा दिन हम हियाँ लगी रवाना होलिअइ । सुबह होला पर हम टीसन में घुसलिअइ - रात भर झुक रहलिए हल, टुट्टल, आँख निनारू - कॉफी लेलिअइ; देखऽ हिअइ - मार्फ़ा पित्रोव्ना अचानक हमर बगल में बइठल हका, हाथ में ताश के गड्डी हइ - 'हम अपने के यात्रा के दौरान के भाग्य बतइअइ, अर्कादी इवानोविच?' ऊ ताश से भाग्य बतावे में दक्ष हला । हूँ, हम अपना के माफ नयँ करबइ, कि हम उनका भाग्य बतावे लगी नयँ कहलिअइ ! डरके हम भाग गेलिअइ, आउ एन्ने, सच हइ, घंटियो बज रहले हल । आझ एगो कैंटीन के खराब खाना खइला के चलते, पेट भारी-भारी लग रहल हल - बइठल सिगार पी रहलूँ हँ - अचानक फेर से मार्फ़ा पित्रोव्ना, हरियर रंग के एगो नयका रेशमी पोशाक पेन्हले, जेकरा में लम्मा पुछल्ला हलइ, अंदर आवऽ हका आउ बोलऽ हका - 'नमस्ते, अर्कादी इवानोविच ! हमर पोशाक अपने के कइसन लगऽ हइ ? अनिस्का अइसन कभी नयँ सीयऽ हइ ।' (अनिस्का - हमन्हीं के गाँव के कपड़ा सीये के काम करऽ हलइ, पहिले के बंधुआ मजूर परिवार से, प्रशिक्षण लगी मास्को गेले हल - बहुत निम्मन लड़की हलइ ।) हमरा सामने खड़ी, हमर चारो तरफ घूम रहला ह । हम पोशाक तरफ देखलिअइ, बाद में ध्यान से उनकर चेहरा तरफ देखलिअइ आउ बोललिअइ - 'अपने के मर्जी, मार्फ़ा पित्रोव्ना, अपने अइसन छोट-छोट बात लगी हमरा भिर परेशान करे लगी आवऽ हथिन ।' - 'हे भगमान, बाबू साहेब, त तोरा जरियो सुनी तंग नयँ करे के चाही !' हम उनका चिढ़ावे खातिर बोलऽ हिअइ - 'हम, मार्फ़ा पित्रोव्ना, शादी करे लगी चाहऽ हिअइ ।' - 'अपनहीं से अइसन हो सकऽ हइ, अर्कादी इवानोविच; ई अपने के शोभा नयँ दे हइ, कि अपने अपन बीवी के ठीक से दफनइवो नयँ कइलथिन, आउ तुरतम्मे शादी करे चललथिन । आउ हलाँकि निमनो चुनथिन, तइयो हम जानऽ हिअइ - न तो ई ओकरा लगी आउ न अपने लगी ई अच्छा होतइ, खाली अपने निम्मन लोग के हँस्से लगी मजबूर कर देथिन ।' एतना कहके ऊ बाहर निकस गेला, आउ पुछल्ला के मानूँ हमरा सरसराहट सुनाय दे हले । ई सब बकवास हइ, हइ न?"

"लेकिन शायद अपने सब कुछ झूठ बता रहलथिन हँ ?" रस्कोलनिकोव के प्रतिसाद (response) हलइ ।
"हम शायदे झूठ बोलऽ हिअइ", स्विद्रिगाइलोव उत्तर देलकइ, विचारमग्न होल आउ मानूँ सवाल के अशिष्टता पर बिन कोय ध्यान देले ।
"आउ एकरा से पहिले कभी भूत नयँ देखऽ हलथिन ?"
"न ... नयँ, जिनगी में खाली एक तुरी देखलिअइ, छो साल पहिले । हमरा पास एगो घरेलू नौकर हलइ - फ़िलका; जइसीं ओकरा दफनइलिअइ, भूलके हम चिल्लइलिअइ - 'फ़िलका, हमर पाइप लाव !' ऊ अंदर अइलइ, आउ सीधे ऊ अनवारी तरफ गेलइ, जाहाँ परी हमर पाइप रहऽ हइ । हम बइठल सोच रहलूँ हँ - "ई ऊ हमरा पर बदला लेवे खातिर कर रहल ह", काहेकि ओकर मौत के ठीक पहिले हमन्हीं बीच कसके लड़ाय होले हल । हम बोलऽ हिअइ, 'टुट्टल केहुनी के हालत में तूँ हमरा पास अंदर आवे के जुर्रत कइसे करऽ हीं ? - चल, भाग, शैतान !" ऊ मुड़लइ, बहरसी चल गेलइ आउ बाद में फेर नयँ अइलइ । हम मार्फ़ा पित्रोव्ना के तखने नयँ बतइलिअइ । हमरा ओकरा लगी मृतक-कर्म करावे के मन कइलकइ, लेकिन हम शर्मिन्दगी अनुभव कइलिअइ ।"

"अपने कोय डाक्टर के पास जाथिन ।"
"ई तो हम अपने के कहले बगैर समझऽ हिअइ, कि हम बेमार हकिअइ, हलाँकि, ई सच हइ, नयँ मालूम हमरा में की गड़बड़ी हइ; हमर विचार में, हम वास्तव में अपने से पाँच गुना जादे स्वस्थ हिअइ । हम अपने के ई बारे नयँ पुछलिए हल - अपने विश्वास करऽ हथिन कि नयँ, कि भूत-प्रेत देखाय दे हइ ? हम अपने के पुछलिए हल - अपने विश्वास करऽ हथिन कि भूत-प्रेत होवऽ हइ ?"
"नयँ, हमरा कउनो हालत में विश्वास नयँ होत !" एक प्रकार से गोसइते रस्कोलनिकोव चिल्लइलइ ।

"वस्तुतः साधारणतः लोग की बोलऽ हइ ?" स्विद्रिगाइलोव बड़बड़इलइ, मानूँ खुद से, बगल में देखते आउ अपन सिर जरी सुन झुकाके । लोग बोलऽ हइ, "तूँ बेमार हँ, मतलब, कि जे कुछ तोरा देखाय दे हउ, ऊ खाली एगो अस्तित्वहीन कल्पना हकउ ।" लेकिन वस्तुतः एकरा में कोय ठोस तर्क नयँ हइ । हम ई बात से सहमत हिअइ, कि भूत-प्रेत खाली बेमार अदमी के देखाय दे हइ; लेकिन वस्तुतः ई केवल प्रमाणित करऽ हइ, कि भूत-प्रेत खाली बेमारे अदमी के देखाय दे सकऽ हइ, लेकिन ई बात के नयँ कि ओकर अस्तित्व हइए नयँ हइ ।"

"निस्संदेह, नयँ !" चिढ़के रस्कोलनिकोव अपन बात पर अड़ल रहलइ ।

"नयँ ? अपने अइसन सोचऽ हथिन ?" धीरे-धीरे ओकरा तरफ देखते स्विद्रिगाइलोव बात जारी रखलकइ । "लेकिन ई तर्क के बारे अपने के की कहना हइ (एकरा में हमर मदत करथिन) - 'भूत-प्रेत - अइसे कहल जाय कि ई दोसर-दोसर दुनियाँ के छोटगर-छोटगर टुकड़ा हइ, ओकन्हीं के शुरुआत । जाहिर हइ, स्वस्थ अदमी के ओकन्हीं के देखे के कोय कारण नयँ हइ, काहेकि स्वस्थ अदमी सबसे अधिक ई पृथ्वी के अदमी हइ, मतलब कि, ओकरा खाली हियाँ के जिनगी जीए के हइ, पूर्णता आउ व्यवस्था खातिर । लेकिन जइसीं बेमार पड़लइ, कि जीव में सामान्य पार्थिव व्यवस्था बिगड़लइ, आउ ओहे क्षण दोसर दुनियाँ के संभावना अनुभव करे लगऽ हइ, आउ जेतने जादे ऊ बेमार होवऽ हइ, ओतने जादे संपर्क दोसर दुनियाँ से होवऽ हइ, एतना कि जब ऊ बिलकुल मर जा हइ, त सीधे ऊ दोसर दुनियाँ में चल जा हइ ।' अइसन बात हम बहुत लम्मा समय से सोचब करऽ हिअइ। अगर (मौत के बाद) भावी जीवन के बारे विश्वास करऽ हथिन, त ई तर्क में भी विश्वास कर सकऽ हथिन।"

"हमरा भावी जीवन पर विश्वास नयँ", रस्कोलनिकोव कहलकइ ।
स्विद्रिगाइलोव विचारमग्न मुद्रा में बइठल रहलइ ।
"आउ अगर हुआँ खाली मकड़ा, चाहे अइसने तरह के कुछ रहइ, तब ?" ऊ अचानक कहलकइ ।
"ई पागल हइ", रस्कोलनिकोव सोचलकइ ।

"हम सब के शाश्वतता (मौत के बाद अनंत जीवनचक्र) हमेशे एगो अइसन विचार लगते रहऽ हइ, जेकरा समझल नयँ जा सकऽ हइ, कुछ तो विशाल, विशाल ! लेकिन ई काहे बिलकुल विशाल होवे के चाही ? आउ अचानक, ई सब के स्थान पर, कल्पना करऽ, हुआँ एगो कमरा होतइ, गाँव के  स्नानघर जइसन, कारिख लग्गल, आउ सब्भे कोना में मकड़ा भरल, आउ एहे हइ पूरा शाश्वतता । जानऽ हथिन, हमरा एहे रूप में कभी-कभी प्रतीत होवऽ हइ ।"
"आउ की वस्तुतः, वास्तव में, अपने एकरा से आउ कुछ अधिक शांतिदायक आउ अधिक उचित के कल्पना नयँ कर सकऽ हथिन !" कष्टदायक भावना के साथ रस्कोलनिकोव चिल्लइलइ ।
"अधिक उचित ? आउ कइसे जानल जा सकऽ हइ, शायद, एहे उचित होवइ, आउ जानऽ हथिन, हम तो पक्का जान-बूझके अइसीं करिअइ !" एक अस्पष्ट मुसकान के साथ स्विद्रिगाइलोव उत्तर देलकइ ।

ई भद्दा जवाब से रस्कोलनिकोव के देह में अचानक एक प्रकार के सिहरन दौड़ गेलइ । स्विद्रिगाइलोव सिर उठइलकइ, एकटक ओकरा तरफ देखे लगलइ आउ फेर अचानक ठठाके हँस पड़लइ ।
"नयँ, अपने अइकी ई बात के कल्पना करथिन", ऊ चिल्लइलइ, "आध घंटा पहिले तक हम एक दोसरा के देखवो नयँ कइलिए हल, एक दोसरा के दुश्मन समझऽ हिअइ, हमन्हीं बीच गर-सलटावल एगो काम हइ; हमन्हीं असली काम के बात छोड़ देते गेलिअइ आउ अइकी कइसन साहित्य में घुस गेते गेलिअइ ! हम ठीके कहलिए हल न, कि हमन्हीं एक्के थैली के चट्टा-बट्टा हिअइ ?"

"मेहरबानी करथिन", चिड़चिड़ाल रस्कोलनिकोव बात जारी रखलकइ, "हमरा जल्दी से जल्दी समझावे आउ बतावे लगी निवेदन करे के अनुमति देथिन, कि काहे हमरा हीं अपने भेंट देवे के इज्जत बकसलथिन ... आउ ... आउ ... हम जरी जल्दी में हिअइ, हमरा बिलकुल समय नयँ हइ, हमरा बाहर जाय के हइ ..."
"जरूर, जरूर । अपने के प्रिय बहिन, अवदोत्या रोमानोव्ना, मिस्टर लुझिन, प्योत्र पित्रोविच से शादी करे जा रहलथिन हँ ?"
"की अइसन नयँ कर सकऽ हथिन, कि कइसूँ हमर बहिन के बारे कउनो सवाल नयँ करथिन, आउ ओकर नाम तक नयँ लेथिन ? हमरा एहो समझ में नयँ आवऽ हइ, कि अपने हमरा सामने ओकर नाम लेवे के साहस कइसे करऽ हथिन, अगर वास्तव में अपने स्विद्रिगाइलोवे हथिन ?"
"लेकिन वस्तुतः हम तो उनके बारे बोले लगी अइलिए ह, फेर उनकर नाम के उल्लेख कइसे नयँ करिअइ ?"
"ठीक हइ; बोलथिन, लेकिन जरी जल्दी !"

"हमरा अकीन हइ, कि अपने ई मिस्टर लुझिन, जे हमर घरवली के तरफ से रिश्तेदार होवऽ हइ, के बारे अपन धारणा बना चुकलथिन होत, अगर ओकरा आधो घंटा लगी देखलथिन होत, चाहे ओकरा बारे कुच्छो सच-सच आउ ठीक-ठीक सुनलथिन होत । अवदोत्या रोमानोव्ना लगी ऊ ठीक जोड़ी नयँ हइ । हमर विचार में, अवदोत्या रोमानोव्ना ई मामला में बहुत उदारता आउ निष्काम भाव से अपने आप के बलिदान ... अपन परिवार के खातिर कर रहला ह । अपने के बारे जे कुछ सुनलिअइ, ओकर आधार पर हमरा लगलइ, कि अपने अपन तरफ से बहुत खुश होथिन, अगर अपने सब के हित के बिन कोय नुकसान के ई शादी टूट जाय । आउ अब तो अपने के साथ व्यक्तिगत रूप से मिल लेला पर, एकरा बारे तो हमरा पक्का अकीनो हइ ।"

"अपने के तरफ से ई सब नादानी हइ; माफ करथिन हमरा, हम कहे लगी चाहऽ हलिअइ - ढिठाई",रस्कोलनिकोव बोललइ ।

"अपने के कहे के मतलब हइ, कि हम अपन उल्लू सीधा करे लगी चाहऽ हिअइ । चिन्ता नयँ करथिन, रोदियोन रोमानोविच, अगर हम अपन फयदा के बारे सोचे वला रहतिए हल, त हम एतना सीधे बात नयँ करतिए हल, हम बिलकुल मूरख नयँ हिअइ । ई मामला में हम अपने के एगो मनोवैज्ञानिक विचित्रता खोलऽ हिअइ । हाल में हम, अवदोत्या रोमानोव्ना से अपन प्यार के बात के सफाई में बोललिअइ, कि हम खुद शिकार हलिअइ । तब अपने एहो जान लेथिन, कि अभी हम कइसनो प्यार अनुभव नयँ करऽ ही, कइसनो नयँ, हमरा खुद्दे भी ई विचित्र लगऽ हइ, काहेकि हम वास्तव में कुछ अनुभव कइलिअइ ..."
"निठल्लापन आउ लंपटता के कारण", रस्कोलनिकोव बीच में बोललइ ।
"वास्तव में हम अदमिए लंपट आउ आलसी हिअइ । तइयो, अपने के प्रिय बहिन में एतना श्रेष्ठता हइ, कि हम बिन प्रभावित होले नयँ रह सकलिअइ । लेकिन ई सब बकवास हइ, जइसन कि हम खुद्दे देखऽ हिअइ ।
"की बहुत पहिलहीं देखलथिन हल ?"

"हम ई बात के नोटिस करे तो पहिलहीं लगलिए हल, आखिरकार आश्वस्त परसुन होलिअइ, लगभग ओहे क्षण, जब हम पितिरबुर्ग पहुँचलिअइ । मास्को में रहे तक भी हम एहे कल्पना कर रहलिए हल, कि हम अवदोत्या रोमानोव्ना के हाथ प्राप्त करे आउ मिस्टर लुझिन के साथ प्रतिस्पर्द्धा करे लगी जा रहलूँ हँ ।"             
"माफ करथिन, कि हम अपने के बीच में टोक रहलिए ह, मेहरबानी करथिन - संक्षेप में अपन बात कहथिन आउ सीधे अपन भेंट देवे के उद्देश्य पर आ जाथिन । हम जरी जल्दी में हिअइ, हमरा बाहर जाय के हइ ..."

"बड़ी खुशी से । हियाँ पहुँचके आउ कोय ... यात्रा पर जाय के निर्णय कर लेला पर, हम आवश्यक प्रारंभिक तैयारी कर लेवे लगी चाहऽ हलिअइ । हमर बाल-बुतरून अपन चाची के हियाँ ठहर गेते गेलइ; ओकन्हीं सब धनगर हकइ, आउ ओकन्हीं लगी व्यक्तिगत रूप से हमर जरूरत नयँ हइ । आउ हम कइसन बाप हकिअइ ! हम अपना लगी ओतने लेलिअइ, कि जे कुछ हमरा मार्फ़ा पित्रोव्ना एक साल पहिले उपहार में देलका हल । हमरा लगी ई काफी हइ । माफ करथिन, अब हम मतलब के बात पर आ रहलिए ह । ई यात्रा के पहिले, जे शायद वास्तव में हो सकऽ हइ, हम मिस्टर लुझिन के मामला भी सलटा लेवे लगी चाहऽ हिअइ । ई बात नयँ हइ, कि ऊ हमरा लगी ओतना असहनीय हलइ, लेकिन ओकरे कारण मार्फ़ा पित्रोव्ना के साथ हमरा झगड़ा होलइ, जब हमरा पता चललइ, कि ओकरे ई शादी तय करावे में हाथ हलइ । अब हम अपने के माध्यम से अवदोत्या रोमानोव्ना से मिल्ले लगी चाहऽ हिअइ, आउ शायद अपनहीं के उपस्थिति में उनका समझा सकऽ हिअइ - पहिला, कि मिस्टर लुझिन से नयँ केवल उनका कोय जरिक्को फयदा नयँ होतइ, बल्कि स्पष्ट रूप से घाटे होतइ । तब हाल के ई सब्भे कष्ट खातिर माफी माँगके, हम दस हजार रूबल के उपहार देवे के उनकर अनुमति माँगबइ, आउ ई तरह से मिस्टर लुझिन से रिश्ता टुट्टे में असानी होतइ, जेकरा चलते हम आश्वस्त हकिअइ, कि ऊ खुद्दे विरोध नयँ करता, अगर अइसन खाली संभावना मिलइ ।"

"लेकिन अपने वास्तव में, वास्तव में पागल हथिन !" रस्कोलनिकोव चिल्लइलइ, ओकरा ओतना गोस्सा नयँ होलइ, जेतना कि अचरज । "अइसन बात करे के अपने के हिम्मत कइसे होवऽ हइ !"
"हमरा मालूम हलइ, कि अपने चिल्लइथिन; लेकिन, पहिला, हम हलाँकि धनी नयँ हिअइ, लेकिन ई दस हजार रूबल हमरा पर निर्भर हइ, कि एकरा कइसे खरच करिअइ, मतलब, हमरा लगी ई बिलकुल, बिलकुल जरूरी नयँ हइ । अगर अवदोत्या रोमानोव्ना नयँ स्वीकार करऽ हका, तब हम शायद ओकरा आउ बेवकूफी नियन इस्तेमाल कर सकऽ हिअइ । ई तो होलइ पहिला बात । दोसरा - हमर अंतःकरण बिलकुल शांत हइ; हमर प्रस्ताव बिन कउनो गणना (अर्थात् बिन कोय भावी प्रयोजन) के हइ । विश्वास करथिन, चाहे नयँ करथिन, लेकिन बाद में चलके अपने आउ अवदोत्या रोमानोव्ना दुन्नु के पता चल जइतइ । बात ई हइ, कि हमरा चलते वास्तव में अपने के बहुत आदरणीय प्रिय बहिन के कुछ कष्ट आउ नराजगी होले ह; मतलब, अंतर्मन से पश्चात्ताप अनुभव करते, हमर तहे दिल से कामना हइ - न तो कोय हर्जाना, आउ न नराजगी खातिर कोय भुगतान, बल्कि सीधे-साधे कुछ उनका लगी लाभदायक करे के, ई आधार पर कि वास्तव में हमरा खाली दोसरा लगी नुकसान पहुँचावे के विशेषाधिकार हइ । अगर हमर प्रस्ताव में दस लाखवाँ हिस्सा (अर्थात् रत्ती भर) भी गणना रहते हल, त हम अइसे सीधे प्रस्ताव नयँ रखतिए हल; आउ न हम खाली दस हजार के प्रस्ताव रखतिए हल, जबकि खाली पाँचे सप्ताह पहिले हम उनका एकरा से जादे के प्रस्ताव रखलिए हल । एकरा अलावे हम, शायद, बहुत, बहुत जल्दीए एगो लड़की से शादी करबइ, जेकरा से बाद में, अवदोत्या रोमानोव्ना के विरुद्ध कोय भी प्रयास के शंका अपने आप चकनाचूर हो जइतइ । आखिरकार (उपसंहार के रूप में) हम कहबइ, कि मिस्टर लुझिन के साथ शादी करके, अवदोत्या रोमानोव्ना ओहे पइसा लेता, खाली दोसरा तरफ से ... अपने गोस्सा नयँ करथिन, रोदियोन रोमानोविच, शांति से आउ ठंढा दिमाग से सोचथिन ।"

ई सब कहते बखत स्विद्रिगाइलोव भी बहुत अधिक दिमाग ठंढा कइले आउ शांत हलइ ।
"निवेदन हइ कि अब बस करथिन", रस्कोलनिकोव कहलकइ । "कइसनो हालत में, ई अक्षम्य रूप के ढिठाई हइ।"
"अइसन बात बिलकुल नयँ हइ । अगर अइसन होते हल, त एगो व्यक्ति दोसर व्यक्ति के ई संसार में खाली बुराई कर सकते हल, आउ एकर विपरीत, रिक्त पारंपरिक औपचारिकता के कारण, ओकरा अच्छाई के एगो अंश तक करे के अधिकार नयँ होते हल । ई बेतुका हइ । अगर हम, उदाहरणस्वरूप, मर जइअइ आउ अपने के प्रिय बहिन के नाम से वसीयत करके ई रकम रख दिअइ, त की वास्तव में ऊ तभियो एकरा अस्वीकार कर लेता?"

"बहुत संभव हइ ।"
"जी, अइसन नयँ हो सकऽ हइ । लेकिन तइयो, अगर नयँ, त नहिंएँ सही, अपने के कहल मोताबिक होवे । लेकिन खाली दसो हजार - बखत पर बड़गो काम दे सकऽ हइ । कइसनो हालत में, हम अपने से निवेदन करऽ हिअइ, कि जे कुछ हम कहलिए ह, ऊ अवदोत्या रोमानोव्ना के बता देथिन ।"
"जी नयँ, हम नयँ बतइबइ ।"
"ओइसन हालत में, रोदियोन रोमानोविच, हम खुद व्यक्तिगत रूप से भेंट करे लगी लचार हो जइबइ, मतलब, एक तरह से परेशान करे लगी ।"
"आउ अगर हम बता देबइ, त की अपने व्यक्तिगत रूप से भेंटे के प्रयास नयँ करथिन ?"
"सचमुच, हमरा समझ में नयँ आवऽ हइ, कि हम अपने के कीऽ कहिअइ । एक तुरी मिल्ले के तो हमरा बहुत इच्छा करतइ ।"
"एकर आशा नयँ करथिन ।"
"अफसोस । लेकिन, अपने हमरा नयँ जानऽ हथिन । शायद हमन्हीं आउ नगीच आ जइते जइअइ ।"
"अपने सोचऽ हथिन, कि हमन्हीं आउ नगीच आ जइते जइबइ ?"
"आउ काहे नयँ ?" मुसकाके स्विद्रिगाइलोव कहलकइ, उठ खड़ी होलइ आउ अपन टोप ले लेलकइ, "ई बात नयँ हइ, कि हमर बहुत इच्छा हलइ कि अपने के परेशान करिअइ, आउ हियाँ अइते बखत, हम बहुत आशा भी नयँ कइलिए हल, हलाँकि, आझ सुबहे अपने के चेहरा-मोहरा हमरा अचंभित कर देलके हल ..."
"काहाँ परी आझ सुबहे हमरा देखलथिन हल ?" बेचैनी के साथ रस्कोलनिकोव पुछलकइ ।

"जी, अइसीं संयोग से ... हमरा हमेशे लगऽ हइ, कि अपने में कुछ तो हइ जे हमरा से मेल खा हइ ... लेकिन परेशान नयँ होथिन, हम चमचिच्चड़ (उबाऊ) नयँ हकिअइ; आउ पत्तेबाज से हमरा अच्छा निभऽ हलइ, हम राजकुमार स्विरबेय के कभी नयँ उबइलिअइ, जे हमर दूर के रिश्तेदार आउ मशहूर आउ धनी-मानी व्यक्ति हलथिन, आउ हम मादाम प्रिलुकोवा के एलबम लगी राफायेल के मादोन्ना के बारे लिख सकऽ हलिअइ, आउ मार्फ़ा पित्रोव्ना के साथ लगातार सात साल तक रहलिअइ, आउ पुआलमंडी में व्याज़ेम्स्की के घर में पुराने समय में रात गुजारऽ हलिअइ, आउ शायद बेर्ग के साथ बैलून में उड़ान भरबइ ।"

"अच्छऽ, ठीक हइ जी । ई पुच्छे के अनुमति देथिन, कि अपने जल्दीए यात्रा पर निकस रहलथिन हँ ?"
"कइसन यात्रा में ?"
"एहे कोय 'यात्रा' ... खुद अपनहीं तो कहलथिन हल ।
"यात्रा में ? ओ हाँ ! ... वास्तव में, हम अपने के यात्रा के बारे बोललिए हल ... खैर, ई सवाल जरी बड़गर हइ ... लेकिन अगर खाली अपने जानथिन हल, कि कउन बात के बारे पूछ रहलथिन हँ !" ऊ बोललइ आउ अचानक जोर से लेकिन छोटगर हँस्सी हँसलइ ... "हम शायद यात्रा के बजाय शादी करबइ; हमरा लगी दुलहिन के जोड़ी खोजल जा रहले ह ।"
"हियाँ परी ?"
"हाँ ।"
"अपने के समय कब मिल पइलइ ?"

"लेकिन अवदोत्या रोमानोव्ना के साथ एक तुरी भेंट करे के बहुत मन करऽ हइ । गंभीरतापूर्वक निवेदन करऽ हिअइ । अच्छऽ, फेर भेंट होतइ ... ओह, हाँ ! अइकी एक बात तो हम भूलिए गेलिअइ ! रोदियोन रोमानोविच, अपने प्रिय बहन के ई बात बता देथिन, कि मार्फ़ा पित्रोव्ना अपन वसीयत में उनका लगी तीन हजार रूबल के उल्लेख कइलका ह । ई बात बिलकुल पक्का हइ । मार्फ़ा पित्रोव्ना अपन मौत से एक सप्ताह पहिले एकर बंदोबस्त कइलका हल, आउ ई काम हमरा सामने होले हल । दू-तीन सप्ताह में अवदोत्या रोमानोव्ना के ई पइसा मिल जा सकऽ हइ ।"

"अपने सच कह रहलथिन हँ ?"
"सच । बता देथिन । अच्छऽ जी, हम अपने के नौकर । हम वस्तुतः अपने से कुच्छे दूर पर ठहरल हिअइ ।"
बाहर निकसते बखत, स्विद्रिगाइलोव दरवजवा पर रज़ुमिख़िन के साथ टकरा गेलइ ।


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