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Friday, July 18, 2014

18. असली पकिटमार



मूल जर्मन  – Der Taschendieb ;   मगही अनुवाद - नारायण प्रसाद


एगो बेपारी एक तुरी यात्रा पर गेलइ । ऊ एगो छोट्टे गो शहर में ठहर गेलइ, काहे कि ऊ अपन दोस्त से भेंट करे लगी चाहऽ हलइ । एगो होटल में एगो रूम किराया पर लेलकइ आउ फेर अपन दोस्त के फ्लैट पर गेलइ ।

दुन्नु दोस्त एक साथ बइठके देर तक गपशप करते गेला । देर रात के बेपारी अपन होटल वापिस चलल । शहर के गलियन में बहुत अन्हेरा हलइ आउ बहुत कठिनाई से ऊ अपन रस्ता देख पावऽ हलइ । गलिया में कोय नयँ हलइ । अचानक ओकरा पैर के आहट सुनाय देलकइ । एगो अदमी बगल के गली के कोनमा भिर से तेजी से अइलइ आउ दुनहूँ टकरा गेते गेलइ । ऊ अदमिया माफी मँगलकइ आउ तेजी से आगे बढ़ गेलइ । बेपरिया रुक गेलइ । "अभी की समय होब करऽ होतइ ?" ऊ सोचलकइ आउ अपन घड़ी देखे ल चहलकइ । ऊ अपन जैकेट के पाकिट में खोजलक, लेकिन ओकरा घड़िया नयँ मिल्लल । ओकर सब्भे पाकिट खाली हलइ । तेजी से ऊ धउगके ऊ अदमिया तरफ गेल, ओकरा कोटवा पकड़के रोकलक आउ चिल्लाल, "जल्दी से घड़िया दे !" ऊ अदमिया बहुत डर गेलइ, काहे कि बेपरिया के अवाज में बहुत गोस्सा हलइ । ऊ घड़िया दे देलकइ, आउ बेपरिया संतुष्ट होके चल गेलइ । ऊ तुरते होटल में अपन रूम में पहुँचल आउ बत्ती जलइलक । तब ओकरा बिछावन के बगल के टेबुल पर घड़ी पर नजर पड़ल । ऊ अपन हाथ पाकिट में घुसइलक आउ ऊ अदमिया के घड़िया देखलक ! "हे भगमान !”, बेपरिया बोलल, "वास्तव में हमहीं पकिटमार  हकिअइ, ऊ अदमिया नयँ !”

रतिया के बेपरिया के ठीक से नीन नयँ अइलइ । बिहान होला पर ऊ घड़िया लेके पुलिस के पास अइलइ । जल्दीए घड़िया के मालिक के ढूँढ़ लेवल गेलइ आउ ओकरा घड़िया वापिस दे देवल गेलइ ।