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Tuesday, March 31, 2009

4. मगही उपन्यास "गोदना" में प्रयुक्त ठेठ मगही शब्द

मगही उपन्यास "गोदना" में प्रयुक्त ठेठ मगही शब्द

गो॰ = "गोदना" (मगही उपन्यास) - श्रीकान्त शास्त्री (डॉ॰ रामनन्दन द्वारा पूरा कैल); प्रथम संस्करणः जून 1978; प्रकाशकः बिहार मगही मंडल, पटना-5; मूल्य - 4 रुपया 20 पइसा; कुल 4 + 48 पृष्ठ । प्राप्ति-स्थानः बिहार मगही मंडल, V-34, विद्यापुरी, पटना-800 020.

देल सन्दर्भ में पहिला संख्या अनुच्छेद (section), दोसर संख्या पृष्ठ, आउ तेसर संख्या पंक्ति दर्शावऽ हइ ।




अँकुराना (गो॰ 1:10.3)
अँकुरी (गो॰ 5:27.9)
अँगुर, अँगुरी (गो॰ 1:10.17)
अँगेजना (गो॰ 11:48.28)
अँचरा (गो॰ 1:10.8; 6:28.26)
अँचरा डँसाना (गो॰ 2:15.1)
अँटकर लगाना (गो॰ 7:33.18)
अँधार (गो॰ 4:23.4)
अँधार (गो॰ 8:36.14)
अइँगी-भइँगी (गो॰ 10:45.15)
अइटा, अइँटा (गो॰ 4:21.8, 18)
अइसन (गो॰ 1:2.27, 28, 3.11, 20, 4.29)
अइसन-अइसन (गो॰ 6:32.8)
अइसहीं (गो॰ 11:46.21)
अकठकाठ (गो॰ 5:26.32)
अकवार (गो॰ 2:14.26)
अखनी (गो॰ 1:10.1, 2; 3:18.27; 9:39.31, 41.19)
अखरा (गो॰ 10:45.9)
अग-जग (गो॰ 1:5.2)
अगरचेत (गो॰ 1:6.6, 9.14; 5:26.1)
अगार-पगार (गो॰ 1:5.3)
अचक्के (गो॰ 2:11.18, 14.27)
अच्छोधार (गो॰ 1:1.17, 2.3)
अछते (गो॰ 3:18.27)
अठमा (गो॰ 3:16.30)
अठमी (गो॰ 4:20.16)
अददी (गो॰ 1:9.17, 10.20)
अद-बद (गो॰ 2:12.26)
अदमी (गो॰ 2:12.19)
अधछोछा (गो॰ 1:6.19)
अनइ (गो॰ 1:7.14)
अनझटके (गो॰ 7:35.25)
अनमखाना (गो॰ 7:34.16)
अनुभो (गो॰ 2:12.30; 9:42.1)
अनोर (गो॰ 5:23.31)
अन्हार (गो॰ 10:45.11)
अपरेसन (गो॰ 1:2.5; 2:12.4, 5)
अप्पन (गो॰ 5:26.17, 30)
अप्पन-अप्पन (गो॰ 7:33.26)
अबरी (गो॰ 1:11.15; 4:23.7; 6:29.6)
अबहियों (गो॰ 1:2.21)
अमउरी (गो॰ 3:16.18, 19)
अमदी (गो॰ 1:1.27, 9.25)
अमरलत्तर (गो॰ 4:21.2)
अरइ (गो॰ 1:8.18)
अरउ (गो॰ 1:8.18)
अरराना (गो॰ 1:6.25)
अलपजीउ (गो॰ 2:14.8)
अलोपित (गो॰ 10:44.9)
अल्ल-बल्ल (गो॰ 1:5.24)
असमान में गुम होना (गो॰ 8:39.16)
आ (= और) (गो॰ 2:13.32)
आगु, आगू (गो॰ 2:15.19, 21, 28; 3:18.30)
आगू-आगू (गो॰ 6:29.4)
आज्झ, आझ (गो॰ 1:10.32, 11.6; 3:16.3)
आन बघारना (गो॰ 7:33.26)
आन्ध-बान्ध (गो॰ 1:6.26)
आबुन-बाबुन (गो॰ 3:19.1)
आरी (गो॰ 1:8.25; 3:16.17)
आल अगहन फूलल गाल, गेल अगहन सटकल गाल (गो॰ 3:17.23-24)
इ, ई (गो॰ 1:4.19, 9.19, 11.10; 2:14.12, 15.6, 15)
इँजोर (गो॰ 4:23.4)
इकसना (गो॰ 1:11.7, 2:12.5; 4:21.31)
इनकारी (= इन्क्वायरी) (गो॰ 7:35.9)
इलोत (गो॰ 10:44.13)
इस्कोलरसिप (गो॰ 5:25.12, 18)
इहँई (गो॰ 7:35.11)
इहउँ (गो॰ 10:45.1)
इहाँ (गो॰ 1:10.29; 4:22.3)
ईंटा-खपड़ा (गो॰ 4:21.3)
उ, ऊ (गो॰ 1:3.32, 4.6, 17, 18, 20, 22, 23...)
उँचका (गो॰ 5:26.15)
उक्खड़-खावड़ (गो॰ 1:11.10)
उगला से डुबला ला (गो॰ 2:15.11-12)
उजुर (गो॰ 4:21.27)
उज्ज-बिज्ज (गो॰ 7:35.2)
उज्जर (गो॰ 5:26.23)
उठान (गो॰ 3:17.19)
उड़ेरना (गो॰ 6:28.26)
उढ़कल बुलना (गो॰ 7:34.5)
उतरबारी (गो॰ 10:45.30)
उतारन-पुतारन (गो॰ 2:15.11)
उताहुल (गो॰ 11:47.15)
उदेरा थान (गो॰ 3:17.25)
उनका, उनखा (गो॰ 1:4.14, 17)
उपदरो (गो॰ 7:34.13)
उप्पर होना (गो॰ 2:13.1)
उप्पर-उप्पर (गो॰ 4:22.12)
उभन-चुभन (गो॰ 2:14.32)
उरिन (गो॰ 3:17.15)
उरीन (गो॰ 6:30.32)
उलटे बेंगा उपटन लागे (गो॰ 7:36.10)
उहँइ (गो॰ 2:14.15)
उहईं (गो॰ 11:46.8)
उहाँ, ऊहां (गो॰ 1:2.10; 6:31.32; 11:48.13)
ऊभ-चूभ (गो॰ 2:15.13)
एकबग्गा (गो॰ 5:27.8)
एकर (गो॰ 2:13.4)
एकरा (= इसको) (गो॰ 1:2.23; 2:12.3, 4)
एकामन (गो॰ 1:9.30)
एक्कर (गो॰ 2:12.20, 14.3)
एक्के (गो॰ 2:13.27; 3:16.10; 5:26.30)
एक्को (गो॰ 1:11.7; 3:15.25; 10:43.28)
एतना (गो॰ 6:30.21, 29)
एतना-एतना (गो॰ 6:32.4-5)
एनहीं-ओनहीं (गो॰ 6:29.24)
एन्ने (गो॰ 5:24.5; 7:36.8)
एन्ने-ओन्ने (गो॰ 9:42.15)
एही (गो॰ 6:33.1; 7:36.11)
एहू (गो॰ 3:19.5)
ओइसन (गो॰ 2:12.15)
ओइसहीं (गो॰ 2:11.23)
ओइसहीं (गो॰ 2:12.4)
ओकनी (गो॰ 10:45.13)
ओकर (= उसका) (गो॰ 1:4.10, 25)
ओकरा (= उसको) (गो॰ 1:2.28, 3.20, 27, 4.3, 17, 4.30.....)
ओकरो (= उसको भी) (गो॰ 1:2.28)
ओखनी (गो॰ 10:43.15)
ओज्जे (गो॰ 8:36.16)
ओतना (गो॰ 6:32.6)
ओदा (गो॰ 4:21.13)
ओनहीं (= उधर ही) (गो॰ 1:5.4; 10:45.28)
ओन्ने (गो॰ 9:42.26)
ओसर (गो॰ 3:17.14)
ओसर (गो॰ 3:19.23; 5:23.31)
ओहँइ (गो॰ 6:32.3)
ओहनिन (गो॰ 10:45.24)
ओही (गो॰ 3:19.32; 10:44.9)
औंगारी (गो॰ 4:23.6)
औखत (गो॰ 5:25.30)
औली-चौली (गो॰ 2:12.26, 32)
औसर (गो॰ 1:4.31)
औसान (= आसान) (गो॰ 1:3.4)
औसो के (गो॰ 2:15.17)
कंझिला (गो॰ 5:24.13)
कंटोर (गो॰ 5:24.27)
कइथिन (गो॰ 1:9.16)
कइसन (गो॰ 1:3.1)
कइसन-कइसन (गो॰ 7:34.30)
कइसहुँ (गो॰ 3:17.24, 25)
कइसहुँ-कइसहुँ (गो॰ 3:17.14)
कइसहूँ (गो॰ 8:39.1; 10:43.18)
कक्कुट (गो॰ 6:28.32)
कखनियों (गो॰ 4:22.15, 27; 6:30.8)
कखनियों ... कखनियों (गो॰ 6:30.10-11)
कखनी (गो॰ 5:25.31; 6:29.1; 10:43.27, 44.15)
कखनी (कखनियों-कखनियों) (गो॰ 2:12.6, 8; 3:19.3, 8; 6:30.7)
कचराकूट (गो॰ 5:25.4)
कछार (गो॰ 2:14.31)
कटोरा-गिलास (गो॰ 5:23.30)
कट्ठे मन (गो॰ 4:21.26)
कठनाइ (गो॰ 2:14.2)
कठुआ जाना (गो॰ 3:15.26)
कढ़ुआ (गो॰ 1:11.13)
कनकट (गो॰ 1:10.17)
कनझटके (गो॰ 5:24.26)
कनाड़ (गो॰ 9:39.24)
कनी (गो॰ 6:30.28)
कपसना (कपसे के) (गो॰ 1:4.30)
कब-कब करना (गो॰ 7:33.29)
कबराइ (गो॰ 3:17.9)
कबहियों ... कबहियों (गो॰ 6:32.23; 9:39.29)
कबहियों-कबहियों (गो॰ 2:12.14)
कबहुँ-कबहुँ (= कभी-कभी) (गो॰ 1:3.4)
कबहुओं (गो॰ 1:11.6)
कबहुओं-कबहुओं (गो॰ 1:8.16-17)
कबहूँ-कदाल (गो॰ 2:13.15, 23)
कभी-कधाक, कभी-कदाक (गो॰ 8:39.10-11; 9:40.32)
कमासुत (गो॰ 6:28.24)
कमिअइ (गो॰ 3:17.8)
कर मोर के चल देना (गो॰ 5:24.23)
करजा-पइँचा (गो॰ 1:7.15; 3:18.6)
करजा-रीन (गो॰ 6:33.6)
करिया अच्छर भइँस बरोबर (गो॰ 4:22.30-31)
कल-बल (गो॰ 1:3.23)
कलमी (गो॰ 1:10.17; 6:28.13)
कल्ह (गो॰ 1:3.16)
कल्हे-परसुन (गो॰ 1:9.3)
कहलाम (गो॰ 3:18.7)
कहिना (गो॰ 6:31.15)
कहिनो (गो॰ 2:13.6; 4:23.19; 5:24.29)
कहिनो कदाक (गो॰ 7:36.2)
कहियो (= कभी) (गो॰ 1:7.14)
कहुँ-कहुँ (= कहीं-कहीं) (गो॰ 1:1.7)
कहूँ से कहूँ (गो॰ 2:15.7)
काँस-कुस (गो॰ 1:6.7)
काटना-पीटना (गो॰ 3:17.9)
काठ मारना (गो॰ 6:31.10-11)
काड़ा सुद पर पइसा देना (गो॰ 6:32.26)
कातिक (गो॰ 6:27.19)
कातो (गो॰ 3:19.7; 5:24.13; 7:35.4, 9)
कार-गोर (गो॰ 1:9.25)
काहाँ (गो॰ 8:38.6)
काहे (गो॰ 3:19.32)
किदोड़ (गो॰ 2:13.30)
किनना (गो॰ 10:44.17)
किरिंग (गो॰ 4:20.14)
किसनमाँ, किसनमा (गो॰ 6:27.22, 26)
किसमिल्ला (गो॰ 4:23.7)
किसुन (गो॰ 1:9.7)
कुअंक (गो॰ 10:43.26)
कुइयाँ (गो॰ 1:10.25; 5:24.31, 27.4; 7:33.30)
कुकुअत (गो॰ 5:27.2)
कुच-कुच अँधरिया (गो॰ 1:1.6; 2:11.30)
कुच-कुच करिया (गो॰ 4:23.3)
कुटुम (गो॰ 7:34.2)
कुट्टी-कुट्टी (गो॰ 10:45.20)
कुड़कुड़ाना (गो॰ 6:32.12)
कुन-मुन (गो॰ 6:32.11)
कुरखेत (गो॰ 1:6.6)
कुरचना (गो॰ 5:25.26)
कुलबुलाना (गो॰ 7:34.16)
कुल्लम (गो॰ 1:7.18)
के (= कौन) (गो॰ 5:26.9)
केउ (गो॰ 3:19.2)
केकर (= किसका) (गो॰ 1:6.31)
केकरो (= किसी को) (गो॰ 1:2.29, 3.6)
केकरो कुत्ता काटना (गो॰ 6:32.13)
केतवा, केतना (गो॰ 1:10.26, 31; 3:18.30; 5:26.7)
केतारी (गो॰ 1:9.28, 11.15; 3:16.10, 18.33; 7:35.15)
केराव (गो॰ 1:11.12)
केवाड़ी, केवाँड़ी (गो॰ 1:3.15, 17, 4.1, 7, 15, 17; 2:11.18, 19, 21, 29, 31; 8:37.15,....)
केहानी (गो॰ 1:6.19, 20)
कोंहड़ा (गो॰ 1:11.16)
कोइला (गो॰ 4:21.8)
कोर-घोंट (गो॰ 5:25.4)
कोरसिस (गो॰ 1:8.15; 3:15.31)
क्वाटर (गो॰ 1:1.16; 2:13.10, 14.14; 11:47.9)
खँघारना (गो॰ 1:10.24)
खटासिन (गो॰ 3:17.27)
खदना (गो॰ 1:7.20)
खनी (गो॰ 1:4.6)
खन्डा (गो॰ 4:23.17)
खरकन (गो॰ 1:3.14)
खरिहान (गो॰ 6:32.5)
खल-खल (गो॰ 1:2.31)
खाड़ा (गो॰ 1:3.14, 4.7, 19)
खात (गो॰ 9:40.1)
खिल-खिल (गो॰ 1:2.31)
खुफिया-तुफिया (गो॰ 2:14.7)
खेत-पथार (गो॰ 1:6.26-27)
खेसाड़ी (गो॰ 1:8.29; 3:18.12, 31, 19.6)
खोंटना (खोंटल) (गो॰ 1:8.7)
खोढ़रा (गो॰ 4:21.14)
खोरठा (गो॰ 1:10.6)
खोराक (गो॰ 4:22.20; 6:29.28)
खोवे से मन भारी होवऽ हे आउर रोवे से मन हल्लुक (गो॰ 1:1.18-19)
गछना (गो॰ 5:23.31)
गड़इऔल (गो॰ 1:9.29)
गब-गब (सीला के पास न हब हल न गब) (गो॰ 6:30.6)
गबड़ा (गो॰ 1:7.21)
गरजे (खाय के गरजे भी आउर प्यार के गरजे भी) (गो॰ 5:25.8, 9)
गरान (गो॰ 1:4.26)
गरियाना (गो॰ 8:38.16)
गरीब-गुरबा (गो॰ 8:36.23)
गरीबाइन (गो॰ 1:6.1)
गाँड़ी-भाँड़ी (गो॰ 1:10.2)
गाँव-जेवार (गो॰ 3:18.21)
गान्ही मैदान (गो॰ 9:41.31)
गाम (गो॰ 8:37.17)
गायडाँढ़ (गो॰ 1:7.13)
गारना (गो॰ 3:15.25)
गारी-गरपारा (गो॰ 8:36.29, 37.7)
गारी-भाँड़ी (गो॰ 1:8.19-20)
गिनना-गूथना (गिन-गूथ के) (गो॰ 4:23.12)
गियारी (गो॰ 11:46.34)
गिरहस (गो॰ 1:9.29)
गिलास (= क्लास) (गो॰ 1:10.4)
गिल्ला (=गीला) (गो॰ 1:2.29)
गिल्ला के गिल्ले (=गीला का गीला ही) (गो॰ 1:2.29)
गुंडा-लखेरा (गो॰ 7:34.20)
गुने (गो॰ 5:27.10; 7:36.11)
गुल-गुल (गो॰ 1:1.5)
गुलुर-गुलुर (गो॰ 11:47.14-15)
गूह-कादो (गो॰ 1:8.21)
गोड़ के चुटियो के भी कहना न टालना (गो॰ 3:17.6)
गोड़-मुड़ परना (गो॰ 3:16.32; 6:27.22)
गोड़िआना (गो॰ 7:35.20)
गोतिया (गो॰ 5:27.1)
गोतिया-नइया (न गोतिया न नइया) (गो॰ 6:29.19)
गोनारे (गो॰ 1:6.31; 4:20.25)
गोर बुराक (गो॰ 5:23.26-27)
गोरइया बाबा (गो॰ 1.7.4,5)
गोर-नार (गो॰ 8:37.1; 9:39.25)
गोहार (गो॰ 9:42.20)
गोहुम-चाउर (गो॰ 3:18.18)
गौंढ़ा (गो॰ 4:21.27)
घटाघट (गो॰ 10:45.5)
घनर-घनर (गो॰ 2:12.10)
घर-अँगना (गो॰ 7:33.23)
घर-दुआर (गो॰ 7:33.24)
घरी में घोर आउर नौ घड़ी भदरा (गो॰ 5:25.31)
घाट नेहा देना (गो॰ 4:22.17)
घिऔड़ा (गो॰ 5:25.5)
घीउ-तेल (गो॰ 3:18.12)
घुघनी (गो॰ 10:45.4)
घुनुर-घुनुर (गो॰ 3:16.15)
घुरना (गो॰ 11:47.30)
घुराना (गो॰ 5:25.4)
घुरियाना (घुरियायल) (गो॰ 4:21.2)
घुसुर-फुसुर (गो॰ 10:46.1)
घूर आना (गो॰ 5:25.3)
चंडलहा (गो॰ 10:43.28)
चउँका (गो॰ 1:8.6)
चख-चख (गो॰ 4:21.7)
चटकन (गो॰ 1:8.4)
चढ़ुआ (गो॰ 1:11.13)
चनका (गो॰ 1:9.19)
चनमा (गो॰ 5:24.6)
चमइन (गो॰ 3:19.3)
चमकल चलना (गो॰ 1:2.24)
चमकल बुलना (गो॰ 1:2.2-3)
चहकल (गो॰ 1:4.4)
चाँन (गो॰ 1:7.28)
चाँनी, चानी (गो॰ 1:5.22; 4:23.16)
चान (गो॰ 4:20.16)
चाल-ढाल (न चाल में चमक, न ढाल में ढकोसला) (गो॰ 2:12.22-23)
चास लगाना (गो॰ 3:18.28)
चाह (= चाय) (गो॰ 1:3.33; 2:11.26; 5:25.6)
चिकना (घीउ) (गो॰ 3:18.20)
चिक्कन (गो॰ 1:1.19; 4:22.25; 6:28.26)
चिटकी (गो॰ 3:18.2)
चिड़काना (गो॰ 7:35.12)
चित्त (= चीत) (गो॰ 5:24.7)
चिन्नी (गो॰ 3:19.7)
चिरू (गो॰ 10:44.7)
चीन्हना (गो॰ 1:9.4)
चीरना-फारना (गो॰ 4:22.5)
चील्ह (गो॰ 1:11.7)
चुकिया (गो॰ 7:36.4)
चुपका कारन (गो॰ 2:12.2)
चुहियो के दमाद प्यारा होवऽ हे (गो॰ 5:25.7-8)
चूमना-चाटना (चूम-चाट के) (गो॰ 4:20.30)
चेरा (गो॰ 5:25.17)
चेहरा पर बारह बजना (गो॰ 6:28.22-23)
चौरसिया (गो॰ 4:22.13; 5:27.7-8)
चौलबाजी (गो॰ 8:38.30)
चौला (गो॰ 7:35.10)
छँउड़ी, छौंड़ी (गो॰ 7:33.23, 24)
छठी के दूध ऊपर करना (गो॰ 6:32.15)
छत्तरछाया (गो॰ 5:26.4)
छन (गो॰ 1:2.10)
छनमातर (गो॰ 10:45.22)
छहरी (गो॰ 3:16.18)
छाँक (गो॰ 3:18.31)
छाड़न (गो॰ 4:20.33)
छाती फाड़ के कमाना (गो॰ 3:17.3)
छावा-छित्त (गो॰ 1:1.10)
छिपनी (गो॰ 1:8.5)
छुअन (गो॰ 6:28.14)
छुद्दुर (गो॰ 4:21.21)
छुलच्छन (गो॰ 1:2.6)
छूँछ (गो॰ 1:4.1)
छौंड़-छपाटी (गो॰ 7:35.8)
छौंड़ा (गो॰ 1:4.10, 9.3)
छौनी (गो॰ 4:21.7)
जखनिएँ .... तखनिएँ (गो॰ 5:26.4-5)
जखनी (गो॰ 4:22.10, 23.16; 5:23.28, 25.23, 26.4)
जतकट्टी (गो॰ 7:34.1)
जतन (गो॰ 10:44.23, 45.24; 11:47.3, 33)
जन्ने (गो॰ 1:5.4)
जमदुतिया (गो॰ 2:14.12)
जमान (गो॰ 3:17.7)
जमानी (गो॰ 3:19.9)
जरना (गो॰ 5:27.10)
जरन्त (गो॰ 6:32.19)
जरलाहा (गो॰ 5:24.32)
जरी (गो॰ 5:25.32)
जलम (गो॰ 1:9.15; 5:25.24)
जलमना (गो॰ 2:15.2)
जलमौताहर (गो॰ 10:46.3)
जहर-डकरा (गो॰ 7:35.3)
जहाना (= जहानाबाद) (गो॰ 4:21.5, 22.19)
जहिना (गो॰ 9:41.25)
जहिया ... तहिया (गो॰ 10:43.28-29)
जान कोंहड़ा के बनल होना (गो॰ 7:33.30)
जारना (गो॰ 1:10.19)
जिनकर (= जिनका) (गो॰ 1:7.5)
जिनगी (गो॰ 1:5.26, 27; 2:12.20)
जीमन (गो॰ 1:6.9)
जुआनी (गो॰ 1:1.6; 3:19.4)
जुकुत, जुकुर (गो॰ 1:1.26)
जुगुत (गो॰ 6:27.20)
जुर्त्ती झारना (गो॰ 5:25.29)
जे (= जो) (गो॰ 1:2.27, 4.18; 2:15.14)
जे ... से (= जो ... सो) (गो॰ 1:5.2)
जेकरा (= जिसको) (गो॰ 1:2.29, 4.29, 30)
जेभी (गो॰ 6:30.16)
जेहलखाना (गो॰ 4:23.15)
जोग (गो॰ 1:9.18; 3:15.30)
जोड़ियाना (गो॰ 1:1.3, 4,5)
झकरा (गो॰ 6:30.9)
झझंक (गो॰ 8:37.22)
झझक (गो॰ 2:13.15)
झझर (गो॰ 1:8.10)
झारना (गो॰ 9:43.1)
झिटकी (गो॰ 3:18.4)
झीट (गो॰ 7:35.20)
झुट्टा करना (गो॰ 7:34.6)
झुट्ठा (गो॰ 1:1.7)
झुट्ठो (गो॰ 9:40.5)
झुरझुरी (गो॰ 2:11.21)
झोलंगा (गो॰ 5:24.7)
झोल-फोल (गो॰ 10:45.8)
टघरना (गो॰ 10:44.34)
टन (गो॰ 1:2.10)
टभक (गो॰ 2:12.3)
टभकन (गो॰ 9:43.9)
टभकना (गो॰ 2:12.3)
टालना-टूलना (टाल-टूल देलक) (गो॰ 3:20.4)
टिकरी (गो॰ 1:7.14; 3:18.11)
टिपनी (गो॰ 7:33.18)
टिरेनी (= ट्रेनिंग) (गो॰ 11:47.8)
टीउवेल, टिब्बुल (गो॰ 3:18.4)
टीसन (गो॰ 3:17.5)
टुघरना (गो॰ 10:44.27)
टूसा (गो॰ 3:16.14; 6:28.31)
टोका-टोकी (गो॰ 3:18.1)
टोला-पड़ोस (गो॰ 5:24.1-2)
टोला-महल्ला (गो॰ 6:29.18; 8:38.15)
ठकमका जाना (गो॰ 2:11.26-27)
ठकमुरकी (गो॰ 8:36.22; 11:48.5)
ठगना-ठुगना (ठग-ठुग के) (गो॰ 9:39.27)
ठमकना (ठमकल) (गो॰ 2:11.27)
ठह-ठुह के (गो॰ 1:9.4)
ठुनुकना (गो॰ 5:24.8)
ठोप (गो॰ 1:10.26; 3:16.24, 18.13; 6:29.23, ...)
डँहजर (गो॰ 3:20.4)
डकदरनी (गो॰ 1:2.6)
डगरिन (गो॰ 5:26.32)
डाँक (गो॰ 1:7.5)
डाकदर (गो॰ 1:2.4, 13, 18; 2:12.21)
डाबर (गो॰ 3:18.28)
डिंड़ी (गो॰ 1:11.12)
डिमडाम बाँधना (गो॰ 7:35.21-22)
डोरियाना (डोरियायल जाना) (गो॰ 7:35.28)
ढहल-फूटल (गो॰ 4:22.3)
ढुरकना (गो॰ 6:28.26)
ढुर-ढुर (गो॰ 1:1.19)
ढेर देरी (गो॰ 1:1.20)
ढेह (गो॰ 1:5.20; 2:15.6)
तइयो (गो॰ 3:17.4; 9:40.15)
तइसहीं (गो॰ 6:32.2)
तखनी (गो॰ 2:11.20; 5:25.24)
तनि (गो॰ 1:3.33)
तनिक्को (गो॰ 8:36.25)
तनुआँ भनुआँ के (गो॰ 4:20.21-22)
तबर (गो॰ 4:23.5)
तबरी (गो॰ 6:29.20)
तर (गो॰ 2:14.17)
तरसा जाना (कट जाना) (गो॰ 1:10.22)
तरेगन (गो॰ 1:1.8)
तसली (गो॰ 1:10.17)
तहिया (गो॰ 10:43.29)
ताला-कुंजी (गो॰ 8:37.9)
तितिम्मर (गो॰ 7:34.4)
तिनडिड़िया, तिनडड़िया (गो॰ 4:20.16)
तिलंगी (गो॰ 9:40.9)
तिलक (गो॰ 1:9.30; 4:21.29)
तिल-सँकरात (गो॰ 1:7.24)
तीज-तेवहार (गो॰ 3:18.10)
तीत (गो॰ 9:42.29)
तुम्मा फेरी (चोर चोरी छोड़ दे हे बाकि तुम्मा फेरी कहाँ छोड़ऽ हे (गो॰ 2:13.17)
तुरसी (गो॰ 5:25.32)
तोहनी (गो॰ 5:27.10)
थारी-लोटा (गो॰ 5:23.30)
थूकम-फजीहती (गो॰ 8:39.5)
दंद, दन (गो॰ 3:18.32)
दइब (= दैव) (गो॰ 5:25.28)
दत्ती लगना (गो॰ 3:17.30)
ददा (गो॰ 5:27.7)
दनुआँ-भनुआँ (गो॰ 1:6.23)
दन्ने (गो॰ 2:11.19)
दबकाना (गो॰ 7:35.9)
दबाई-उबाई (गो॰ 6:29.6)
दबाई-बीरो (गो॰ 1:2.4; 4:22.23)
दरिआव (गो॰ 2:14.2, 15.13)
दरोगा-सिपाही (गो॰ 8:37.30)
दहँजना (गो॰ 2:14.8; 6:30.30)
दही-भूरा (गो॰ 5:23.25)
दाँते-रसे (गो॰ 6:28.3)
दाम कउड़ी (गो॰ 6:27.31)
दाहा (गो॰ 2:13.24)
दिन दुपहरिये (गो॰ 1:8.23)
दिया (= के बारे में) (गो॰ 7:36.3)
दिरिस (गो॰ 10:44.1)
दुआर (गो॰ 3:19.28; 10:43.13)
दुआरी (गो॰ 1:10.8)
दुखम-सुखम (गो॰ 5:23.23, 24)
दुन्नू (गो॰ 1:9.11; 2:14.22, 23)
दुर (गो॰ 1:8.18)
दुर बिहुनौठी ! (गो॰ 1:6.14)
दुरदुराहट (गो॰ 1:8.17)
दुरनाम (गो॰ 7:34.1)
दुहारी (गो॰ 3:18.26)
दूध के धोवल (गो॰ 7:34.26)
देबन, देमन, देवन (नाम) (गो॰ 2:14.12, 19, 26)
देवमुन (गो॰ 1:9.31)
देवसुन (गो॰ 6:30.33)
दोकान-उकान (गो॰ 10:44.16)
दोसालो से जाड़ा कट्टऽ हे आउर गेंदरो से; जाड़ा बरोबरे गिरऽ हे (गो॰ 3:17.20-21)
धउगना (गो॰ 10:45.21)
धउड़ना (गो॰ 1:8.31; 6:27.25)
धक्कम-धक्की (गो॰ 8:36.22)
धन (= धन्य) (गो॰ 6:32.17, 18)
धनपत पोआर धुन्नऽ हे, आउर लछमी के नाम गोबर हे (गो॰ 1:2.16)
धमधमियाँ तेल (गो॰ 4:21.31)
धयल न थम्हाना (गो॰ 4:21.30-31)
धरे न थमाना (गो॰ 4:21.11-12)
धी-पुतोह (गो॰ 1:2.1)
धुमइल (गो॰ 1:1.20)
धुर्रा उड़ जाना (गो॰ 8:36.24)
धूप (धुप्पे में) (गो॰ 6:30.4)
धूर (गो॰ 5:26.17, 18)
धूर-जानवर (गो॰ 1:7.20)
नजीक (गो॰ 6:31.18)
नतिनदमाद (गो॰ 4:22.8)
नतीजा करना (गो॰ 6:31.11)
नदारथ (गो॰ 1:9.20)
नरस (गो॰ 4:22.5)
नहिरा (गो॰ 1:9.29)
नाता-पुरजा (गो॰ 3:17.5)
नान्ह (गो॰ 1:1.27; 4:21.6)
नाया (गो॰ 1:3.28)
नाया नोहर (गो॰ 3:19.20)
नारा (गो॰ 8:36.15)
निकासना (गो॰ 1:10.9)
निचिंत (गो॰ 4:20.29)
निबाह देना (गो॰ 5:23.23)
निब्बर (गो॰ 2:12.13)
नियन, नीयन, नियर, नीयर (गो॰ 1:1.7, 8, 16, 2.1, 18, 3.9, 14)
निसहारी (गो॰ 1:6.15)
निसा (= नशा) (गो॰ 2:12.12; 8:36.28, 37.2)
निस्सा (गो॰ 10:46.1)
नीन (गो॰ 1:1.11)
नीबर (गो॰ 8:36.24)
नीमक (गो॰ 1:4.2)
नीमन (गो॰ 1:1.27, 2.3, 3.1; 3:18.19; 6:27.28)
नीमन-नीमन (गो॰ 8:36.17)
नून (गो॰ 3:18.13, 19.6, 19; 7:36.1)
नून, कानून आउर पतलून नियर सस्ता (गो॰ 4:22.16-17)
नेतागिरी के तिलंगी असमान में खिलाना (गो॰ 9:40.9-10)
नेमान (गो॰ 1:7.17)
नेहाल (गो॰ 1:7.3)
नोख्सा (गो॰ 9:41.20, 21)
नोन-तेल (गो॰ 3:19.21)
नौ नतीजा करना (गो॰ 1:8.27-28)
पंचाने (एगो नदी के नाम) (गो॰ 1:6.23)
पंजा, पांजा (गो॰ 3:16.17)
पइला (गो॰ 3:19.19)
पइसना (गो॰ 1:2.1)
पइसा-कउड़ी (गो॰ 6:29.13)
पकवे-चोकवे में (गो॰ 3:19.15)
पकिया (गो॰ 5:26.19)
पचमा (गो॰ 10:45.29)
पटरी पड़ना (गो॰ 9:39.31)
पटहेरा के दोकान (गो॰ 8:36.15)
पटावन जोटावन (गो॰ 4:21.25-26)
पट्टे पड़ जाना (गो॰ 2:11.32)
पढ़ना-गुनना (पढ़े-गुने लगलन) (गो॰ 4:21.4)
पढ़ल-गुनल (गो॰ 8:37.21-22; 9:39.25)
पढ़ाना-गुनाना (गो॰ 9:40.1)
पढ़ुआ (गो॰ 1:10.5; 5:25.6)
पत्थर पर खोदल लकीर (गो॰ 9:42.22)
पत्थल (गो॰ 3:17.11)
पथिया (गो॰ 3:16.19)
पनरह (गो॰ 4:23.13)
पनरिहिया (गो॰ 6:31.27)
पनहा (गो॰ 5:26.18)
पनिगर (गो॰ 10:44.7)
पमन (= पवन) (गो॰ 1:3.20)
परकाना (गो॰ 7:34.15)
पर-पहुना (गो॰ 3:17.30)
परवह, परवाह (गो॰ 10:45.18)
परसादी (गो॰ 2:14.4)
परावेट (= प्राइवेट) (गो॰ 9:40.13)
परीछना (गो॰ 5:27.11)
परोग्राम (= प्रोग्राम) (गो॰ 9:40.18)
पवित्तरी (गो॰ 5:23.25)
पसेब (गो॰ 5:26.32)
पसेवा (गो॰ 5:24.9)
पहिलका (गो॰ 8:37.31)
पहिले-पहिल (गो॰ 1:11.14)
पहुनमा (गो॰ 5:25.3)
पहुना-पछझरिआ (गो॰ 3:18.14)
पाछे (गो॰ 6:28.30; 7:33.21; 8:37.30; 11:48.18)
पाठी (गो॰ 1:6.32)
पाठी-खस्सी (गो॰ 1:7.2)
पान-पत्ता (गो॰ 6:32.5)
पानी पर पारल लकीर (गो॰ 9:42.21)
पाही (गो॰ 3:17.32, 18.29)
पिछुलना (गो॰ 11:47.14)
पिराना (= पीड़ा देना, दर्द करना) (गो॰ 1:3.25)
पुक्का (पुक्का फाड़ के रोना) (गो॰ 2:12.1)
पुछार (एगो के पुछार जाहीं देवे के चाही) (गो॰ 5:24.16)
पुनियाँ (गो॰ 4:23.11, 12)
पुन्न (गो॰ 1:7.5)
पुरखाइन (गो॰ 4:20.23)
पुरनका (गो॰ 4:20.20; 7:35.20)
पुरवइया (गो॰ 3:16.4)
पूछना-मातना (गो॰ 1:2.3-4)
पूछ-मात (गो॰ 10:43.32)
पूल पीटना (गो॰ 6:31.1)
पेंड़-बगाद (गो॰ 1:6.28; 4:20.24)
पेट-मुँह चलना/ सुरू होना (पेटे-मुहें सुरू भे गेल) (गो॰ 6:27.24, 28.20)
पेमन (गो॰ 3:18.2)
पैदा, पयदा (गो॰ 3:17.24, 26)
पैर के धरती घूमना (गो॰ 7:33.31)
पोंछडोलवा (गो॰ 5:27.14)
पोआर (गो॰ 1:2.16)
पोखटी (गो॰ 6:30.10)
पोरना (गो॰ 3:18.5)
पोरा-पोरी (गो॰ 5:24.29-30)
पोसल-पालल (गो॰ 7:34.1)
पोहर (गो॰ 1:6.7)
फट चढ़ने न देना (गो॰ 4:23.3)
फटाक दबर (गो॰ 10:45.21)
फटाक सिन (गो॰ 2:11.31)
फनाना (डेग फनयबे न करे) (गो॰ 6:28.1)
फरना-फूलना (फरे-फूले) (गो॰ 5:27.1)
फरागत (गो॰ 1:3.13)
फस्ट (गो॰ 5:25.12; 9:39.19)
फाँफर (गो॰ 2:11.21)
फिकार (गो॰ 4:23.7)
फिन (गो॰ 8:36.28)
फिरन्टे (गो॰ 7:35.17)
फींचना (गो॰ 1:7.19)
फेंटुआँ (गो॰ 1:9.32)
फोंय-फोंय (गो॰ 4:20.29)
बकना-झकना (गो॰ 2:13.22)
बखत (गो॰ 4:23.20)
बखत-बखत (गो॰ 3:16.4)
बगलगीर (गो॰ 9:40.6)
बजड़ी (गो॰ 1:2.24; 2:14.13)
बजाप्ता (गो॰ 11:47.8)
बज्जड़ (गो॰ 1:8.28)
बज्जर (गो॰ 4:20.14)
बड़, बड़का (गो॰ 1:1.25, 29, 2.18, 3.5)
बड़का-बड़का (गो॰ 1:2.5, 9)
बड़-जेठ (गो॰ 5:24.23)
बड़ाई-अड़ाई (गो॰ 5:27.2)
बड़ी (= बहुत) (गो॰ 1:2.19; 5:25.13, 16, 21)
बतकुच्चन (गो॰ 8:39.7)
बतवनवा (गो॰ 9:41.13)
बतास (गो॰ 2:15.7)
बत्तर (गो॰ 1:8.15)
बद-बउरहिया (गो॰ 1:10.19)
बनरी (गो॰ 3:20.8)
बनल-ठनल (गो॰ 4:22.9)
बनुआ (बाहर के बनुआ) (गो॰ 6:28.24)
बप्पा (गो॰ 5:25.21, 27.6, 9)
बम बोलना (गो॰ 6:31.3)
बरतन-बासन (गो॰ 2:11.25, 15.9)
बर-बेमारी (गो॰ 1:4.12)
बर्हम (गो॰ 7:34.26)
बलुक (गो॰ 11:47.10)
बसिआना (बसिआयल) (गो॰ 1:4.2)
बहान (= बहन) (गो॰ 8:38.13)
बहिया-बयल (गो॰ 5:27.14)
बाँही (गो॰ 8:38.25)
बाकि (गो॰ 1:2.11, 26, 3.5, 16, 19, 24, ....)
बाजा बजना (गो॰ 8:37.19)
बाजी (एक्के बाजी पार अइटा) (गो॰ 4:21.8, 9; 9:41.4)
बाड़ा (गो॰ 2:12.21, 30, 14.3; 5:25.21)
बाड़ा-बड़ुआ, बड़ा-बड़ुआ (गो॰ 1:1.25; 2:13.8, 14.13; 6:33.1; 8:36.18, 37.2)
बात छीलना (गो॰ 7:34.27)
बादर (गो॰ 1:3.19; 2:11.19, 32)
बादिस (गो॰ 1:5.1, 9.10, 11; 8:36.30)
बान्ह (गो॰ 11:48.4)
बान्हना (गो॰ 1:10.29; 2:14.13)
बाप-माय (गो॰ 3:19.21; 6:31.3-4; 7:33.25)
बाभनी (गो॰ 1:9.15)
बारना (= जलाना) (गो॰ 1:9.18)
बालाबुरुद (गो॰ 1:6.27)
बाला-बुरूद (गो॰ 4:20.26)
बासल (गो॰ 2:13.17)
बिअहुती, बिहउती (गो॰ 4:23.16)
बिख (गो॰ 1:11.3)
बिगहा (= छोटा गाँव) (गो॰ 4:20.33; 5:26.29)
बिगहा (= बीघा) (गो॰ 1:11.15)
बिचार-आचार (गो॰ 2:12.19)
बिजुली बत्ती (गो॰ 4:21.25)
बिदकाही (गो॰ 4:23.1)
बिदोरना (गो॰ 5:26.31)
बिन गाँगो झूमर ! (गो॰ 8:38.23)
बियान (गो॰ 3:18.20)
बिलाई (गो॰ 1:6.15)
बिसवरिया (गो॰ 3:17.14; 5:23.30)
बिहान (बिहनऽहीं से) (गो॰ 6:29.2)
बिहुनाठी मुँहाठेठी (गो॰ 5:24.24)
बिहुनी (गो॰ 7:36.7)
बिहुनौठी (गो॰ 1:6.14)
बीरो (सभ दवाई, सभ बीरो) (गो॰ 3:16.7)
बुकनी (गो॰ 3:18.13)
बुढ़भेभसी (गो॰ 5:27.1)
बुढ़ारी (गो॰ 5:27.7)
बुताना (गो॰ 3:18.14; 5:26.7)
बुनियाँ (गो॰ 5:24.12)
बुलना (गो॰ 4:22.12; 5:24.30)
बुलना-चलना (बुल-चल के) (गो॰ 1:10.28)
बूँट-जौ (गो॰ 3:18.18)
बून (= बून्द) (गो॰ 1:2.29, 3.21, 9.19)
बेंचा (गो॰ 1:7.22)
बेअग्गर (गो॰ 8:36.26, 38.23)
बेकती (गो॰ 7:33.24)
बेकारे (गो॰ 6:30.27)
बेजाय (गो॰ 2:15.3; 6:33.5; 9:42.25)
बेतहास (गो॰ 1:1.9)
बेपढ़ुआ (गो॰ 7:34.31)
बेमार (गो॰ 1:2.19)
बेरा (गो॰ 4:20.16)
बेस (गो॰ 1:4.21; 6:32.28)
बैल-धूर (गो॰ 3:18.28)
बैले-बैल बिकना (गो॰ 3:18.18)
बोकर-बोकर के रोना (गो॰ 5:24.12)
बोकराती (गो॰ 5:26.3)
बोझा-पंजा (गो॰ 3:17.33)
बोलना-चालना (न ओकरा से बोलऽ हे, न चालऽ हे) (गो॰ 6:33.2-3)
भँजाना (नोट आदि) (गो॰ 6:29.13)
भगमान (गो॰ 1:4.20, 9.6, 7)
भगमान साले-साल पैदा देथ, कइसहुँ मरतय-धरतय दिन जयबे करत (गो॰ 3:17.24-25)
भयामन (गो॰ 5:24.1, 17)
भर दुफरिया (गो॰ 4:20.11)
भलुक (गो॰ 1:6.11)
भाँड़ के रखना (गो॰ 7:36.10)
भाओ (गो॰ 10:44.22; 11:47.11)
भाग (= भाग्य) (गो॰ 3:19.24, 25; 5:25.23, 28)
भिजुन (गो॰ 8:36.27; 11:47.16, 19)
भितरहीं-भितरे (गो॰ 10:43.26)
भिरी, भीरी (गो॰ 1:6.24; 2:11.29; 2:12:26, 27; 11:48.2)
भुँजड़ी-भुँजड़ी (गो॰ 1:5.3)
भुइयाँ (गो॰ 1:8.6; 2:13.30; 6:30.20, 31.8; 7:34.20)
भुइयाँ देख के चलना (गो॰ 7:34.20)
भुक-भाक (बिजली के) (गो॰ 1:1.7)
भुक्खल-पियासल (गो॰ 5:24.23-24)
भुखले-पियासले (गो॰ 1:8.30)
भुतही (गो॰ 1:6.31)
भुरकुस (गो॰ 1:7.3)
भुरभुर (गो॰ 1:5.23)
भुसड़ी (गो॰ 1:8.29)
भूरा (गो॰ 3:19.7)
भेंट न घाँट आउ हमहीं फुलनमा बहू (गो॰ 1:10.1)
भेंट-घाँट (भेंट न घाँट) (गो॰ 1:10.1; 9:41.1)
भोंकइया (गो॰ 6:30.24)
भोंकरना (गो॰ 8:37.2)
भोंड़ (गो॰ 1:9.14)
भोकुंदर (गो॰ 4:22.18)
भोराना (गो॰ 4:20.31)
मँगिया-जरउनी (गो॰ 1:6.18)
मइँजना (गो॰ 1:7.19)
मइया (गो॰ 6:28.24, 29.30, 30.30)
मगह (गो॰ 1:6.22)
मगही (गो॰ 3:17.2)
मचिकाना (गो॰ 6:28.18)
मचिया (गो॰ 4:22.14)
मजूर (गो॰ 1:8.15)
मजूरी (गो॰ 3:18.26)
मन मारे आउ पेट सुखावे, तब टका के भेंट करावे (गो॰ 3:18.23-24)
मनबढ़ुआ (गो॰ 3:16.25)
मनबढ़ू (गो॰ 6:32.14,)
मनमन्ता (गो॰ 7:35.17)
मनिस्टर (गो॰ 11:48.13)
मन्नित (गो॰ 2:14.4)
मयूख (गो॰ 6:28.32)
मरना-मुरझाना (मरइत-मुरझइत) (गो॰ 7:35.6-7)
मर-मुझ के रहना (गो॰ 6:32.33)
मर-मोकदमा (गो॰ 4:21.5)
मरल (गो॰ 1:1.23)
मलकिनी (गो॰ 3:20.3)
महतमाइन (एगो नदी के नाम) (गो॰ 1:6.23)
महतो जी के न दोसर गदहा आउर न मँगरा-मँगरी के दोसर धोबी (गो॰ 3:17.19-20)
महिन्ना (गो॰ 4:22.1)
महुसना (गो॰ 6:29.1)
माघ-फागुन (गो॰ 6:33.5)
मातल (गो॰ 1:1.14)
माय (गो॰ 6:28.7, 16; 7:33.21)
माय-बाप (गो॰ 1:2.25; 2:14.11; 5:24.1, 25.28, 26.3; 7:33.26)
मिट्ठा (गो॰ 3:17.16)
मिट्ठा-गोहुम (गो॰ 3:18.12)
मुँहलगुआ (गो॰ 1:2.18)
मुठान (गो॰ 11:47.32)
मुड़िया जाना (गो॰ 4:20.16)
मुन (गो॰ 6:31.20)
मुनाना (गो॰ 4:20.17)
मुन्दल (गो॰ 1:3.13)
मुरकना (गो॰ 1:8.24)
मुरझल, मुरझाल (गो॰ 1:1.23)
मूड़ी (गो॰ 10:45.26)
मूर (गो॰ 3:17.10, 12)
मेटाना (= मिटना) (गो॰ 3:16.2)
मेटाना (= मिटाना) (गो॰ 3:16.4)
मेमिन (गो॰ 4:23.4)
मेलाघुमनी (गो॰ 9:42.26)
मेहराना (गो॰ 11:48.16)
मोअस्सर (गो॰ 3:18.16)
मोट-झोंट (गो॰ 3:18.6)
मोटहन (गो॰ 6:27.23)
मोतफरकाती काम (गो॰ 4:21.20)
मोतियाबिन (गो॰ 1:9.3)
मोर बाजा (गो॰ 4:21.17)
मोरहर (एगो नदी के नाम) (गो॰ 4:20.21)
मोरी (गो॰ 3:17.9)
मोसकिल (गो॰ 1:1.15)
मोहाने (एगो नदी के नाम) (गो॰ 1:6.23)
मोहाल (गो॰ 2:12.8)
रक्खल (गो॰ 3:18.21, 20.5)
रतजग्गा (गो॰ 4:20.13)
रमाइन (गो॰ 4:21.21)
रसे-रसे (गो॰ 11:46.23)
रहनई (गो॰ 6:32.2)
राजाइन (गो॰ 1:5.32)
राड़ (गो॰ 5:26.13, 14)
राम मेरावल जोड़ी (गो॰ 5:23.27-28)
रामतोड़ई / रामतरोई के तेल (गो॰ 5:24.32; 7:35.4)
रामन (गो॰ 3:19.30)
राम-राज (गो॰ 7:36.7-8)
रावा (गो॰ 7:35.22)
रिन (गो॰ 6:27.21)
रिरिआना (गो॰ 1:3.25)
रीन (गो॰ 6:30.32)
रीनी (गो॰ 6:30.31)
रेकाड (गो॰ 1:10.12)
रेह (गो॰ 3:18.3)
रोकसद्दी (गो॰ 3:19.16; 6:32.25)
रोना-कानना (गो॰ 5:24.15)
रोलाना-धोलाना (गो॰ 5:24.2)
रोवाई (गो॰ 2:12.6)
लंठ-अवारा (गो॰ 6:30.27)
लखैरा (गो॰ 6:28.1)
लगन (गो॰ 4:21.18)
लगल-भिड़ल (गो॰ 3:17.8)
लगुआ-भगुआ (गो॰ 8:38.20)
लट्ठा चलाना (गो॰ 1:7.20)
लड़का-फड़का (लड़िकन-फड़िकन) (गो॰ 4:21.4; 6:32.22; 8:36.18)
लड़िकन-फड़िकन (का लड़िकन का फड़िकन) (गो॰ 8:38.17-18)
लपकना (गो॰ 10:45.30)
लमहर (गो॰ 11:46.25)
लम्मा (गो॰ 5:26.24)
लरी-चरी (गो॰ 1:8.8)
लहबर (गो॰ 5:25.23)
लहलह (गो॰ 6:28.31)
लहसुन आउर पेयाज के फोरन देना (गो॰ 8:38.10-11)
लहालोट (गो॰ 1:2.32)
लाई (मिठाई) (गो॰ 3:18.22)
लाई-मिठाई (गो॰ 1:10.30; 3:16.21)
लाग-फाँस (गो॰ 7:35.21)
लाज-गरान (गो॰ 1:1.27, 28; 6:27.32)
लाठी-पैना (गो॰ 8:36.17)
लात-जुत्ता (गो॰ 5:26.5)
लादना-खेदना (लाद-खेद के) (गो॰ 6:30.23)
लानत-मलामत (गो॰ 3:16.28, 20.3)
लिपले पोतले देहरी, पहिरले ओढ़ले मेहरी (गो॰ 3:18.7-8)
लिलगाय (गो॰ 6:33.1)
लुकपुक (गो॰ 1:5.23)
लुग्गा (गो॰ 1:7.19; 3:18.2)
लुर-लुर (गो॰ 10:44.7)
लूर (गो॰ 1:10.20, 21)
लेले-देले (गो॰ 8:36.19)
लोंदा (गो॰ 2:15.21)
लोग-बाग (गो॰ 6:32.12; 9:39.23)
लोट (= नोट) (गो॰ 3:18.20)
वकू (गो॰ 11:48.20)
विकसल (गो॰ 1:10.5)
विदमान (गो॰ 1:3.4)
विसमाद (गो॰ 3:20.2)
सँउसे, सउँसे, सऊँसे, सौंसे (गो॰ 1:7.10; 2:12.9; 4:21.15; 5:24.16, 21; 5:27.12; 7:33.16; 7:34.8, 13; 11:46.24)
संघी-साथी (गो॰ 9:41.2)
संझा (गो॰ 5:23.24)
संझिला (गो॰ 5:24.12)
संधाल (गो॰ 4:23.15)
सकुँचाना (सकुँचल) (गो॰ 1:3.32)
सखी-सलेहर (गो॰ 10:45.34)
सगरो (गो॰ 2:14.3; 6:32.11)
सच्चे-मुच्चे (गो॰ 1:1.3)
सट के कमाना हे, डँट के खाना हे (गो॰ 3:18.31-32)
सटकल (गो॰ 8:36.29, 37.1)
सतभतरी (गो॰ 8:37.21)
सधारन (गो॰ 2:12.22)
सन (गो॰ 3:17.10)
सनेसा (गो॰ 11:46.33)
सप-सप (हवा) (गो॰ 1:1.9)
समधियाना (गो॰ 5:27.8)
समरिआइन (गो॰ 1:5.31)
समाँग (गो॰ 3:18.27)
समाद (गो॰ 3:17.5; 8:37.19)
समुझदार (गो॰ 9:39.21)
समुझना (गो॰ 6:31.23)
सम्पुट (गो॰ 5:25.11)
सम्हरना (गो॰ 2:14.26)
सरग (गो॰ 5:23.32; 7:35.11)
सरबती आँख (गो॰ 6:28.31)
सर-सनई (गो॰ 1:9.28)
सर-समान (गो॰ 10:43.25)
सरहज (गो॰ 4:22.16)
सरियाना (गो॰ 3:18.20, 21)
सले-सले (गो॰ 1:6.10; 7:35.13; 8:39.10)
सल्ले-सल्ले (गो॰ 10:45.23)
सहकाना (गो॰ 7:34.15)
सहेबिनी (गो॰ 5:25.24; 6:31.2)
साँझबत्ती (गो॰ 3:18.14)
साँधी (गो॰ 5:24.8)
साइत (गो॰ 1:7.13; 2:13.22, 14.23, 25; 7:34.10)
सामन (गो॰ 1:4.25; 3:19.14)
सामन के मेघ आउर साँझ के पहुना बिन बरसले थोड़े जाहे (गो॰ 3:19.14)
सामन-भादों (गो॰ 1:8.21)
सामुन (= साबुन) (गो॰ 1:2.2)
सार (= साला) (गो॰ 1:8.22)
सारा (= साला) (गो॰ 5:25.8)
सारी (=साली) (गो॰ 4:22.16)
साल-माथ (गो॰ 4:21.14)
साले-साल (गो॰ 3:19.17)
साव के मूर से सूद प्यारा होवऽ हे (गो॰ 3:17.12)
सिउ जी (गो॰ 2:13.12, 14, 19)
सिन (गो॰ 10:45.9)
सिपाही-दरोगा (गो॰ 7:35.8-9; 8:36.21)
सिमटम (गो॰ 4:23.1)
सिरैतिन (गो॰ 3:18.29)
सिहुँकल (गो॰ 1:1.9)
सींकड़ (गो॰ 4:23.19)
सीमिट-गारा (गो॰ 4:21.8)
सुक्खल (गो॰ 1:1.20; 2:15.18; 6:28.28)
सुक्खा (गो॰ 6:27.19)
सुगबुगाना (सुगबुगायल) (गो॰ 8:36.13)
सुतना, सूतना (सुत्तऽ हल, सूतऽ हे) (गो॰ 1:3.13; 2:13.11)
सुत्तल (गो॰ 1:1.14, 9.18)
सुत्थर (गो॰ 1:9.26; 3:20.9)
सुद्धा (गो॰ 1:10.26)
सुन्नर (गो॰ 1:7.31, 9.15; 2:15.18; 10:44.21)
सुरसुर (गो॰ 5:27.3)
सूते बखत (गो॰ 9:40.14)
सूद-मूर (गो॰ 6:32.29)
सेकेंड के सूई नियर तेज होना (गो॰ 8:37.29)
सेनुर (गो॰ 4:23.16)
सेमाना (गो॰ 1:6.27; 4:21.1)
सेवा-बरदास (गो॰ 1:2.7; 2:12.32)
सोआती (= स्वाती) (गो॰ 5:25.27)
सोआरथ (गो॰ 5:25.24)
सोडा-सामुन (गो॰ 3:18.3)
सोनहरा (गो॰ 6:31.18, 32.4)
सोन्हई (गो॰ 1:10.32)
सोमार (गो॰ 4:23.11)
सोमारी मेला (गो॰ 4:23.7; 8:36.14)
सोहदा (गो॰ 6:31.5; 7:34.21; 11:48.16)
सोहामन (गो॰ 3:15.30)
सौदा-बारी (गो॰ 8:36.13)
सौभाग (गो॰ 2:12.9)
हँथिया, हथिया (नक्षत्र के नाम) (गो॰ 6:29.31)
हँसी के दही जमाना (गो॰ 9:41.19)
हकासल-पियासल (गो॰ 6:31.21-22)
हजार-बजार (गो॰ 5:25.2)
हड़कना (गो॰ 11:48.19)
हदबदाना (गो॰ 10:44.13; 11:47.16)
हद-हद करना (गो॰ 1:10.23)
हनना-धुनना (गो॰ 1:6.26)
हनना-धुनना (गो॰ 5:24.14)
हमन्हि (गो॰ 1:10.27; 5:25.4, 26.4)
हमहूँ (गो॰ 2:14.20, 24)
हम्मर (गो॰ 1:4.26; 5:27.4)
हर-घर (उ न हर के होवऽ हे न घर के) (गो॰ 1:10.5-6)
हरवाही (गो॰ 5:25.14)
हरहराना (गो॰ 11:48.4)
हरहोर (गो॰ 6:33.3)
हरिअर (गो॰ 1:11.8)
हलावत (गो॰ 10:44.22; 11:48.10)
हल्लुक (गो॰ 1:1.19, 3.22)
हल्लो-हरान (गो॰ 8:38.14)
हाँफे-फाँफे (गो॰ 8:37.4)
हाड़ तोड़ के मेहनत करना (गो॰ 3:17.3-4)
हाथ-गोड़ (गो॰ 6:27.25)
हारल-हहरल (गो॰ 1:1.8)
हिंजो-हिंजो (गो॰ 1:8.21)
हिया गरान (गो॰ 1:4.26)
हीं (= के यहाँ) (गो॰ 3:19.21)
हींआ (गो॰ 6:27.22)
हूँ (= भी) (गो॰ 2:14.21)
हेलना (गो॰ 10:45.33)
होवइया (गो॰ 9:41.2)

4 comments:

संगीता पुरी said...

बहुत मेहनत करते हैं आप भी।

नारायण प्रसाद said...

इस जालस्थल पर भेंट देने और टिप्पणी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ।

Kaushal Kishore , Kharbhaia , Patna said...

मगही के लिए आपके प्रयास के जेतना प्रसंसा कईल जाए कम हई.
आप के पढ़त पढ़त हमरा ई लगे हे की अब मगही के अप्पन शब्द ( जेकरा आप ठेठ कह हथीन ) के संजोग कर एक बृहद मगही शब्द कोष बनवल जा सक s हई. और ओकरा ला माल मटेरिअल आप तैयार कर देल्तीं हें.
एक और बात laud थिंकिंग के तौर पर हम कर रहली हे की अप्पन ई प्रयास के - खास कर विषय वस्तु के सन्दर्भ में - थोडा व्यापक बानवे के दरकार हई.
मसलन - मगही क्षेत्र के समसामयिक हलचल ,राजनैतिक , सामाजिक ,सांस्कृतिक , ऐतिहासिक , कोई दृष्टिकोण से भी . जे भी विमर्श सम्भाभ हई उ सब के काठा कईल जाय .
एक और काम करे लायक हई. उ हई ठेठ मगही - मसलन बिहारशरीफ के आस पास के लोग द्वारा खास कर किसान मजदूर ,कारीगर ,कोई बूढी औरत के मगही वार्तालाप के मगही भाषा के एक रूप के तौर पर टेप कर ( रिकॉर्ड कर ) ओकरा ब्लॉग पर सौंड ट्रैक के रूप में लावल जाये.
उसी तरह से अपन स्वाभाविक तौर पर साडी बियाह में गावल जाय वाला गीत के भी अपन नैचुरल सेटिंग में रिकॉर्ड कर ओकर सौंड ट्रैक पोस्ट कईल जाए. और ई बात हर मगही क्षेत्र लगी हो त तो सोने में सुहागा.
कभी मौका मिले त ठुमरी ब्लॉग स्पॉट पर जाथिन . वहाँ बहुत सुन्दर ठुमरी और कजरी के सौंड ट्रंक पोस्ट कईल रह हई.
हम इ मामला में थोडा challenged ही ओही से ई काम न कर पीली हे.
इ सौंड ट्रैक के ख्याल हमरा एक इंग्लिश किताब - स्टोरी ऑफ़ इंग्लिश - ए कोमपनिओन बुक पुब्लिशेड इन मिड १९८०,s अलोंग विथ बीबीसी दोचुमेंट्री ऑफ़ the same name , से मिलालाई . उ किताब हमरा पास हई . हम आप के और डिटेल दवाई. ई बात अगर मगही याहू ग्रुप पर भी अगर रहल जाए तो बढ़िया होतई.
सादर

नारायण प्रसाद said...

कौशल जी,
हम अपने के सब विचार से सहमत हिअइ । मगही के हरेक प्रातिनिधिक क्षेत्र से (विशेष रूप से ग्रामीण भाग से) टेप कइल सामग्री के जालस्थल पर डालल जा सकऽ हइ । परन्तु एकरा लगी सामूहिक रूप से काम कईल जाय त बेहतर होतइ । अभी तो घर पर रहते जे कुछ सम्भव हइ, हम पूरा करे के कोरसिस कर रहऽलिये ह ।