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Sunday, October 15, 2017

2.19 रूसी कहानी "काला पान के बीवी" ; अध्याय-2

2
"Il paraît que monsieur est décidément pour les suivantes."
"Que voulez-vouz, madame? Elles sont plus fraîches."

("अइसन लगऽ हइ कि महाशय नौकरानी लोग के जादे चाहऽ हथिन ।"

"की कइल जाय, मैडम ? ओकन्हीं में जादे ताजगी होवऽ हइ ।")
--- उच्च समाज के बातचीत । [1]

बूढ़ी काउंटेस *** अपन शृंगार-कक्ष में दर्पण के सामने बैठल हलइ । तीन नवयुवती नौकरानी ओकरा घेरले हलइ । एगो गाजा (rouge) के डिबिया लेले हलइ, दोसरकी हेयर-पिन के डिबिया, तेसरकी अंगारा के रंग के रिब्बन के साथ उँचगर टोपी । काउंटेस अपन सुन्दरता के जरिक्को दावा नयँ करऽ हलइ, जे कब के मुरझा गेले हल, लेकिन अभियो तक अपन जवानी के आदत बरकरार रखले हलइ, (अठरहमी शताब्दी के) सत्तर के दशक के फैशन के कड़ाई से निभावऽ हलइ आउ ओइसीं पोशाक के धारण करे में बहुत समय लगावऽ हलइ, ओतने परिश्रम से, जेतना साठ साल पहिले । खिड़की बिजुन एगो नवयुवती, जे ओकर संरक्षिता हलइ, कारचोब (लकड़ी के ऊ चौखटा जेकरा पर कपड़ा तानके कशीदाकारी के काम कइल जा हइ, embroidery frame) के सामने बैठल हलइ ।
"निम्मन स्वास्थ्य के कामना, ग्राँ-मामाँ" [grand'maman - (फ्रेंच) दादी], अंदर आके नवयुवक अफसर बोललइ । "बौँजु, मद्म्वाज़ेल लीज़" [Bonjour, mademoiselle Lise - (फ्रेंच) शुभ दिवस, मिस लीज़ा] । ग्राँ-मामाँ, हम अपने के पास एगो अनुरोध करे लगी अइलिए ह ।"
"की बात हइ, पॉल ?"
"अपन एगो मित्र के अपने के सामने परिचित करावे लगी आउ शुक्रवार के दिन बॉल नृत्य में ओकरा अपने हियाँ लावे के अनुमति देथिन ।"
"ओकरा सीधे बॉल नृत्य में हीं ले अइहँऽ, आउ हुएँ ओकर परिचय दीहँऽ । अच्छऽ, कल तूँ *** हियाँ गेलहीं हल?"
"कइसे नयँ जइतिए हल ! हुआँ बहुत मजा अइलइ; पाँच बजे तक नृत्य होलइ । केतना सुंदर लग रहले हल इलेत्स्कयऽ !"
"हले ले, हमर प्यारे ! ओकरा में सुंदर कउची हइ ? ओकर दादी राजकुमारी दार्या पित्रोव्ना के जरी देखतहीं हल ! ... संयोगवश - हमरा लगऽ हइ, राजकुमारी दार्या पित्रोव्ना अब तो बहुत बूढ़ी हो गेलथिन होत ?"
"की, बूढ़ी हो गेलथिन होत ?" अन्यमनस्कता से तोम्स्की उत्तर देलकइ. "उनकर देहान्त होल तो सात बरिस हो गेलइ ।"
नवयुवती अपन सिर उठइलकइ आउ नवयुवक के इशारा कइलकइ । ओकरा आद पड़लइ कि बूढ़ी काउंटेस से ओकर समवयस्क लोग के मौत के बात छिपावल गेले हल, आउ ऊ भूल लगी अपन होंठ काट लेलकइ । लेकिन काउंटेस ई समाचार के, जे ओकरा लगी नावा हलइ, बड़ी भावशून्यता से सुनलकइ ।
"मर गेलथिन !" ऊ कहलकइ, "आउ हमरा पते नयँ ! हमन्हीं दुन्नु के लेडी-इन-वेटिंग (lady-in-waiting, maids of honour) नियुक्त कइल गेले हल, आउ जब हमन्हीं सामने गेलिअइ, त साम्राज्ञी ..."
आउ काउंटेस पोतवा के सोम्मा (सौवाँ) तुरी अपन ओहे खिस्सा सुनइलकइ ।
"अच्छऽ, पॉल", बाद में ओकरा कहलकइ, "अब हमरा उट्ठे में जरी मदत कर । लिज़ान्का, हमर नासदानी (snuffbox) काहाँ परी हइ ?"
आउ काउंटेस अपन नौकरानी सब के साथ अपन साज-शृंगार पूरा करे लगी परदा के पीछू चल गेलइ । तोम्स्की नवयुवती के साथ रह गेलइ ।
"केकरा अपने परिचित करवावे लगी चाहऽ हथिन ?" लिज़ावेता इवानोव्ना धीरे से पुछलकइ ।
"नारूमोव के । अपने उनका जानऽ हथिन ?"
"नयँ ! ऊ सैनिक हथिन कि असैनिक ?"
"सैनिक ।"
"इंजीनियर ?"
"नयँ ! अश्वारोही सैनिक । लेकिन अपने कइसे सोचलथिन कि ऊ इंजीनियर हथिन ?"
नवयुवती हँस पड़लइ आउ एक्को शब्द नयँ बोललइ ।
"पॉल !" परदा के पीछू से काउंटेस बोललइ, "हमरा पास कइसनो नयका उपन्यास भेजवा दीहँऽ, लेकिन किरपा करके खाली आधुनिक नयँ ।"
"की मतलब, ग्राँ-मामाँ ?"
"मतलब अइसन उपन्यास, जेकरा में नायक न तो अपन बाप के गला घोंटे, आउ न माय के आउ जेकरा में डुबावल लाश के वर्णन नयँ होवे । हमरा डुबावल लाश से बहुत डर लगऽ हके !"
"अइसन उपन्यास आझकल नयँ होवऽ हइ । की अपने के रूसी उपन्यास नयँ चाही ?"
"त की वास्तव में रूसी उपन्यास हकइ ? ... भेजवा दीहँऽ, बबुआ, किरपा करके भेजवा दीहँऽ !"
"क्षमा करथिन, ग्राँ-मामाँ - हम जरी जल्दी में हिअइ ... क्षमा करथिन, लिज़ावेता इवानोव्ना ! कइसे अपने सोचलथिन कि नारूमोव इंजीनियर हथिन ?"
आउ तोम्स्की शृंगार-कक्ष से बाहर हो गेलइ ।
लिज़ावेता इवानोव्ना अकेल्ले रह हेलइ - ऊ अपन काम छोड़ देलकइ आउ खिड़की से बहरसी हुलके लगलइ । जल्दीए सड़क के एक दने कोनमा भिर के घरवा से एगो नवयुवक अफसर देखाय देलकइ । ओकर गाल पर लाली छा गेलइ - ऊ फेर से अपन काम में लग गेलइ आउ अपन सिर ठीक किरमिच (canvas) पर झुका लेलकइ । तखनिएँ काउंटेस अंदर अइलइ, पूरा सज-धजके ।
"लिज़ान्का, गाड़ी तैयार करे के औडर दे दे", ऊ बोललइ, "आउ हमन्हीं जरी घुम्मे जइबइ ।"
लिज़ान्का किरमिच के पीछू से उठलइ आउ अपन काम समेटे लगलइ ।
"की तूँ, माय हमर ! बहिर हो गेलहीं की !" काउंटेस चिल्लइलइ । "जल्दी से करेता (घोड़ागाड़ी) में घोड़ा जोते लगी औडर दे दे ।"
"अभिए जा हिअइ !" नवयुवती धीरे से उत्तर देलकइ आउ दौड़ल ड्योढ़ी में अइलइ ।
नौकर अंदर अइलइ आउ राजकुमार पावेल अलिक्सांद्रोविच के तरफ से कुछ पुस्तक सौंपलकइ ।
"ठीक हइ ! हमरा तरफ से धन्यवाद कह देहीं ।" काउंटेस कहलकइ । "लिज़ान्का, लिज़ान्का ! काहाँ दौड़ल जाब करऽ हीं ?"
"कपड़ा पेन्हे लगी ।"
"जरी जल्दी कर रहलँऽ हँ, दुलारी । हियाँ बैठ । पहिला खंड (volume) खोल; जोर से पढ़ ..."
नवयुवती किताब लेलकइ आउ कुछ पंक्ति पढ़लकइ ।
"आउ जोर से !" काउंटेस कहलकइ । "तोरा की हो गेलो ह, माय हमर ? तोर गला बैठ गेलो ह की ? ... जरी रुक - जरी ऊ स्टूल तो घसकाऽ हमरा दने, आउ नगीच ... ठीक !"
लिज़ावेता इवानोव्ना दू पृष्ठ आउ पढ़लकइ । काउंटेस जम्हाई लेलकइ ।
"फेंक दे ई किताब", ऊ कहलकइ, "कइसन बकवास हइ ! वापिस भेजवा दे एकरा राजकुमार पावेल के हियाँ आउ धन्यवाद देवे लगी कह देहीं ... हाँ, आउ करेता (घोड़ागाड़ी) के की होलइ ?"
"त तूँ अभी तक कपड़ा पेन्हके तैयार काहे नयँ होलँऽ ?" काउंटेस कहलकइ, "हमेशे तोरा लगी इंतजार करे के चाही ! ई, दुलारी, बरदास के बाहर हउ ।"
"करेता तो तैयार हइ ।" सड़क दने नजर डालके लिज़ावेता इवानोव्ना कहलकइ ।
लीज़ा दौड़ल अपन कमरा में गेलइ । दुइयो मिनट नयँ होलइ कि काउंटेस अपन पूरा ताकत लगाके पुकारे लगलइ । तीन नौकरानी एक्के दरवाजा से दौड़ते अंदर अइलइ, आउ एगो कामेरडिनेर [Kammerdiener - (जर्मन) शाब्दिक अर्थ - "कमरा में देखभाल करे वला नौकर", room servant] दोसरा दरवाजा से ।
"ई की, तोहन्हीं के हँकइला पर सुनाय नयँ दे हउ ?" ओकन्हीं के काउंटेस कहलकइ । "लिज़ावेता इवानोव्ना के बता दे कि हम ओकर इंतजार कर रहलिए ह ।"
लिज़ावेता इवानोव्ना कपोत [capote - (फ्रेंच) घर में पेन्हल जाय वला औरतानी कोट] आउ टोपी में अंदर अइलइ ।
"आखिरकार, माय हमर !" काउंटेस कहलकइ । "कइसन पोशाक हइ ई ! काहे लगी ई ... केकरा ललचावे के हकउ ? ... आउ ई मौसम कइसन हइ ? लगऽ हइ, हावा हइ ।"
"जी बिलकुल नयँ, महामहिम ! जी, बहुत शांत हइ !" कामेरडिनेर उत्तर देलकइ ।
"तोहन्हीं बिन सोचले-समझले जे मन में आवऽ हउ, बोल देते जा हँऽ ! फ़ोरतोच्का (वायु-संचालन खातिर खिड़की में काच के छोटगर शटर) खोल देते जो ।"
एहे बात हइ - हावा ! आउ बहुत ठंढी ! करेता (घोड़ागाड़ी) के साज से मुक्त कर दे ! लिज़ान्का, हमन्हीं नयँ जइते जइबइ - तोरा सज्जे-धज्जे के कोय जरूरत नयँ हलउ ।
"त अइसन हइ हमर जिनगी !" लिज़ावेता इवानोव्ना सोचलकइ ।
वास्तव में लिज़ावेता इवानोव्ना अत्यंत अभागल जीव हलइ । "अजनबी के रोटी कड़वा होवऽ हइ", दान्ते के कहना हइ, "आउ अजनबी के ड्योढ़ी के सोपान (steps) पर चढ़ना मोसकिल होवऽ हइ, आउ उच्चवर्ग के बूढ़ी के निर्भरता के कटुता बेचारी आश्रिता से बेहतर केऽ जानतइ ? काउंटेस ***, निस्संदेह, दिल के बुरी नयँ हलइ; लेकिन उच्च समाज के द्वारा बिगाड़ल सब औरत नियन मनमानी करऽ हलइ, कंजूस आउ निर्मम स्वार्थ में निमग्न हलइ, जइसे कि ऊ सब बुढ़वन होवऽ हइ, जे अपन अतीत के सर्वोत्तम दिन के स्मृति में जीयऽ हइ आउ जेकरा लगी वर्तमान अजनबी (alien) हइ । ऊ उच्च समाज के सब्भे क्षुद्र घटना वला चहल-पहल में भाग ले हलइ, बॉल नृत्य में खुद के घसीटऽ हलइ, जाहाँ परी ऊ पाउडर लगइले आउ पुरनका फैशन के कपड़ा पेन्हले एगो कोना में बैठल रहऽ हलइ, बॉल नृत्य के हॉल के भद्दा आउ आवश्यक आभूषण नियन; आगंतुक अतिथि लोग, एगो स्थापित प्रथा के अनुसार, ओकरा दने आके निच्चे झुकके अभिवादन करते जा हलइ, आउ बाद में ओकरा पर कोय नयँ ध्यान दे हलइ । शिष्टाचार के कठोरता से पालन करते आउ केकरो चेहरा से नयँ पछानते, ऊ पूरा शहर के अपना हीं आमंत्रित करइ । ओकर अनेक नौकर-चाकर, जे ओकर प्रवेश-कक्ष आउ नौकरानी लोग के क्वाटर में अपन चर्बी बढ़ा लेलके हल आउ उज्जर केश वला हो चुकले हल, अपन मनमानी करते जा हलइ, एक दोसरा से होड़ करते मरणासन्न बुढ़िया के लुट्टब करऽ हलइ । लिज़ावेता इवानोव्ना एगो घरेलू हुतात्मा (शहीद) हलइ । ऊ चाय ढारऽ हलइ आउ ओकरा जादे चीनी के प्रयोग करे के कारण फटकार सुन्ने पड़ऽ हलइ; ऊ उच्च स्वर में उपन्यास पढ़ऽ हलइ आउ लेखक के सब्भे गलती के दोषी ओकरे ठहरावल जा हलइ; ऊ काउंटेस के सैर-सपाटा में ओकर साथ रहऽ हलइ आउ ओकरे मौसम आउ सड़क के खराबी के जिम्मेदार ठहरावल जा हलइ । ओकर वेतन नियत कइल हलइ, जे कभियो पूरा-पूरा नयँ मिल्लऽ हलइ; आउ एहे दौरान ओकरा से माँग कइल जा हलइ कि ओहो बाकी लोग नियन पोशाक में सज्जइ-धज्जइ, मतलब बहुत कम लोग नियन । उच्च समाज में ओकर भूमिका अत्यंत दयनीय होवऽ हलइ । सब कोय ओकरा जानऽ हलइ, लेकिन कोय ओकरा पर ध्यान नयँ दे हलइ; बॉल में ऊ तभिए नृत्य करऽ हलइ जब कोय वी-ज़ा-वी [vis-à-vis - (फ्रेंच) जोड़ीदार] नयँ मिल्लऽ हलइ, आउ महिला लोग हर तुरी, जब ओकन्हीं के खुद के साज-सिंगार में कुछ ठीक-ठाक करे के जरूरत पड़ऽ हलइ, त ओकर हाथ पकड़के अपन साथ शृंगार-कक्ष में ले जइते जा हलइ । ऊ स्वाभिमानी हलइ, अपन स्थिति के बारे सजीव रूप से अनुभव करऽ हलइ आउ अपन चारों तरफ नजर दौड़इते रहऽ हलइ - अधीरतापूर्वक अपन उद्धारक के प्रत्याशा में; लेकिन अपन चंचल अहंकार के मामले में सावधान नवयुवक लोग ओकरा पर कोय ध्यान नयँ देते जा हलइ, हलाँकि लिज़ावेता इवानोव्ना सो गुना मनोहर हलइ, ऊ निर्लज्ज आउ निष्ठुर विवाह के योग्य नवयुवती लोग के अपेक्षा, जेकर ईर्द-गिर्द ओकन्हीं मँड़रइते रहऽ हलइ । केतना तुरी ऊ ऊब भरल आउ शानदार अतिथि-कक्ष से दबे पाँव निकसके कन्ने लगी अपन दयनीय कमरा में चल जा हलइ, जाहाँ परी हलइ दीवारी कागज लगल परदा, दराजदार अलमारी, एगो छोटगर दर्पण आउ पेंट कइल पलंग आउ जाहाँ परी तामा के शमादान में एगो मेदबत्ती (tallow candle) मद्धिम रोशनी के साथ जलते रहऽ हलइ !
एक तुरी - ई घटना ई लमगर कहानी के शुरू में वर्णन कइल शाम के दू दिन बाद घटलइ, आउ ऊ दृश्य के एक सप्ताह पहिले, जेकरा पर आके हम सब रुकलिअइ - एक तुरी लिज़ावेता इवानोव्ना, खिड़की बिजुन किरमिच के पीछू बैठल, संयोग से सड़क दने नजर दौड़इलकइ, त एगो नवयुवक इंजीनियर देखाय देलकइ, जे निश्चल खड़ी हलइ आउ ओकर खिड़की दने नजर टिकइले हलइ । ऊ अपन मूड़ी गोत लेलकइ आउ फेर से अपन काम में लग गेलइ; पाँच मिनट के बाद फेर से ओन्ने नजर डललकइ - नवयुवक अफसर ओहे जगह पर खड़ी हलइ । राह चलते अफसर लोग के साथ देखावटी प्रेम करे के आदत नयँ होवे से ऊ सड़क दने नजर डालना बंद कर देलकइ आउ बिन मूड़ी उठइले लगभग दू घंटा तक कशीदाकारी के काम  करते रहलइ । दुपहर के भोजन के समय हो गेलइ । ऊ उठलइ, अपन किरमिच के समेटे लगलइ, आउ संयोगवश सड़क दने नजर गेला पर फेर से ऊ अफसर के देखलकइ । ई ओकरा काफी विचित्र लगलइ । भोजन के बाद ऊ कुछ बेचैनी अनुभव करते खिड़की बिजुन अइलइ, लेकिन अफसर अब हुआँ नयँ देखाय देलकइ - आउ ऊ ओकरा बारे भूल गेलइ ...
दू दिन बाद जइसीं बाहर निकसके काउंटेस के साथ करेता (घोड़ागाड़ी) में बैठे लगी जा रहले हल, ऊ फेर से ओकरा देखलकइ । अपन चेहरा ऊदबिलाव (beaver) के खाल के कालर से ढँकले प्रवेशद्वार के ठीक पास खड़ी हलइ - टोप के निच्चे से ओकर कार-कार आँख चमक रहले हल । लिज़ावेता इवानोव्ना डर गेलइ, ओकरा खुद नयँ समझ में अइलइ कि काहे लगी, आउ अनिर्वचनीय थरथराहट (inexplicable trepidation) के साथ करेता में बैठ गेलइ ।
घर वापिस अइला पर ऊ खिड़की भिर दौड़ल अइलइ - अफसर पहिलौके जगह पर खड़ी हलइ, ओकरा दने एकटक तकते; ऊ दूर हट गेलइ, उत्सुकता से व्यथित आउ अइसन भावना से उत्तेजित, जे ओकरा लगी बिलकुल नावा हलइ ।
तखने से एक्को दिन अइसन नयँ गुजरलइ, जब ऊ नवयुवक नियत समय पर ओकन्हीं के  घर के खिड़की के निच्चे नयँ प्रकट होलइ । ओकन्हीं दुन्नु के बीच एगो अपरिभाषित (अज्ञात) संबंध स्थापित हो गेलइ । अपन जगह पर काम पर बैठल ऊ ओकर नगीच आवे के अनुभव करइ - मूड़ी उठावइ, रोज दिन अधिकाधिक देर तक ओकरा दने निहारते रहइ । नवयुवक, लगऽ हलइ, एकरा लगी ओकर आभारी हलइ; ऊ (लिज़ावेता) जवानी के पैनी दृष्टि से देखइ कि जब कभी ओकन्हीं के नजर मिल्लइ, त हरेक तुरी ओकर (नवयुवक के) पीयर गाल पर लाली छा जाय । एक सप्ताह के बाद ऊ (लिज़ावेता) ओकरा दने देखके मुसका देलकइ ...
जब तोम्स्की अपन मित्र के परिचय देवे खातिर काउंटेस के अनुमति मँगलकइ, त ई बेचारी लड़की के दिल धड़धड़ करे लगलइ । लेकिन ई जानके कि नारूमोव इंजीनियर नयँ हइ, बल्कि अश्वारोही सैनिक हइ, ओकरा खेद होलइ कि विवेकहीन प्रश्न करके अपन राज चंचल मन वला तोम्स्की के सामने खोल देलके हल ।
हेर्मान रूस में बस गेल एगो जर्मन के बेटा हलइ, जे ओकरा लगी थोड़े सन पूँजी छोड़ गेले हल । अपन आत्मनिर्भरता के सुदृढ़ करे के आवश्यकता में पक्का विश्वास होला के कारण हेर्मान सूद के पैसा के छूवो नयँ करऽ हलइ, खाली अपन वेतन पर जिनगी बसर करऽ हलइ, लेशमात्र के भी सनक के खुद में आवे नयँ दे हलइ। लेकिन, ऊ अल्पभाषी आउ महत्त्वाकांक्षी हलइ, आउ ओकर सथीवन के ओकर अत्यधिक मितव्ययिता के मजाक उड़ावे के विरले मोक्का मिल्लऽ हलइ । ऊ बहुत भावावेशी आउ प्रचंड कल्पनाशक्ति वला हलइ, लेकिन ओकर दृढ़ता ओकरा जवानी के सामान्य भूल से बचा लेलकइ । ई तरह, मसलन, दिल से एगो जुआड़ी के रूप में ऊ अपन हाथ में कभी ताश नयँ ले हलइ, काहेकि ऊ मानऽ हलइ कि ओकर स्थिति ओकरा एकर अनुमति नयँ दे हलइ (जइसन कि ऊ कहऽ हलइ) कि 'फालतू जीच पावे के उमीद में आवश्यक चीज के बलिदान करे  ', लेकिन साथे-साथ पूरे रात भर ताश के जुआ के टेबुल भिर बैठके गुजारऽ हलइ आउ खेल के विभिन्न हेर-फेर के ज्वरजनित कँपकँपी (अर्थात् उत्तेजना) के साथ देखते रहऽ हलइ ।
तीन पत्ता के खिस्सा ओकर दिमाग पर गहरा प्रभाव डललके हल आउ रातो भर ओकर दिमाग से ई बात नयँ निकसलइ । "की होवइ अगर", दोसरा दिन शाम में पितिरबुर्ग में चक्कर लगइते बखत ऊ सोच रहले हल, "की होवइ, अगर बुढ़िया काउंटेस हमरा सामने अपन राज खोल देइ ! हो सकऽ हइ, ई तीनों विश्वसनीय पत्ता के नाम हमरा बता देइ ! काहे नयँ अपन किस्मत के अजमाके देखल जाय ? ... ओकरा अपन परिचय देवे के चाही, ओकर अनुग्रह के पात्र बन्ने के चाही - हो सकइ त ओकर प्रेमी भी बन जाय के चाही - लेकिन ई सब खातिर समय लगतइ - लेकिन ओकर उमर हइ सतासी साल - ऊ एक सप्ताह में मर जा सकऽ हइ - चाहे दू दिन में ! ... आउ ई खिस्से के लेल जाय ? ... की एकरा पर विश्वास कइल जा सकऽ हइ ? ... नयँ ! खरचा करे में सवधानी, संयम आउ उद्यमशीलता - एहे हमर तीन विश्वसनीय पत्ता हइ, एहे हमर पूँजी के तेगना कर सकऽ हइ, सात गुना कर सकऽ हइ [2] आउ हमरा लगी शांति आउ स्वतंत्रता प्रदान कर सकऽ हइ !"
ई तरह सोच-विचार करते, ऊ खुद के पितिरबुर्ग के एगो मुख्य सड़क पर के एगो पुरनका शैली के घर के सामने पइलकइ । सड़क घोड़ागाड़ी से ठसाठस भरल हलइ, एक के बाद दोसरा करेता (घोड़ागाड़ी) एगो प्रकाशित प्रवेशद्वार तरफ लुढ़क रहले हल । करेता से मिनट-मिनट पर कभी जवान सुन्दरी के नाजुक पाँव, त कभी खड़खड़इते जैकबूट (टेहुना तक के ऊँचाई के चमड़ा के बड़गर सैनिक बूट), त कभी कोय राजनयिक (diplomat) के धारीदार पेताबा (मोजा) आउ बशमाक (जुत्ता) बाहर निकसऽ हलइ । फ़रकोट आउ बरसाती (रेनकोट) शानदार दरबान भिर से गुजरते कौंध रहले हल । हेर्मान रुक गेलइ ।
"ई किनकर घर हइ ?" ऊ कोनमा पर के एगो संतरी से पुछलकइ ।
"काउंटेस *** के", संतरी उत्तर देलकइ ।
हेर्मान काँप गेलइ । आश्चर्यजनक खिस्सा फेर से ओकर कल्पना में आ गेलइ । ऊ घर के आसपास चहलकदमी करे लगलइ, ओकर मालकिन के बारे आउ ओकर चमत्कारिक क्षमता के बारे सोचते । बहुत देर के ऊ अपन साधारण निवासस्थल पर वापिस अइलइ; देर तक ओकरा नीन नयँ अइलइ, आउ जब ओकरा पर नीन हावी हो गेलइ, त ओकरा सपना में ताश के पत्ता, हरियरका टेबुल, बैंकनोट के गड्डी आउ सोना के सिक्का के ढेरी देखाय देलकइ । ऊ पत्ता पर पत्ता जुआ में दाँव पर लगावऽ हलइ, (पत्ता के) कोना के दृढ़तापूर्वक मोड़ऽ हलइ [3], लगातार जीतते जा हलइ, आउ सोना के सिक्का के अपना तरफ घिसकइते आउ बैंकनोट सब के अपन जेभी में ठूँसते जा हलइ । जब ऊ जगलइ त बहुत देरी हो चुकले हल, ऊ अपन काल्पनिक धन के खो गेला पर उच्छ्वास लेलकइ, फेर से शहर के चक्कर लगावे लगी रवाना हो गेलइ आउ फेर से खुद के काउंटेस *** के घर के सामने पइलकइ । कोय अनजान शक्ति, लगऽ हलइ, ओकरा ई घर के तरफ आकृष्ट कर रहले हल । ऊ रुकलइ आउ खिड़कियन दने देखे लगलइ । एक में ओकरा एगो कार केश वला सिर देखाय देलकइ, जे शायद कोय किताब पर चाहे कोय काम पर झुक्कल हलइ । सिर उपरे उठलइ । हेर्मान के ताजगी भरल चेहरा आउ कार- कार आँख देखाय देलकइ । ई क्षण ओकर भाग्य के निर्णय कर देलकइ ।

टिप्पणी:
[1] ई "उच्च समाज के बातचीत" कवि देनिस दविदोव (1784-1839) द्वारा पुश्किन के रिपोर्ट कइल गेले हल । दे॰ पुश्किन के कहानी "निशाना", नोट-5.
[2] ताश के जुआ में दाँव लगाके धन के तेगना आउ सात गुना करे लगी परोली आउ परोली-पे खेले परऽ हलइ । दे॰ अध्याय-1, नोट-4 आउ 12 । तेगना आउ सात गुना कइसे हो जा हइ एकर विस्तृत चर्चा लगी दे॰ ch.7: Thaumaturgy in 'The Queen of Spades', p.170, in: Leighton L. G. (1994): "The Esoteric Traditions in Russian Romantic Literature", Pennsylvania State University Press, viii+224 pp.
[3] दे॰ अध्याय-1, नोट-4.