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Monday, June 12, 2017

विश्वप्रसिद्ध रूसी नाटक "इंस्पेक्टर" ; अंक-4 ; दृश्य-10

दृश्य-10
[ ख़्लिस्ताकोव, आउ शराब आउ बन (sugarloaves) के टोकरी के साथ व्यापारी लोग ]
ख़्लिस्ताकोव - की बात हइ, प्रिय जन ?
व्यापारी सब - नम्रतापूर्वक हम सब अपने के अनुग्रह के आकांक्षी हिअइ !
ख़्लिस्ताकोव - लेकिन अपने के की चाही ?
व्यापारी सब - हम सब के बरबाद नयँ करथिन, महोदय ! हम सब बिलकुल बेकार में बेइज्जती सहब करऽ हिअइ ।
ख़्लिस्ताकोव - केकरा से ?
व्यापारी लोग में से एक - सब कुछ ई शहर के मेयर से । अइसन मेयर अब से पहिले कभियो नयँ हलइ । अइसन अपमानजनक बात सुनावऽ हइ, जेकर वर्णन करना असंभव हइ । ऊ पूरा फौज हमन्हीं के घर आउ दोकान में रहे लगी घुसा दे हइ, हम सब तो तंग आ चुकलिए ह, लगऽ हइ कि फाँसी लगा लिअइ । ओकर चाल-चलन बहुत खराब हइ । दाढ़ी पकड़ ले हइ, आउ बोलऽ हइ - "ए तातार !" भगमान कसम ! मतलब अगर हम सब ओकरा आदर नयँ देते जइतिए हल, त कोय बात होते हल, लेकिन हमन्हीं हमेशे सब कुछ नियम के अनुसार काम करते जा हिअइ - जाहाँ तक ओकर बीवी आउ बेटी खातिर पोशाक के बात हइ - त हम सब के कोय एतराज नयँ हइ । लेकिन, देखथिन, ओकरा लगी ई सब कुछ काफी नयँ हइ - नयँ, नयँ ! दोकान में अइतइ आउ जे सामने दिखतइ, सब कुछ ले लेतइ । कपड़ा के थान देखतइ, बोलतइ - "ए, प्यारे, ई निम्मन कपड़ा लगऽ हउ - एकरा हमरा हीं लेके आ जइहँऽ" । आउ लेके जाव, त थान में पचास अर्शीन (1 अर्शीन = 28 इंच) से कम नयँ होतइ ।
ख़्लिस्ताकोव - वास्तव में ? आह, ऊ कइसन चालबाज हइ !
व्यापारी सब - भगमान कसम ! अइसन पहिले कोय मेयर हलइ, ई केकरो आद नयँ । दोकान में सब कुछ छिपावे पड़ऽ हइ, जब कभी ओकरा पर नजर पड़ जा हइ । मतलब एकरा में कउनो प्रकार के निम्मन चीज के बात नयँ करब करऽ हिअइ, ऊ कइसनो कूड़ा उठा लेतइ - अइसन सुक्खल आलूबुखारा, जे बैरेल में सात साल से पड़ल हइ, जेकरा हमर क्लर्क भी नयँ खइतइ, लेकिन ऊ भर अंजुरी हुआँ से उठा लेतइ । ओकर नामकरण दिन सेंट ऐंटॉनी दिवस के पड़ऽ हइ, आउ ओकरा लगी सब कुछ लेके जइते जा हिअइ, कुच्छो आउ जरूरत नयँ पड़ऽ हइ; लेकिन नयँ, ओकरा आउ देहीं - बोलऽ हइ, आउ सेंट ओनुफ़्रिया दिवस पर भी ओकर नामकरण दिन हइ ।
ख़्लिस्ताकोव - ई तो बस डाकू हइ !
व्यापारी सब - हाँ, हाँ ! आउ अगर विरोध कइलऽ, त पूरे पलटन के तोहर घर में भेज देतो । आउ कुछ बहस कइलऽ, त घर के दरवाजा में ताला लगावे के औडर दे देतो । "हम तोरा शारीरिक दंड नयँ दे सकऽ हिअउ", ऊ बोलऽ हइ, "चाहे यातना दे सकऽ हिअउ", बोलऽ हइ, "ई कानूनी तौर पर वर्जित हइ, लेकिन प्यारे तूँ हमरा लगी खाली नमकीन हिलसा [24] खइम्हीं !"
ख़्लिस्ताकोव - आह, कइसन बदमाश हइ ! एकरा लगी तो ओकरा सीधे साइबेरिया भेज देवे के चाही ।
व्यापारी सब - जाहाँ कहीं अपने के अनुग्रह से ओकरा भेजल जाय, सब कुछ सही होतइ, खाली हम सब से ऊ दूर रहइ । हम सब के पिता, किरपा करके रोटी आउ नमक के स्वीकार करथिन - अपने के कुछ चीनी आउ एक टोकरी शराब भेंट करते जा हिअइ ।
ख़्लिस्ताकोव - नयँ, एकरा बारे अपने सब सोचवो नयँ करथिन - हम घूस बिलकुल नयँ ले हिअइ । अगर अपने, मसलन, तीन सो रूबल के कर्ज देवे के प्रस्ताव रखथिन - तब मामला बिलकुल दोसर होतइ; कर्ज हम ले सकऽ हिअइ ।
व्यापारी सब - खुशी से, हम सब के पिता ! (पैसा निकासते जा हइ) खाली तीन सो काहे ! बेहतर पाँच सो लेथिन, खाली हम सब के मदत करथिन ।
ख़्लिस्ताकोव - ठीक हइ - चूँकि ई कर्ज के बात हइ, त हम बहस नयँ करबइ, हम स्वीकार करऽ हिअइ ।
व्यापारी सब - (ओकरा भिर चानी के कश्तरी में पैसा पेश करते जा हइ) किरपा करके ई चानी के कश्तरी भी ले लेथिन ।
ख़्लिस्ताकोव - खैर, कश्तरी भी सही ।
व्यापारी सब - (आदरार्थ झुकते) त एक्के साथ चीनी भी ।
ख़्लिस्ताकोव - ओह नयँ, हम कइसनो घूस नयँ ...
ओसिप - अत्र उच्चकुलीन (Your Highborn) ! अपने काहे नयँ स्वीकार करऽ हथिन ? ले लेथिन ! रस्ता में सब कुछ काम आवऽ हइ । एद्धिर देल जाय बन (sugarloaves) आउ टोकरी ! सब कुछ देल जाय ! सब कुछ काम अइतइ । हुआँ कउची हइ ? जौरी (रस्सी) ? जौरी भी देल जाय - जौरी भी रस्ता में काम आवऽ हइ - अगर गाड़ी टूट जाय चाहे आउ कुछ, त बान्हल जा सकऽ हइ ।
व्यापारी सब - अइसन अनुग्रह करथिन, महामहिम । मतलब अगर अपनहूँ हम सब के निवेदन पर मदत नयँ करथिन, त मालुम नयँ की होतइ - बस खाली फाँसी लगा लेते जइबइ ।
ख़्लिस्ताकोव - पक्का, पक्का ! हम प्रयास करबइ ।
(व्यापारी सब के प्रस्थान । एगो औरत के अवाज सुनाय दे हइ - "नयँ, तूँ हमरा अंदर जाय से मना करे के साहस नयँ कर सकऽ हीं ! हम खुद उनके से शिकायत करबउ । तूँ अइसे दर्दनाक धक्का नयँ दे सकऽ हकँऽ !")
ख़्लिस्ताकोव - हुआँ कउन हइ ? (खिड़की भिर आवऽ हइ) की बात हको माताराम ?
दू औरत के अवाज - किरपा करथिन, पिता, विनती करऽ हिअइ ! हमर शिकायत सुन लेल जाय श्रीमान !
ख़्लिस्ताकोव - (खिड़की में से) उनका अंदर आवे देल जाय ।

  
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