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Thursday, October 14, 2021

रूसी उपन्यास "अपमानित आउ तिरस्कृत": भाग 4; अध्याय 4

                अपमानित आउ तिरस्कृत

भाग 4

अध्याय 4

हम अभियो स्ट्रीट में दौड़ना शुरुओ नञ् कर पइलिए हल, सोचियो नञ् सकलिए हल, कि अब की करे के चाही, कि अचानक देखलिअइ, कि हमन्हीं के गेट बिजुन द्रोश्की आके खड़ी होलइ आउ द्रोश्की से अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना उतर रहले ह, नेली के हाथ से पकड़ले। ऊ ओकरा कसके धइले हलइ, मानु डर रहले हल, कि ऊ कहीं दोबारा नञ् भाग जाय। हम झपटके ओकन्हीं तरफ गेलिअइ।

"नेली, तोरा की हो गेलो ह!" हम चिल्लइलिअइ, "तो काहाँ जाब करऽ हलहीं, काहे लगी?"

"ठहरथिन, जल्दी मत करथिन; अपने के हियाँ पहिले चलल जाय, हुएँ परी सब कुछ जान जइथिन", अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना चहकलइ, "हम अपने के की कहिअइ, इवान पित्रोविच", ऊ रस्ता में तेजी से फुसफुसइलइ। "खाली अचरज कइल जा सकऽ हइ ... अइकी चलल जाय, अभी जान जइथिन।"

ओकर चेहरा पर लिक्खल हलइ, कि ओकरा पास अत्यंत मुख्य समाचार हलइ।

"चल, नेली, चल, जरी लेट (पड़) जो", ऊ कहलकइ, जब हमन्हीं कमरा में प्रवेश कइलिअइ, "आखिर तूँ थक गेलँऽ हँ; मजाक नञ् हइ, केतना तूँ दौड़लँऽ हँ; आउ बेमारी के बाद तो बहुत कठिन हइ; लेट जो, प्यारी, लेट जो। आउ हमन्हीं दुन्नु के अभी हियाँ से हट जाल जाय, ओकरा हमन्हीं दखल नञ् देते जइबइ, सुत्ते देल जाय।"

आउ ऊ हमरा इशारा कइलकइ, कि हमन्हीं दुन्नु निकसके रसोईघर में चल जइते जइअइ।

लेकिन नेली नञ् लेटलइ, ऊ सोफा पर बैठ गेलइ आउ अपन चेहरा दुन्नु हाथ से झाँप लेलकइ।

[*381] हमन्हीं बाहर निकसलिअइ, आउ अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना जल्दी-जल्दी में हमरा बतइलकइ, कि बात की हइ। बाद में हमरा आउ विवरण मालुम होलइ। त अइकी ई बात हलइ।

हमर घर वापिस आवे के लगभग दू घंटा पहिले आउ हमरा लगी एगो नोट (चिट) छोड़के, नेली पहिले भागके बुढ़उ डाक्टर के पास गेलइ। उनकर घर के पता ऊ पहिलहीं मालुम कर लेलके हल। डाक्टर हमरा बतइलथिन, कि ऊ तो हक्का-बक्का हो गेलथिन, जब अपन घर में नेली के देखलथिन, आउ ऊ पूरे समय, जब तक ऊ उनका हीं रहलइ, «अपन आँख पर विश्वास नञ् कर पइलथिन»। «हमरा अभियो नञ् विश्वास होवऽ हइ», ऊ अपन कहानी के अंत में बोललथिन, «आउ हमरा कभियो ई बात पर विश्वास नञ् होत»। आउ तइयो, नेली वास्तव में उनका हीं हलइ। ऊ शांतिपूर्वक अपन अधध्ययन-कक्ष में बैठल हलथिन, अपन अरामकुरसी पर, schlafrock[1] में आउ कॉफी पीते, जब ऊ दौड़ल अन्दर घुसलइ आउ झपटके उनकर गरदन से लिपट गेलइ, एकर पहिले कि ऊ होश में आ पइथिन हल। ऊ रोलइ, उनका आलिंगन कइलकइ आउ चुमलकइ, उनकर हाथ चुमलकइ आउ आश्वस्त करते, हलाँकि असंगत रूप से, उनका निवेदन कइलकइ, कि ऊ ओकरा अपना हीं रहे देथिन; बोललइ, कि ऊ हमरा ही न रहे लगी चाहऽ हइ आउ न रह सकऽ हइ, ओहे से हमरा हीं से चल गेले हल; कि ओकरा लगी (हमरा हीं रहना) कठिन हइ; कि ऊ अब उनका पर आउ नञ् हँसतइ आउ न नयका पोशाक के बारे बात करतइ आउ निम्मन से व्यवहार करतइ, अध्ययन करतइ, «उनकर मनिश्का के साफ करे आउ इस्त्री करे लगी सीख लेतइ» (शायद, अपन भाषण रस्तावा में सोच लेलके हल, आउ हो सकइ हइ, कि पहिलहूँ) आउ कि, आखिर, ऊ आज्ञापालन करतइ आउ बल्कि रोज दिन जेतना चाही ओतना चूर्ण लेतइ। आउ कि अगर ऊ तहिया बोलले हल, कि उनका साथ शादी करे लगी चाहऽ हलइ, त आखिर ऊ मजाक कइलके हल, कि ऊ अइसन सोचवो नञ् करऽ हइ। बुढ़उ जर्मन एतना स्तब्ध हलथिन, कि पूरे समय, मुँह बइले, बैठल रहलथिन, अपन हाथ उपरे उठइले, जेकरा में सिगार धइले हलथिन, आउ सिगार के बारे भूल गेलथिन, हियाँ तक कि ऊ बुतियो गेलइ।

"Mademoiselle[2]", आखिरकार ऊ बोललथिन, कइसूँ अपन वाक्शक्ति प्राप्त कइला पर, "mademoiselle, हम जेतना तोहरा समझ पइलियो ह, तूँ निवेदन करऽ ह, कि हम तोरा अपना हीं जगह दियो। लेकिन ई - असंभव हको! तूँ तो देखवे करऽ ह, हम बहुत तंग हालत में हकियो आउ हमर आमदनी काफी नञ् हको ... आउ, आखिर, एतना सीधे, बिन कोय सोच-विचार कइले ... ई भयंकर हको! आउ, आखिर, तूँ, जेतना हम देख सकऽ हकियो, अपन घर से भागके अइलऽ। ई बहुत निंदनीय आउ असंभव हको ... आउ, आखिर, हम तोरा खाली जरी-मनी घुम्मे के अनुमति देलियो हल, स्वच्छ दिन में, अपन संरक्षक के देखभाल के अधीन, जबकि तूँ अपन संरक्षक के ही परित्याग कर दे हो आउ भागके हमरा हीं आ जा हो, तब जबकि तोरा खुद के सेहत के खियाल रक्खे के चाही आउ ... आउ ... दवाय लेवे के चाही। आउ, आखिर ... आखिर, हमरा कुच्छो नञ् समझ में आवऽ हको ..."

नेली उनका पूरा-पूरा बोले के अवसर नञ् देलकइ। ऊ फेर से रोवे लगलइ, फेर से उनका निवेदन करे, लेकिन कुच्छो फयदा नञ् होलइ। बुढ़उ अधिकाधिक आश्चर्यचकित होल गेलथिन आउ अधिकाधिक उनका कुछ नञ् समझ में अइते गेलइ। आखिरकार, नेली उनका छोड़ देलकइ, चीख उठलइ - «आह, हे भगमान!» आउ कमरा से दौड़ल बाहर निकस गेलइ। «हम ई पूरे दिन बेमार हलिअइ», डाक्टर आगू बोललथिन, अपन कहानी समाप्त करते, «आउ रात में काढ़ा लेलिअइ ...»।

आउ नेली मस्लोबोयेव के हियाँ दौड़ पड़लइ। ऊ ओकरो पता मालुम कइले हलइ आउ ओकरा खोज लेलकइ, हलाँकि बिन कठिनाई के नञ्। मस्लोबोयेव घरवे पर हलइ। अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना अचरज से अपन हाथ उपरे कर लेलकइ, जब नेली के निवेदन सुनलकइ कि ओकन्हीं अपन घर में ओकरा रहे देइ। ओकर प्रश्न कइला पर - काहे लगी ओकरा ई चाही, ओकरा कहीं हमरा हीं कोय दिक्कत हइ की? - नेली कुच्छो नञ् [*382] उत्तर देलकइ आउ, रोते-कलपते, लपकके कुरसी पर बैठ गेलइ। «ऊ एतना रो रहले हल, एतना रो रहले हल», हमरा अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना बतइलकइ, «कि हम सोचलिअइ, ऊ एकरा चलते मर जइतइ»। नेली निवेदन कइलकइ कि ओकरा बल्कि नौकरानी के रूप में, बल्कि रसोइया के रूप में रख लेल जाय, बोललइ, कि ऊ फर्श के झाड़ू से सफाई करतइ आउ कपड़ा धोवे लगी सीख लेतइ। (कपड़ा धोवे पर ऊ एक प्रकार के विशेष आशा कइले हलइ आउ कोय कारणवश घर में रख लेवे खातिर ऊ एकरा एगो बड़गो प्रलोभन समझऽ हलइ।) अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना के विचार ओकरा खुद के हियाँ मामला सुलझे के समय तक रख लेवे के हलइ, आउ हमरा सूचित कर देवे के। लेकिन फ़िलिप फ़िलिपिच दृढ़तापूर्वक एकर विरोध कइलकइ आउ तुरते भगोड़ी के हमरा हीं पठा देवे के औडर देलकइ। रस्ता में अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना ओकरा गले लगइलकइ आउ चुमलकइ, जेकरा से नेली आउ जादे रोवे लगलइ। ओकरा तरफ देखके अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना भी रो पड़लइ। ई तरह पूरे रस्ता दुन्नु रोते रहलइ।

"लेकिन काहे, काहे, नेली, तूँ उनका हीं नञ् रहे लगी चाहऽ हीं; की ऊ तोरा अपमानित करऽ हथुन?" अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना, अश्रु बहइते, पुछलकइ।

"नञ्, अपमानित नञ् करऽ हथन।"

"अच्छऽ, त फेर काहे?"

"अइसीं, हम उनका हीं नञ् रहे लगी चाहऽ ही ... नञ् रह सकऽ ही ... हम उनका साथ हमेशे एतना बुरा व्यवहार करऽ हिअइ ... लेकिन ऊ उदार हथिन ... आउ तोहरा हीं हम बुरा व्यवहार नञ् करबो, हम काम करबो", ऊ बोललइ, रोते-रोते, मानु हिस्टीरिया के दौरा में।

"काहे तूँ उनका साथ एतना बुरा व्यवहार करऽ हीं, नेली? ..."

"अइसीं।"

"आउ ओकरा से पूछताछ करके ओकरा हीं से खाली हम «अइसीं» प्राप्त कर पइलिअइ", अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना अंत में बोललइ, अपन आँसू पोछते, "ई लड़की काहे एतना दुखी हइ? की दौरा के चलते ई बात हइ? अपने की सोचऽ हथिन, इवान पित्रोविच?"

हमन्हीं नेली भिर गेते गेलिअइ; ऊ पड़ल हलइ, तकिया में अपन चेहरा छिपइले, आउ रो रहले हल। हम टेहुना के बल ओकरा सामने बैठ गेलिअइ, ओकर हाथ पकड़लिअइ आउ ओकरा चुम्मे लगलिअइ। ऊ हमरा हीं से अपन हाथ घींच लेलकइ आउ जादहीं जोर से कन्ने लगलइ। हमरा समझ में नञ् आ रहले हल, कि कउची बोलिअइ। तखनिएँ बुढ़उ इख़मेनेव अंदर अइलथिन।

"आउ हम तोहरा हीं काम से अइलियो ह, इवान, जीअ!" ऊ कहलथिन, हमन्हीं सब्भे तरफ नजर फेरते आउ अचरज से हमरा टेहुना के बल बैठल देखते। बुढ़उ हाल में पूरे समय तक बेमार हलथिन। ऊ पीयर आउ दुब्बर हलथिन, लेकिन, मानु केकरो सामने बनावटी साहस देखइते, अपन बेमारी पर नफरत करऽ हलथिन, आन्ना अन्द्रेयेव्ना के नसीहत पर ध्यान नञ् दे हलथिन, बिछौना पर नञ् लेटऽ हलथिन, आउ अपन काम के वास्ते घूमना-फिरना जारी रखलथिन।

"अभी खातिर अलविदा", अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना कहलकइ, एकटक बुढ़उ तरफ तकते। "हमरा फ़िलिप फ़िलिपिच जल्दी से जल्दी वापिस आवे के औडर देलका ह। हमन्हीं हीं काम हइ। आउ शाम के, गोधूलि वेला में, अपने के हियाँ अइबइ, लगभग दू घंटा बैठबइ।"

"ई केऽ हथिन?" बुढ़उ हमरा फुसफुसइते पुछलथिन, स्पष्टतः कुछ आउ बारे सोचते। हम बतइलिअइ।

"हूँ। अइकी हमरा काम से जाय के हइ, इवान ..."

हम जानऽ हलिअइ, ऊ कउन काम से अइलथिन हँ, आउ उनकर भेंट के इंतजार करब करऽ हलिअइ। ऊ हमरा आउ नेली के साथ बात करे लगी अइलथिन हल आउ हमरा हीं से ओकरा समझा-बुझाके खुद के हियाँ ले जाय लगी चाहऽ हलथिन। आन्ना अन्द्रेयेव्ना आखिरकार अनाथ के घर में रक्खे लगी तैयार हो गेले हल। अइसन हमन्हीं दुन्नु के बीच गुप्त बातचीत से होलइ - हम आन्ना अन्द्रेयेव्ना के [*383] आश्वस्त कइलिअइ आउ ओकरा कहलिअइ, कि अनाथ के देखके, जेकर माय भी अपन पिता से अभिशप्त हलइ, शायद, हमन्हीं के बुढ़उ के दिल के दोसरा विचार तरफ मोड़तइ। हम ओकरा एतना निम्मन से अपन प्लान समझइलिअइ, कि ऊ अब खुद्दे अपन पति के अनाथ के लावे लगी प्रोत्साहित करे लगलइ। बुढ़उ तैयारी के साथ काम में लग गेलथिन - ऊ चाहऽ हलथिन, पहिला, अपन आन्ना अन्द्रेयेव्ना के प्रसन्न करे लगी, आउ दोसरा, उनकर खुद के विशेष विचार हलइ ... लेकिन ई सब कुछ के हम बाद में विस्तार से वर्णन करबइ ...

हम पहिलहीं उल्लेख कर चुकलिए ह, कि नेली बुढ़उ के उनकर पहिलउके भेंट के समय से पसीन नञ् करऽ हलइ। बाद में हम नोटिस कइलिअइ, कि ओकर चेहरा में एक प्रकार के घृणा भी दृष्टिगोचर होवऽ हलइ, जब ओकर उपस्थिति में इख़मेनेव के नाम के उच्चारण कइल गेलइ। बुढ़उ काम तुरते चालू कर देलथिन, बिन कोय भूमिका बान्हले। ऊ सीधे नेली बिजुन अइलथिन, जे अभियो तक लेटल हलइ, अपन चेहरा तकिया के निच्चे छिपइले, आउ ओकरा हाथ से पकड़के, पुछलथिन - की ऊ बेटी के स्थान पर आके ऊ उनका हीं रहे लगी चाहतइ?

"हमरा एगो बेटी हले, हम ओकरा खुद से जादे प्यार करऽ हलिअइ", बुढ़उ अन्त में कहलकइ, "लेकिन ऊ अभी हमरा साथ नञ् रहऽ हके। ऊ मर गेल। की तूँ ओकर जगह पर हमर घर में आवे लगी चाहऽ हँ आउ ... हमर दिल में?"

आउ उनकर आँख में, जे बोखार से सूख आउ सूज गेले हल, आँसू भर गेलइ।

"नञ्, नञ् चाहऽ ही", नेली जवाब देलकइ, अपन सिर बिन उठइले।

"काहे, बुतरू हमर? तोरा तो कोय नञ् हउ। इवान तोरा हमेशे लगी अपना हीं नञ् रख सकऽ हथुन, जबकि तूँ हमरा हीं अप्पन घर नियन रहमँऽ।"

"नञ् चाही, काहेकि तूँ बदमाश हकऽ। हाँ, बदमाश, बदमाश", ऊ आगू बोललइ, अपन सिर उपरे करते आउ बुढ़उ के सामने बिछावन पर बैठते। "हम खुद्दे बदमाश हियो, आउ सबसे जादे बदमाश, लेकिन तूँ तो हमरो से जादे बदमाश हकऽ! ..." - एतना कहके, नेली पीयर पड़ गेलइ, ओकर आँख चमक रहले हल; हियाँ तक कि ओकर काँपइत होंठ पीयर पड़ गेलइ आउ कइसनो प्रचंड संवेदना के उमड़ पड़ला से विकृत हो गेलइ। बुढ़उ तो किंकर्तव्यविमूढ़ होल ओकरा दने तकते रह गेलथिन।

"हाँ, हमरा से जादे बदमाश, काहेकि तूँ अपन बेटी के माफ करे लगी नञ् चाहऽ हो; तूँ ओकरा बिलकुल भूल जाय लगी चाहऽ हो आउ एगो दोसरे बुतरू के लावऽ  हो, लेकिन की वास्तव में अपन सगा बुतरू के भुलाल जा सकऽ हइ? की वास्तव में तूँ हमरा प्यार करभो? आखिर जइसीं तोहर नजर हमरा पर जइतो, त तोरा आद पड़ जइतो, कि हम तो तोरा लगी अनजान हियो आउ तोरा तो एगो अप्पन बेटी हलो, जेकरा तूँ खुद भूल गेलहो, काहेकि तूँ एगो निर्दय व्यक्ति हकहो। आउ हम निर्दय लोग के पास रहे लगी नञ् चाहऽ ही, नञ् चाहऽ ही, नञ् चाहऽ ही! ..." - नेली सिसके लगलइ आउ पल भरी लगी हमरा पर एक नजर डललकइ।

"परसुन ईस्टर (Easter) हइ, सब लोग एक दोसरा के चुंबन लेतइ आउ गले लगइतइ, आपस में समझौता कर लेते जइतइ, एक दोसरा के कसूर माफ कर देतइ ... खाली तूँ अकेल्ले हकऽ, तूँ ... ओह! निर्दय! चल जा!"

ओकर आँख से अश्रु के धार बह रहले हल। ई भाषण ऊ, लगऽ हइ, कब के तैयार कर चुकले हल आउ कंठस्थ कर लेलके हल, ऊ अवसर लगी कि कहीं बुढ़उ फेर से ओकरा अपना हीं आमंत्रित नञ् करे। बुढ़उ अचंभित हो गेलथिन आउ पीयर पड़ गेलथिन। एगो कष्टकारक संवेदना उनकर चेहरा पर दृष्टिगोचर हो रहले हल।

"आउ काहे लगी, काहे लगी, काहे लगी सब कोय हमरा लगी चिंतित हइ? हमरा नञ् चाही, नञ् चाही!" अचानक नेली चिल्ला उठलइ, एक प्रकार के क्रोधावेश में, "हम भीख माँगम!"

"नेली, तोरा की हो गेलो ह? नेली, हमर मित्र!" जाने-अनजाने हम चिल्ला उठलिअइ, लेकिन हमर उद्गार खाली आग में घी के काम कइलकइ।

[*384] "हाँ, बेहतर हम स्ट्रीट में जाके भीख माँगम, लेकिन हियाँ नञ् रहम", ऊ चिल्लइलइ, रोते-रोते। "आउ हमर माय भीख माँगऽ हले, आउ जब मर रहल हल, त खुद्दे हमरा कहलक हल - गरीब रह आउ बेहतर भीख माँग, बनिस्पत ... भीख माँगना शरमनाक नञ् हइ - हम कोय एक अदमी से नञ् माँगऽ ही, हम सब्भे से माँगऽ ही, आउ सब कोय एक अदमी नञ् हइ; एक अदमी से माँगना शरमनाक हइ, लेकिन सब से माँगना शरमनाक नञ्; अइसन हमरा एगो भिखमँगनी बतइलकइ; आखिर हम बुतरू ही, हमरा कोय काम नञ् देतइ। हम सब से माँगबइ। लेकिन हियाँ नञ् चाहऽ ही, नञ् चाहऽ ही, नञ् चाहऽ ही, हम बदमाश ही; हम सबसे जादे बदमाश ही; अइकी हम केतना बदमाश हिअइ!"

आउ नेली अचानक बिलकुल अप्रत्याशित रूप से टेबुल पर से एगो कप उठइलकइ आउ ओकरा फर्श पर फेंक देलकइ।

"अइकी अब ई फूट गेलइ", ऊ आगू बोललइ, एक प्रकार के चुनौतीपूर्ण विजयोल्लास के साथ हमरा दने तकते। "कप तो कुल दुइए गो हइ", ऊ आगू बोललइ, "हम दोसरको फोड़ देबइ ... तब कउची से चाय पीबऽ?"

ऊ क्रोधावेश में हलइ आउ मानु ई क्रोधावेश में खुद आनंद अनुभव करऽ हलइ, मानु खुद ओकरा बोध हलइ, कि ई शरमनाक आउ गलत हइ, लेकिन एकर साथे-साथ मानु खुद के प्रेरित कर रहले हल आगू के शरारत खातिर।

"ऊ तोहरा हीं बेमार हको, वान्या, एहे बात हको", बुढ़उ कहलथिन, "चाहे ... हमरा समझ में नञ् आवऽ हको, कि ई कइसन बुतरू हइ। अलविदा!" ऊ अपन टोपी लेलथिन आउ हमरा से हाथ मिलइलथिन। ऊ मानु कुचल देल गेलथिन हल; नेली उनका प्रचंड रूप से अपमानित कइलके हल; सब कुछ हमरा में खलबली मच्चल हलइ।

"आउ तोरा उनका पर कोय तरस नञ् अइलउ, नेली!" हम चिल्लइलिअइ, जब हमन्हीं अकेल्ले रह गेलिअइ, "आउ कोय शरम नञ् हउ, तोरा कोय शरम नञ् लगऽ हउ!"

नञ्, तूँ निम्मन लड़की नञ् हकँऽ, तूँ वास्तव में बदमाश हकँऽ!" आउ जइसन हम बिन हैट के हलिअइ, ओइसीं हम बुढ़उ के पीछू-पीछू दौड़ पड़लिअइ। हम उनका साथ गेट तक जाय लगी चाहऽ हलिअइ आउ बल्कि दुइयो शब्द सांत्वना के रूप में कहे लगी चाहऽ हलिअइ। ज़ीना पर से होके निच्चे दौड़ल, हम मानु अपन सामने नेली के चेहरा देखलिअइ, भयंकर रूप से हमर झिड़की से पीयर पड़ल।

हम जल्दीए अपन बुढ़उ तक पहुँच गेलिअइ।

"बेचारी लड़की के अपमानित कइल गेले ह, आउ ओकरा अपने दुख हइ, हमर विश्वास करऽ, इवान; आउ हम ओकरा अप्पन दुख के बारे बतावे लगलिअइ", ऊ कहलथिन, कटुतापूर्वक मुसकइते। "हम ओकर घाव के कुरेद देलिअइ। लोग के कहना हइ, रजके खाल अदमी भुक्खल के नञ् समझऽ हइ; लेकिन हम, वान्या, एकरा में जोड़ऽ हिअइ, कि भुखलो अदमी भुक्खल के हमेशे नञ् समझतइ। अच्छऽ, अलविदा!"

हम कुछ आउ चीज के बारे बात करे वला हलिअइ, लेकिन बुढ़उ खाली हात लहरइलथिन।

"हमरा सांत्वना देना बेकार हको; बेहतर ई बात पर ध्यान देहो, कि तोर तोहरा हीं से भाग नञ् जाय; ऊ अइसने देखाय दे हको", ऊ आगू बोललथिन, कइसनो कटुता के साथ आउ हमरा भिर से तेजी से कदम भरते चल गेलथिन, छड़ी लहरइते आउ फुटपाथ पर से होके एकरा से ठक-ठक करते।

ऊ पैगंबर होवे के आशा नञ् करऽ हलथिन। की हमरा साथ होलइ, जब, वापिस घर अइला पर, अचंभित होल, फेर से नेली के घर पर नञ् पइलिअइ! हम प्रवेशमार्ग में दौड़ल गेलिअइ, ओकरा ज़ीना पर खोजलिअइ, ओकर नाम लेके पुकरलिअइ, हियाँ तक कि पड़ोसी के भी दरवाजा पर दस्तक देलिअइ आउ ओकरा बारे पुछलिअइ; हम न तो विश्वास कइलिअइ आउ न करे लगी चहलिअइ, कि ऊ फेर से भाग गेलइ। आउ ऊ कइसे भाग जा सकऽ हलइ? घर में एक्के गेट हलइ; ऊ हमन्हीं के पास से होके [*385] बचके निकस गेले होत, जब हम बुढ़उ से बात कर रहलिए हल। लेकिन जल्दीए, जे हमरा लगी बड़गो उदासी पैदा कइलकइ, हमरा दिमाग में विचार अइलइ, कि ऊ पहिले कहीं तो ज़ीना पर नुक गेले होत आउ इंतजार कर रहले होत, जब तक कि हम वापिस घर नञ् आ जइअइ, आउ तब ऊ भाग जाय, ई तरह कि हम ओकरा से कइसूँ भेंट नञ् कर पइअइ। कइसनो हालत में, ऊ जादे दूर नञ् गेले होत।

बड़गो बेचैनी में हम फेर से दौड़ल बाहर गेलिअइ ओकरा खोज में, कमरा के खुल्ला छोड़के कि कहीं ऊ वापिस आ जाय।

सबसे पहिले हम मस्लोबोयेव के हियाँ रवाना होलिअइ। मस्लोबोयेव परिवार घर पर नञ् हलइ, न तो ऊ, न अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना। ओकन्हीं हीं एगो नोट छोड़के, जेकरा में ओकन्हीं के नयका विपत्ति के बारे सूचित कइलिअइ, आउ निवेदन करते, कि अगर ओकन्हीं हीं नेली आवइ, त तुरते हमरा सूचित करे, हम डाक्टर के हियाँ रवाना होलिअइ; ओहो घर पर नञ् हलथिन, नौकरानी हमरा बतइलकइ, कि, हाल के भेंट के बाद दोबारा नञ् अइले हल। की कइल जा सकऽ हलइ? हम बुबनोवा के हियाँ रवाना होलिअइ आउ हमरा परिचित ताबूतसाज के पत्नी से पता चललइ, कि मालकिन कल्हे से कोय कारणवश थाना में हइ, आउ नेली हुआँ तहिया से नञ् देखाय देलके हल। थकके चूर होल, हम फेर से मस्लोबोयेव के हियाँ दौड़ल गेलिअइ; ओहे जवाब - कोय नञ् हलइ, आउ ओकन्हीं खुद अभी तक वापिस नञ् अइते गेले हल। हमर नोट टेबुल पर पड़ल हलइ। हम की करतिए हल?

मौत नियन उदासी में देर शाम के हम घर वापिस अइलिअइ। ई शाम के हमरा नताशा के हियाँ होवे के हलइ; ऊ खुद हमरा सुबहे बोलइलके हल। लेकिन हम तो ई दिन कुच्छो खइवो नञ् कइलूँ हल; नेली के बारे विचार हमर पूरे आत्मा के क्रोधित कर रहले हल। «ई की हइ?» हम सोचलिअइ। «की ई बेमारी के कोय विचित्र परिणाम हइ? की ऊ पागल तो नञ् हो गेलइ चाहे पागल हो रहले ह? लेकिन, हे भगमान, ऊ अभी काहाँ होतइ, हम ओकरा काहाँ खोजिअइ!»

हम जइसीं ई उद्गार प्रकट कइलिअइ, कि अचानक नेली नजर अइलइ, हमरा से कुच्छे कदम दूर, वी॰ पुल[3] पर। ऊ स्ट्रीट लैंप बिजुन खड़ी हलइ आउ ओकर नजर हमरा तरफ नञ् हलइ। हमरा ओकरा तरफ दौड़के जाय के मन कइलकइ, लेकिन रुक गेलिअइ। «ऊ हियाँ कउची करब करऽ हइ?» - किंकर्तव्यविमूढ़ होल हम सोचलिअइ आउ ई बात के आश्वस्त होल, कि अब हमरा ओकरा नञ् खोवे के चाही, प्रतीक्षा करे के निर्णय कइलिअइ आउ ओकरा पर नजर रखले रहलिअइ। दस मिनट गुजर गेलइ, ऊ अभी तक खड़िए हलइ, राहगीर लोग के तरफ देखते। आखिरकार एगो बुढ़उ गुजरलइ, जे निम्मन पोशाक पेन्हले हलइ, आउ नेली ओकरा भिर गेलइ - ऊ, बिन रुकले, अपन जेभी से कुछ निकसलकइ आउ ओकरा दे देलकइ। नेली ओकरा तरफ अपन सिर झुकइलकइ। हम वर्णन नञ् कर सकऽ हिअइ, कि हम ई पल कइसन अनुभव कइलिअइ। हमर दिल में टीस उठलइ; मानु कुछ तो प्रिय, जेकरा हम प्यार करऽ हलिअइ, दुलारऽ हलिअइ आउ जेकरा पर दया करऽ हलिअइ, ऊ अब ई पल हमरा सामने कलंकित हलइ आउ ओकरा पर थुक्कल जा हलइ, लेकिन एकर साथे-साथ हमर आँख से अश्रु भी बहे लगलइ।

हाँ, अभगली नेली खातिर अश्रु, हलाँकि एकर साथे-साथ हमरा बहुत गोस्सा बर रहले हल - ऊ जरूरत हलइ, एकरा लगी भीख नञ् माँग रहले हल; ऊ त्यागल नञ् हलइ, केकरो द्वारा ओकरा भाग्य भरोसे नञ् छोड़ देल गेले हल; निर्दय अत्याचारी से नञ् भागले हल, बल्कि अपन मित्र सब के हियाँ से, जेकन्हीं ओकरा प्यार करऽ हलइ, दुलारऽ हलइ। ऊ मानु अपन उपलब्धि से केकरो अचंभित चाहे भयभीत करे लगी चाहऽ हलइ; जइसे ऊ केकरो सामने शेखी बघारब करऽ हलइ। लेकिन कुछ तो गुप्त ओकर दिल में पक रहले हल … हाँ, बुढ़उ सही कहऽ हलथिन; ओकरा अपमानित कइल गेले ह, ओकर घाव ठीक नञ् होले ह, आउ ऊ मानु जानबूझके हमन्हीं सब्भे लगी संदेश खातिर ई रहस्यपूर्ण व्यवहार से, ई अविश्वास से [*386] अपन घाव के कुरेद रहले हल; मानु ओकरा अपन खुद के कष्ट से खुशी होवऽ हलइ, कष्ट के ई अहंकार (egoism) से, अगर अइसे अभिव्यक्त कइल जा सकऽ हइ। ई कष्ट के कुरेदना आउ एकरा से आनंद अनुभव करना हमरा समझ में आवऽ हलइ - ई आनंद हइ कइएक अपमानित आउ तिरस्कृत, भाग्य द्वारा सतावल आउ एकर अन्याय के खुद में बोध वला लोग के। लेकिन हमन्हीं के कइसन अन्याय के शिकायत नेली कर सकऽ हलइ? ऊ मानु अपन सनक आउ वहशी शरारत से हमन्हीं के अचंभित आउ भयभीत करे लगी चाहऽ हलइ, मानु ऊ वास्तव में हमन्हीं सामने शेखी बघारब करऽ हलइ ... लेकिन नञ्! ऊ अभी अकेल्ले हइ, हमन्हीं में कोय नञ् देखब करऽ हइ, कि ऊ भीख माँगब करऽ हलइ। की वास्तव में ओकरा खुद एकरा में आनंद मिल्लऽ हलइ? ओकरा भीख काहे लगी चाही, ओकरा पैसा काहे लगी चाही?

भीख ले लेला पर, ऊ पुल पर से चल गेलइ आउ एगो दोकान के उद्दीप्त प्रकाशित खिड़कियन के तरफ गेलइ। हियाँ परी ऊ अपन प्राप्त पैसा के गिन्ने लगलइ; हम दस कदम दूर खड़ी रहलिअइ। ओकर हाथ में अब काफी पैसा हो गेले हल; स्पष्ट हलइ, कि ऊ बिलकुल सुबहे से भीख माँग रहले हल। ओकरा हाथ में रखले, ऊ स्ट्रीट पार कइलकइ आउ एगो छोटगर दोकान में घुसलइ। हम तुरतम्मे दोकान के दरवाजा बिजुन पहुँच गेलिअइ, जे पूरा खुल्ला हलइ, आउ देखलिअइ कि ऊ हुआँ की करऽ हइ।

हम देखलिअइ, कि ऊ काउंटर पर पैसा रखलकइ आउ ओकरा एगो कप देल गेलइ, चाय के साधारण कप, ओकरा से बहुत मिलता-जुलता, जेकरा ऊ हाल में तोड़ देलके हल, ताकि ऊ हमरा आउ इख़मेनेव के देखा सकइ, कि ऊ केतना बदमाश हइ। ई कप, शायद, लगभग पनरह कोपेक के हलइ, हो सकऽ हइ, एकरो से कम। दोकनदार ओकरा कागज में लपेट देलकइ, बान्ह देलकइ आउ नेली के दे देलकइ, जे शीघ्रतापूर्वक संतुष्ट मुद्रा में दोकान से बाहर निकसलइ।

"नेली!" हम चिल्लइलिअइ, जब ऊ हमर नगीच पहुँच गेलइ, "नेली!"

ऊ चौंक गेलइ, हमरा दने तकलकइ, कप ओकर हाथ से छिटक गेलइ, रोड पर गिर पड़लइ आउ टूट गेलइ। नेली पीयर पड़ गेलइ; लेकिन, हमरा देखके आउ आश्वस्त होके, कि हम सब कुछ देख लेलिए हल आउ जानऽ हिअइ, अचानक लाल हो गेलइ; ई लाली असह्य, कष्टकारक लज्जा अभिव्यक्त करऽ हलइ। हम ओकरा हाथ से धर लेलिअइ आउ घर ले गेलिअइ; दूर जाय के नञ् हलइ। रस्ता में हमन्हीं एक्को शब्द नञ् बोललिअइ। घर आके हम बैठ गेलिअइ, नेली हमर सामने खड़ी हलइ, विचारमग्न आउ घबराल, पहिलहीं नियन पीयर, नजर निच्चे जमीन दने कइले। ऊ हमरा दने देख नञ् पइलकइ।

"नेली, तूँ भीख माँगब करऽ हलहीं?"

"हाँ!" ऊ फुसफुसइलइ आउ अपन नजर आउ निच्चे कर लेलकइ।

"तूँ पैसा जामा करे लगी चाहऽ हलहीं, ताकि हाल के फोड़ल कप के बदले एगो कप खरीद सकहीं?"

"हाँ ..."

"लेकिन की वास्तव में हम तोरा डँटलियो हल, वास्तव में तोरा बुरा-भला सुनलइलियो हल ई कप खातिर? की वास्तव में तोरा नञ् देखाय दे हउ, नेली, कि केतना बुराई, आत्मसंतुष्टिपूर्ण बुराई तोर व्यवहार में हउ? की ई ठीक हऊ? की वास्तव में तोरा शरम नञ् लगऽ हउ? की वास्तव में ..."

"शरम लगऽ हके ...", ऊ फुसफुसइलइ, मोसकिल से सुनाय देवे वला स्वर में, आउ ओकर गाल पर से लोर ढुलक पड़लइ।

"लाज लगऽ हके ...", हम ओकर पीछू दोहरइलिअइ। "नेली, दुलारी, अगर हम तोरा सामने दोषी हिअउ, त हमरा क्षमा कर दे आउ सुलह कर लेल जाय।"

[*387] ऊ हमरा दने तकलकइ, अश्रु के धार ओकर आँख से बहे लगलइ, आउ ऊ हमर छाती से लग गेलइ।

ठीक तखनिएँ अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना तेजी से अन्दर अइलइ।

"की! ऊ घरे पर हइ? फेर से? आह, नेली, नेली, ई तोरा साथ की होब करऽ हउ? अच्छऽ, लेकिन ई निम्मन बात हउ, कि कम से कम तूँ घरे पर हकँऽ ... काहाँ एकरे अपने खोजलथिन, इवान प्त्रोविच?"

हम अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना के तरफ इशारा कइलिअइ, कि ऊ पूछताछ नञ् करइ, आउ ऊ हमर बात समझ गेलइ। हम स्नेहपूर्वक नेली के अलविदा कहलिअइ, जे अभी तक जोर-जोर से रो रहले हल, आउ दयालु अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना के हमर वापिस आवे तक ओकरा साथ बैठे के निवेदन कइलिअइ, आउ खुद नताशा के हियाँ शीघ्रतापूर्वक गेलिअइ। हमरा देरी हो रहले हल आउ जल्दी में हलिअइ।

ई शाम के हमन्हीं के भाग्य निर्णय हो रहले हल - हमरा नताशा के साथ बहुत कुछ बात करे के हलइ, लेकिन हम तइयो नेली के बारे एक शब्द कह देलिअइ आउ जे होले हल, ऊ सब कुछ बता देलिअइ, सब विवरण के साथ। हमर कहानी नताशा के बहुत रोचक लगलइ आउ हियाँ तक कि ओकरा अचंभित कर देलकइ।

"तू जानऽ हो, वान्या", ऊ कहलकइ, कुछ सोचला के बाद, "हमरा लगऽ हको, कि ऊ तोरा प्यार करऽ हको।"

"की ... ई कइसे हो सकऽ हइ?" हम अचंभित होल पुछलिअइ।

"हाँ, ई प्यार के शुरुआत हइ, स्त्री के प्यार ..."

"तूँ की कह रहलहीं हँ, नताशा, बकवास हइ! आखिर ऊ तो बुतरू हइ!"

"जे जल्दीए चौदह साल के हो जइतइ। ई कड़वाहट हइ ऊ बात से हइ, कि तूँ ओकर प्यार के समझ नञ् पावऽ हो, आउ ऊ तो, शायद, खुद्दे खुद के नञ् समझऽ हइ; कड़वाहट, जेकरा में बहुत कुछ बचकाना हइ, लेकिन गंभीर, कष्टदायक। मुख्य बात - ऊ तोरा लगी हमरा से ईर्ष्या करऽ हइ। तूँ हमरा एतना प्यार करऽ हो, कि, शायद, घरवो पर खाली हमरे बारे फिकिर करऽ हो, बोलऽ हो आउ सोचऽ हो, आउ ओहे से ओकरा तरफ बहुत कम ध्यान दे हो। ऊ ई बात के नोटिस कइलको ह, आउ ई ओकरा कष्ट देलके ह। ऊ, शायद, तोरा से बात करे लगी चाहऽ हको, तोरा सामने अपन दिल खोलके बात करे के जरूरत अनुभव करऽ हइ, लेकिन अइसन ऊ नञ् कर पावऽ हइ, लजा हइ, खुद के समझ नञ् पावऽ हइ, कोय अवसर के इंतजार में हइ, आउ तूँ, अइसन अवसर जल्दी देवे के बदले, ओकरा भिर से दूर चल जा हो, ओकरा भिर से हमरा हीं भाग आवऽ हो आउ हियाँ तक कि, जब ऊ बेमार हलइ, तइयो पूरे दिन ओकरा अकेल्ले छोड़ दे हलहो। ऊ एकरा बारे रोवऽ हइ - ओकरा तोर अनुपस्थिति खल्लऽ हइ, आउ ओकरा सबसे जादे कष्टदायक हइ, कि तूँ एकरा नोटिस नञ् करऽ हो। तूँ, अइकी अभियो, अइसन पल में, हमरा खातिर ओकरा अकेल्ले छोड़ देलहो। आउ कल ऊ एकरा चलते बेमार पड़ जइतइ। आउ तूँ ओकरा छोड़ कइसे सकऽ हो? जल्दी से जल्दी ओकरा हीं जाहो ..."

"हम ओकरा नञ् छोड़तिए हल, लेकिन ..."

"अच्छऽ हाँ, हम खुद्दे तोरा आवे लगी कहलियो हल। लेकिन अभी जाहो।"

"जा हिअइ, लेकिन खाली, निस्सन्देह, हमरा ई बात पर विश्वास नञ्।"

"काहेकि ई सब कुछ बाकी लोग के नियन नञ् हइ। ओकर कहानी के आद करहो, सब कुछ पर विचार करहो आउ तब विश्वास करभो। ऊ अइसे नञ् पलले-बढ़ले ह, जइसे कि हम आउ तूँ ..."

हम तइयो घर देर से वापिस अइलिअइ। अलिक्सान्द्रा सिम्योनोव्ना हमरा बतइलकइ, कि नेली फेर से, ओहे शाम नियन, बहुत जादे रोले हल «आउ अइसीं आँख में आँसू बहइते सुत गेले हल», जइसन कि तहिया। «आउ अब हम जइबइ, इवान पित्रोविच, एहे फ़िलिप फ़िलिपिच औडर देलथिन हल। ऊ हमर इंतजार करब करऽ हथिन, बेचारे।»

हम ओकरा धन्यवाद देलिअइ आउ नेली के सिरहाना दने बैठ गेलिअइ। हमरा खुद कष्टदायक लग रहले हल, कि हम ओकरा अइसन पल में अकेल्ले छोड़ देलिए हल। लमगर समय तक, देर रात तक हम ओकरा भिर बैठल रहलिअइ, विचारमग्न होल ... ई समय निर्णायक हलइ।

लेकिन ई बतावे के चाही, कि ई दू सप्ताह के दौरान कउची होलइ ...


भूमिका               भाग 4, अध्याय 3              भाग 4, अध्याय 5 



[1] schlafrock - [श्लाफ़्रोक (जर्मन)] ड्रेसिंग-गाउन।

[2] Mademoiselle - [मद्म्वाज़ेल (फ्रेंच)] सुश्री।

[3] वी॰ पुल - संकेत हइ वसिल्येव्स्की पुल के तरफ।