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Sunday, October 17, 2021

रूसी उपन्यास "अपमानित आउ तिरस्कृत": भाग 4; अध्याय 5

                अपमानित आउ तिरस्कृत

भाग 4

[*388]

अध्याय 5

हमरा लगी स्मरणीय शाम, जे हम रेस्तोराँ बी॰ में प्रिंस के साथ गुजरलिअइ, के बाद हम नताशा खातिर कइएक दिन तक लगातार भय में हलिअइ। «ई अभिशप्त प्रिंस ओकरा लगी कइसन धमकी देब करऽ हलइ आउ ठीक कइसन बदला ओकरा से ले रहले हल?» - हम खुद के पल-पल पूछ रहलिए हल आउ विभिन्न तरह के अनुमान में खो गेलिए हल। हम आखिरकार ई निष्कर्ष पर पहुँचलिअइ, कि ओकर धमकी बकवास नञ् हलइ, शेखीबाजी नञ् हलइ आउ कि, नताशा अभी अल्योशा के साथ रहऽ हइ, प्रिंस वास्तव में ओकरा बहुत तकलीफ दे सकऽ हलइ। ऊ क्षुद्र, प्रतिहिंसात्मक (vindictive), दुष्ट आउ चौकस हलइ - हम सोचलिअइ। ओकरा लगी अपन अपमान भूल जाना मोसकिल होतइ आउ एकर बदला लेवे खातिर कइसनो तरह के अवसर चुक्के नञ् देतइ। कइसनो हालत में, ई सब के मामले में ऊ हमरा एक बिन्दु के तरफ इशारा कइलके हल आउ ई बिन्दु पर ऊ स्पष्ट रूप से कहलके हल - ऊ अल्योशा के नताशा के साथ वियोग खातिर दृढ़तापूर्वक माँग करऽ हलइ आउ हमरा से आशा कर रहले हल, कि हम नताशा के नगीची भावी वियोग खातिर तैयार करिअइ आउ अइसे तैयार करिअइ, कि कइसनो «दृश्य, ग्राम्य धुन (idyllic nonsense) आउ शिलरवाद» नञ् होवइ। निस्सन्देह, ऊ ई बात के दौड़धूप में हलइ, कि अल्योशा ओकरा से खुश रहइ आउ ओकरा एगो स्नेहशील पिता मानते रहइ; आउ ई ओकरा लगी बहुत जरूरी हलइ, ताकि बाद में ऊ कात्या के पैसा पर सबसे सुविधाजनक ढंग से कब्जा कर सकइ। आउ ई तरह, हमरा नताशा के नगीची वियोग लगी तैयार करे के हलइ। लेकिन नताशा में हम एगो प्रचंड परिवर्तन देखलिअइ - हमरा साथ ओकर पहिलउका स्पष्टवादिता के लेश भी नञ् हलइ; एकरा अलावे, ओकरा मानु हमरा पर विश्वास नञ् रहले हल। हमर सांत्वना ओकरा खाली यातना दे हलइ; हमर पूछताछ ओकरा में अधिकाधिक झुँझलाहट पैदा करऽ हलइ, हियाँ तक कि ओकरा क्रोध आ जा हलइ। हम ओकरा भिर बैठिअइ, ओकरा दने तकिअइ! ऊ दुन्नु बाँह के छाती पर आड़े-तिरछे मोड़ले कमरा में एक कोना से दोसरा कोना चहलकदमी करते रहइ, चुपचाप, पीयर, मानु विस्मृति में, एहो भूलके, कि हमहूँ हियाँ परी ओकर बगल में हिअइ। जब कभी हमरा दने ओकरा नजर जाय (आउ ऊ हमर नजरो से बचके रहऽ हलइ), त ओकर चेहरा पर अचानक अधीर झुँझलाहट देखाय देइ आउ ऊ तुरते नजर फेर लेइ। हम समझ गेलिअइ, कि ऊ खुद सोचब करऽ हलइ, शायद, नगीच भावी वियोग के बारे कइसनो अपन खुद के प्लान, आउ की ऊ ई बिन कष्ट, बिन शोक के सोच सकऽ हलइ? आउ हमरा पक्का विश्वास हलइ, कि ऊ वियोग के निर्णय कर चुकले ह। लेकिन तइयो ओकर अंधकारमय निराशा हमरा यातना दे रहले हल आउ भयभीत कर रहले हल। एकरा अलावे ओकरा साथ बात करे, ओकरा आश्वासन देवे के हमरा साहस नञ् होवऽ हलइ, आउ ओहे से भय से प्रतीक्षा कर रहलिए हल, कि ई सब के अन्त कइसे होतइ।

जाहाँ तक कि हमरा साथ ओकर रूक्ष आउ पहुँच से बाहर रवैया के संबंध हइ, त हलाँकि ई हमरा बेचैन करऽ हलइ, हलाँकि यातना दे हलइ, लेकिन हम अपन नताशा के दिल में आश्वस्त हलिअइ - हम देखलिअइ, कि ओकरा लगी बहुत कठिन हलइ आउ ऊ बहुत परेशान हलइ। कइसनो बाहरी दखल ओकरा में खाली झुँझलाहट आउ गोस्सा पैदा करऽ हलइ। अइसन हालत में विशेष रूप से, हमन्हीं के गुप्त बात से वाकिफ, नगीच मित्र लोग के दखल हमन्हीं लगी सबसे जादे झुँझलाहट पैदा करे वला होवऽ हइ। लेकिन हमरा बहुत निम्मन से मालुम भी हलइ, कि अंतिम पल में नताशा फेर से हमरा पास अइतइ आउ हमरे दिल में अपन राहत खोजतइ।

प्रिंस के साथ हमर बातचीत के बारे, जाहिर हइ, ओकरा कुछ नञ् बतइलिअइ - हमर कहानी ओकरा खाली उत्तेजित कर देते हल आउ ओकरा जादहीं घबरा देते हल। हम ओकरा खाली [*389] अइसीं बतइलिअइ, कि प्रिंस के साथ काउंटेस के पास गेलिए हल आउ हमरा पक्का विश्वास हो गेलेल, कि ऊ भयंकर नीच हइ। लेकिन ऊ हमरा से ओकरा बारे कोय पूछताछ नञ् कर रहले हल, जेकरा चलते हम खुश हलिअइ; लेकिन बड़ी उत्सुकतापूर्वक ऊ सब कुछ सुनलकइ, जे हम ओकरा कात्या के साथ मीटिंग के बारे बतइलिअइ। सुनके, ओहो ओकरो बारे कुछ नञ् बोललइ, लेकिन ओकर पीयर चेहरा पर लाली छा गेलइ, आउ लगभग पूरे दिन ऊ विशेष उत्तेजित हलइ। हम कात्या के बारे ओकरा से कुछ नञ् छिपइलिअइ आउ सीधे स्वीकार कइलिअइ, कि हमरो पर कात्या उत्तम छाप छोड़लकइ। आउ एकरा में छिपावे के की बात हलइ? आखिर नताशा तो अनुमान लगा लेते हल, कि हम छिपा रहलिए ह, आउ एकरा लगी ऊ हमरा पर खाली गोस्सो करते हल। आउ ओहे से हम जानबूझके यथासंभव विस्तारपूर्वक बतइलिअइ, ओकर सब प्रश्न के पूर्वाभास के प्रयास करते, खास करके ई बात से कि ओकर परिस्थिति में हमरा से पूछना मोसकिल हलइ - की वास्तव में असान हइ, भावशून्य दशा में, अपन प्रतिद्वन्द्वी के उत्कृष्टता के बारे पूछताछ करके जानकारी लेना?

हम सोचलिअइ, कि ओकरा अभियो नञ् मालुम हइ, कि अल्योशा के, प्रिंस के अटल आदेश के अनुसार, काउंटेस आउ कात्या के गाम में साथ-साथ जाय के हलइ, कठिनाई में हलिअइ, कि कइसे ओकरा ई बात बतइअइ, ताकि यथासंभव आघात के जरी हलका कर सकइ। हमरा केतना अचरज होलइ, जब नताशा हमरा पहिले शब्द पर हमरा रोक देलकइ आउ कहलकइ, कि ओकरा सांत्वना देवे के  कोय जरूरत नञ् हइ, कि ऊ एकरा बारे पाँच दिन पहिलहीं से जानऽ हइ।

"हे भगमान!" हम चिल्लइलिअइ, "लेकिन तोरा के बतइलकउ?"

"अल्योशा?"

"की? ऊ बता चुकलो ह?"

"हाँ, आउ हम सब कुछ के बारे फैसला कर चुकलूँ हँ, वान्या", ऊ आगू अइसन मुद्रा में बोललइ, जे साफ-साफ आउ कइसूँ अधीरतापूर्वक हमरा चेतावनी देलकइ, कि हम ई बातचीत के आउ जारी नञ् रखिअइ।

अल्योशा काफी अकसर नताशा के हियाँ भेंट दे हलइ, लेकिन हमेशे मिनट भर लगी; एक तुरी खाली ऊ ओकरा भिर कइएक घंटा बैठले हल; लेकिन ई हमर अनुपस्थिति में होले हल। ऊ साधारणतः उदास प्रवेश करऽ हलइ, ओकरा तरफ भीरुता आउ स्नेह से देखऽ हलइ; लेकिन नताशा एतना स्नेहशीलतापूर्वक, एतना प्रेमपूर्वक ओकरा स्वागत करऽ हलइ, कि ऊ तुरतम्मे सब कुछ भूल जा हलइ आउ ओकर चेहरा खिल उठऽ हलइ। हमरो हीं ऊ बहुत अकसर आवे लगलइ, लगभग हरेक दिन। सच हइ, ऊ बहुत परेशान रहऽ हलइ, लेकिन ऊ अपन उदासी के साथ एक्को मिनट नञ् रह सकऽ हलइ आउ मिनट-मिनट सांत्वना खातिर हमरा हीं दौड़ल आवऽ हलइ।

हम ओकरा की कह सकऽ हलिअइ? ऊ हमरा रुखाई, भावशून्यता, हियाँ तक कि ओकरा प्रति दुर्भावना के शिकायत करऽ हलइ; उदास रहऽ हलइ, रोवऽ हलइ, कात्या हीं चल जा हलइ आउ हुआँ ऊ सांत्वना पावऽ हलइ।

ऊ दिन, जब नताशा हमरा बतइलकइ, कि ऊ प्रस्थान के बारे जानऽ हइ (ई प्रिंस के हमर बातचीत के एक सप्ताह बाद के घटना हइ), अल्योशा हमरा हीं निराश होल दौड़ल प्रवेश कइलकइ, हमरा गले लगा लेलकइ, हमर छाती से चिपक गेलइ आउ बुतरू नियन कन्ने लगलइ। हम चुप रहलिअइ आउ इंतजार कइलिअइ, कि ऊ की कहऽ हइ।

"हम एगो छोट, नीच अदमी हकियो, वान्या", ऊ हमरा से बोलना चालू कइलकइ, "हमरा हमरे खुद से बचावऽ। हम ई लगी नञ् रो रहलियो ह, कि हम छोट, नीच हिअइ, बल्कि ई चलते, कि हमरा कारण नताशा दुखी होतइ। आखिर हम ओकरा विपत्ति में छोड़ रहलिए ह ... वान्या, हमर मित्र, हमरा बतावऽ, हमरा लगी निर्णय करऽ, हम ओकन्हीं में से केकरा जादे प्यार करऽ हिअइ - कात्या के, कि नताशा के?"

"एकर निर्णय हम नञ् कर सकऽ हियो, अल्योशा", हम उत्तर देलिअइ, "ई बात तो हमरा अपेक्षा तोहरा बेहतर मालुम होवे के चाही …"

[*390] "नञ्, वान्या, ऊ बात नञ्; आखिर हम ओतना बेवकूफ नञ्, कि हम अइसन प्रश्न करिअइ; लेकिन एहे तो बात हइ, कि हियाँ हम खुद कुछ नञ् जानऽ हिअइ। हम खुद के पुच्छऽ हिअइ आउ उत्तर नञ् दे सकऽ हिअइ। लेकिन तूँ तो बाहर से देखऽ हो आउ, शायद, हमरा से जादे जान सकऽ हो ... अच्छऽ, बल्कि तूँ नहिंयों जानऽ हो, त बताहो, तोहरा कइसन लगऽ हको?"

"हमरा लगऽ हको, कि तूँ कात्या के जादे प्यार करऽ हो।"

"तोहरा अइसन लगऽ हको! नञ्, नञ्, बिलकुल नञ्! तूँ बिलकुल नञ् अनुमान लगा पइलऽ। हम नताशा से असीम प्यार करऽ हिअइ। हम कइसनो हालत में ओकरा कभियो नञ् छोड़ सकऽ हिअइ; ई बात हम कात्या के भी बतइलिए ह, आउ कात्या हमरा से बिलकुल सहमत हइ। तूँ चुप काहे हकहो? अइकी, हम देखलियो, तूँ अभी मुसकइलहो। ए, वान्या, तूँ कभियो हमरा सांत्वना नञ् देलऽ, जब हमरा पर बहुत कठिन समय गुजरऽ हल, जइसन कि अभी ... अलविदा!"

ऊ कमरा से दौड़ल बाहर चल गेलइ, अचंभित नेली पर असाधारण छाप छोड़ते, जे चुपचाप हमन्हीं के बातचीत सुन रहले हल। ऊ तहिया बेमार हलइ आउ दवाय ले हलइ। अल्योशा ओकरा से कभी नञ् बात करऽ हलइ आउ अपन भेंट के दौरान ऊ ओकरा पर लगभग कोय ध्यान नञ् दे हलइ।

दू घंटा के बाद ऊ फेर से प्रकट होलइ, आउ हम ओकर प्रसन्न चेहरा देखके अचंभित हो गेलिअइ। ऊ फेर से हमरा दने झपटके गरदन से लिपट गेलइ आउ आलिंगन कइलकइ।

"मामला खतम!" ऊ चिल्लइलइ, "सब परेशानी सलट गेलइ। तोहरा हीं से हम सीधे नताशा के हियाँ गेलिअइ - हम परेशान हलिअइ, हम ओकरा बेगर नञ् रह सकऽ हलिअइ। अन्दर गेला पर, हम ओकरा सामने टेहुना के बल बैठ गेलिअइ आउ ओकर गोड़ के चुमलिअइ - हमरा लगी ई जरूरी हलइ, हम ई चाहऽ हलिअइ; एकरा बेगर हम उदासी से मर जइतूँ हल। ऊ चुपचाप हमरा गले लगइलकइ आउ रोवे लगलइ। हियाँ हम ओकरा सीधे कहलिअइ, कि हम कात्या के ओकरा से जादे प्यार करऽ हिअइ ..."

"त ऊ की कहलको?"

"ऊ कुछ नञ् उत्तर देलकइ, आउ खाली हमरा पुचकारते सांत्वना देलकइ - हमरा, जे ओकरा अइसन बात कहलके हल! ऊ हमरा सांत्वना दे सकऽ हइ, इवान पित्रोविच! हम ओकरा सामने अपन सब दुखड़ा रोते-रोते सुना देलिअइ, सब कुछ ओकरा बता देलिअइ। हम सीधे कह देलिअइ, कि हम कात्या के बहुत प्यार करऽ हिअइ, लेकिन हम ओकरा चाहे केतनो प्यार करिअइ आउ चाहे केकरो प्यार करिअइ, हम तइयो ओकरा बेगर, नताशा के बेगर, नञ् काम चला सकऽ हिअइ आउ मर जइबइ। हाँ, वान्या, ओकरा बेगर एक दिन भी नञ् जी सकबइ, हम ई अनुभव करऽ हिअइ, हाँ! आउ ओहे से हमन्हीं दुन्नु तुरते विवाह करे के निर्णय कइलिअइ; लेकिन चूँकि ई हमर प्रस्थान के पहिले नञ् कइल जा सकऽ हइ, काहेकि अभी लेंट[1] चल रहले ह, आउ लेंट के दौरान विवाह नञ् कइ ला सकऽ हइ, त ई हमर फेर से वापिस अइला के बाद होतइ, आउ ई पहिला जून के होतइ। पिताजी अनुमति देथिन, एकरा में कोय शंका नञ्। जाहाँ तक कात्या के संबंध हइ, त एकरा में की हइ! हम आखिर नताशा के बेगर जी नञ् सकऽ ही ... हमन्हीं विवाह कर लेबइ आउ हुएँ ओकरा साथ चल जइबइ, जाहाँ कात्या हइ ..."

बेचारी नताशा! ओकरा कइसन कीमत चुकावे पड़ले होत ई बालक के सांत्वना देवे में, ओकरा भिर बैठे में, ओकर स्वीकृति के सुन्ने में आउ ओकरा लगी, बचकाना  स्वार्थी लगी, ओकर सांत्वना खातिर, त्वरित विवाह के परीकथा गढ़े में। अल्योशा वास्तव में कुछ दिन खातिर शांत हो गेलइ। ऊ नताशा हीं भागके आ जा हलइ, असल में ई वजह से, कि ओकर कमजोर दिल अकेल्ले शोक के बरदास नञ् कर सकऽ हलइ। लेकिन तइयो, जब वियोग के समय नगीच आवे लगलइ, त ऊ फेर से व्याकुल हो उठलइ, ओकर आँख में आँसू आ गेलइ आउ फेर से हमरा हीं दौड़ल आवे लगलइ आउ रोते-रोते अपन शोक बखान करे लगलइ। हाल में ओकरा नताशा से एतना लगाव हो गेले हल, कि ऊ ओकरा एक्को दिन छोड़ नञ् सकऽ हलइ, डेढ़ महिन्ना के तो बाते छोड़ देल जाय। ओकरा, लेकिन, पक्का विश्वास हलइ [*391] अन्तिम पल तक, कि ओकरा खाली डेढ़ महिन्ना लगी छोड़ब करऽ हइ आउ ओकर वापसी के बाद ओकन्हीं के विवाह हो जइतइ। जाहाँ तक नताशा के संबंध हइ, त ऊ अपना तरफ से पूर्ण रूप से समझऽ हलइ, कि ओकर सब भाग्य बदल रहले ह, कि अल्योशा अब ओकरा हीं कभी वापिस नञ् अइतइ आउ अइसीं होवहीं के चाही।

ओकन्हीं के वियोग के समय आ गेलइ। नताशा बेमार हलइ - पीयर, सुज्जल निगाह, शुष्क होंठ, कभी-कभार खुद से बातचीत करऽ हलइ, कभी-कभार तेजी से आउ तीक्ष्ण दृष्टि से हमरा दने देखऽ हलइ, रोवऽ नञ् हलइ, हमर सवाल के जवाब नञ् दे हलइ आउ काँप जा हलइ, पेड़ पर के पत्ता नियन, जब प्रवेश कर रहल अल्योशा के उँचगर स्वर सुनाय दे हलइ। ऊ सूर्योदय नियन तमतमा उठऽ हलइ, आउ तेजी से ओकरा भिर आवऽ हलइ; ओकरा झटकेदार ढंग से आलिंगन कर ले हलइ, चुम्मऽ हलइ, हँस पड़ऽ हलइ ... अल्योशा ओकरा दने तक्कऽ हलइ, कभी-कभी चिंता के साथ पूछताछ करऽ हलइ, कि की ऊ स्वस्थ हइ, ओकरा सांत्वना दे हलइ, कि थोड़हीं समय लगी जा रहले ह, कि बाद में ओकन्हीं के विवाह होतइ। नताशा देखावे के प्रयास करऽ हलइ, खुद के नियंत्रित करऽ हलइ आउ अपन आँसू दबा ले हलइ। ऊ ओकरा सामने नञ् रोवऽ हलइ।

एक तुरी अल्योशा बोललइ, कि ओकर अलग रहे के पूरे समय खातिर ओकरा लगी पैसा छोड़के जाय के चाही आउ ओकरा फिकिर नञ् करे के चाही, काहेकि पिताजी ओकरा राह खर्च खातिर बहुत पैसा देवे के वचन देलथिन हँ। नताशा नाक-भौं सिकोड़ देलकइ। जब हमन्हीं दुइए गो रह गेलिअइ, हम कहलिअइ, कि हमरा हीं ओकरा लगी डेढ़ सो रूबल हइ, अगर कहीं जरूरत पड़ गेलइ तो। ऊ नञ् पूछताछ कइलकइ, कि ई पैसा काहाँ से अइलइ। ई घटना अल्योशा के प्रस्थान के दू दिन पहिले के हइ आउ नताशा के कात्या के साथ पहिला आउ अंतिम भेंट के एक दिन पहिले के। कात्या अल्योशा के साथ एगो नोट (चिट) भेजलके हल, जेकरा में ऊ कल ओकरा हीं भेंट देवे के अनुमति देवे के निवेदन कइलके हल; आउ हमरो लिखलके हल - ऊ ओकन्हीं के मीटिंग के दौरान हमरा हाजिर रहे के निवेदन कइलके हल।

हम नताशा के हियाँ बारह बजे (कात्या द्वारा निर्धारित समय) पक्का हाजिर रहे के फैसला कइलिअइ, कइसनो अवरोध के बावजूद; लेकिन कठिनाई (दौड़धूप) आउ अवरोध बहुत हलइ। नेली के बारे कहे के जरूरत नञ्, हाल में हमरा इख़मेनेव के हियाँ बहुत दौड़धूप करे के हलइ।

ई दौड़धूप एक सप्ताह पहिलहीं से चालू हलइ। आन्ना अन्द्रेयेव्ना एक सुबह हमरा बोललइलके हल ई निवेदन के साथ कि सब कुछ छोड़-छाड़के एगो बहुत महत्त्वपूर्ण काम खातिर, जेकरा में जरिक्को सन देरी सहन करे लायक नञ् हइ, ओकरा हीं शीघ्रातिशीघ्र अवश्य पहुँचल जाय। ओकरा हीं अइला पर, हम ओकरा अकेल्ले पइलिअइ - ऊ उत्तेजना आउ भय के बोखार में कमरा में चहलकदमी कर रहले हल, कंपन के साथ निकोलाय सिर्गेयिच के वापिस आवे के इंतजार में। हमेशे नियन, हम ओकरा से मालुम नञ् कर पइलिअइ, कि बात की हइ आउ जेकरा से ऊ एतना भयभीत हलइ, आउ एकरा अलावे, स्पष्टतः, हरेक मिनट महत्त्वपूर्ण हलइ। आखिरकार, गरम  आउ असंगत शिकायत के साथ - «हम काहे नञ् जा हिअइ आउ ओकन्हीं के, अनाथ नियन, शोक में अकेल्ले छोड़ दे हिअइ», अइसन कि «भगमान जाने कि हमर अनुपस्थिति में कउची-कउची हो रहले ह» - हमरा बतइलकइ, कि निकोलाय सिर्गेयिच पिछले तीन दिन से अइसन उत्तेजना में हलथिन, «कि ओकर वर्णन करना भी असंभव हइ»।

"बस ऊ देखे में खुद नियन नञ् लगऽ हथिन", ऊ बोललइ, "बोखार में, रात में, हमरा से चुपके चोरी, प्रतिमा के सामने टेहुना के बल प्रार्थना करऽ हथिन, नीन में बड़बड़ा हथिन, आउ दिन में अधकपारी हो जा हथिन - कल्हे हमन्हीं पतकोबी के सूप लेवे लगलिअइ, लेकिन ऊ अपन बगले में रक्खल चम्मच खोज नञ् पावऽ हथिन, उनका एक बात के बारे पुछहो, आउ ऊ दोसरे कुछ के बारे जवाब दे हथुन। मिनट-मिनट ऊ घर से बाहर जाय लगलथिन - «बस काम खातिर जा रहलियो ह», बोलऽ हथिन, «वकील से बात करे के हइ»; आखिरकार, [*392] आझ ऊ अपन अध्ययन-कक्ष में खुद के बंद कर लेलथिन - «हमरा», बोलऽ हथिन, «एगो गंभीर मामला खातिर हमरा जरूरी कागज लिक्खे के हइ»। अच्छऽ, कइसन कागज लिक्खे के हको, हम सोचऽ हिअइ, जबकि अपन प्लेट के बगल के चम्मच नञ् खोज पावऽ हो? लेकिन हम ताला के छिद्र (keyhole) से देखलिअइ - बैठल लिख रहलथन हँ, आउ खुद आँसू बहइते रो रहलथन हँ। हम सोचऽ हिअइ, ई कइसन काम के कागज अइसे लिक्खल जा हइ? कि, शायद, उनका इख़मेनेवका खातिर एतना दुख हो रहले ह; मतलब, हमर इख़मेनेवका पूरा समाप्त हो गेल! अइकी हम ई सोचऽ हिअइ, आउ ऊ अचानक टेबुल के पीछू से उछल गेलथिन आउ जइसीं कलम के टेबुल पर बजाड़ देलथिन, ऊ लाल हो गेलथिन, आँख चमके लगलइ, टोपी लेलथिन आउ निकसके हमरा भिर अइलथिन। बोलऽ हथिन - «हम, आन्ना अन्द्रेयेव्ना, तुरते आवऽ हियो»। ऊ चल गेलथिन, आउ हम तुरते उनकर लिक्खे के टेबुल (डेस्क) भिर गेलिअइ; हमन्हीं के मोकदमा के पेपर के अइसन ढेर पड़ल हइ, कि ऊ हमरा ओकरा स्पर्श भी करे नञ् दे हथिन। केतना तुरी हम पुछलिअइ - «तूँ हमरा कम से कम एक तुरी तो ई सब कागज-पत्तर के उठावे द, हम डेस्क पर के धूरी तो साफ कर देतियो हल»। काहाँ, चिल्लइथिन, हाथ लहरइथिन - हियाँ ई पितिरबुर्ग में ऊ अइसन अधीर हो गेलथिन हँ, आउ एतना चिल्ला हथिन। त अइकी हम डेस्क भिर गेलिअइ आउ खोजऽ हिअइ - कउन ई पेपर हइ, जे ऊ अभी लिखलथिन हल? काहेकि हम पक्का जानऽ हिअइ, कि ऊ एकरा खुद लेके नञ् गेलथिन, आउ जब ऊ टेबुल के पीछू से उठ रहलथिन हल, त ऊ एकरा दोसर कागज के अन्दर घुसा देलथिन। अच्छऽ, त अइकी हइ, बबुआ, इवान पित्रोविच, जे हमरा मिललइ, देखल जाय।"

आउ ऊ हमरा पत्र के कागज के एक पन्ना देलकइ, आधा लिक्खल, लेकिन अइसन धब्बा के साथ, कि दोसरा जगह पर कुच्छो समझना असंभव हलइ।

बेचारे बुढ़उ! पहिलउके कुछ लाइन से अंदाज लगावल जा सकऽ हलइ, कि ऊ केकरा लिख रहलथिन हल। ई हलइ नताशा के नाम पत्र, उनकर प्रिय नताशा के नाम। ऊ गरमजोशी आउ स्नेहशीलता के साथ शुरू कइलथिन हल - ऊ ओकरा क्षमा के साथ संबोधित कइलथिन हल आउ ओकरा अपना हीं बोलइलथिन हल। पूरा पत्र के समझना मोसकिल हलइ, जे जइसे-तइसे आउ झटकेदार ढंग से लिक्खल हलइ, अनगिनत धब्बा के साथ। खाली एतना स्पष्ट हलइ, कि गरम भावना, जे उनका कलम पकड़ा देलके हल आउ स्नेहशीलता से भरल पहिलउका कुछ लाइन लिखवइलके हल, तेजी से, ई पहिलउकन लाइन के बाद, ऊ सब दोसरे भावना में बदल गेले हल - बुढ़उ बेटी के बुरा-भला कहना शुरू कइलथिन, ओकर अपराध के चमकीला रंग में वर्णन कइलथिन, ओकर जिद्दीपन के बारे क्रोधपूर्वक आद देलइलथिन, ओकर भावनाहीनता लगी डँटलथिन, कि ऊ एक्को तुरी, शायद, नञ् सोचलकइ, कि ऊ माय-बाप के साथ की कइलकइ। ओकर अहंकार लगी ऊ ओकरा दंड आउ शाप के धमकी देलथिन आउ अंत ई माँग के साथ कइलथिन, कि ऊ तुरते आउ विनम्रता के साथ घर वापिस आ जाय, आउ तब, खाली तभिए, शायद, «परिवार के गोद में» विनम्र आउ उदाहरणात्मक नयका जीवन के बाद, तोरा हमन्हीं क्षमा करे के निर्णय करबउ, ऊ लिखलथिन। स्पष्ट हलइ, कि प्रारम्भिक, अपन उदार भावना के ऊ, कुछ लाइन के बाद, दुर्बलता समझलथिन, एकरा पर लज्जित होवे लगलथिन आउ, आखिरकार, तिरस्कृत अहंकार के यातना के अनुभव करके, अंत क्रोध आउ धमकी से कइलथिन। बूढ़ी हमरा सामने खड़ी हलइ, अपन बाँह के आड़े-तिरछे मोड़ले (क्रॉस कइले) आउ भय से इंतजार करते, कि पत्र पढ़ला के बाद हम की कहबइ।

हम ओकरा सब कुछ सीधे-सीधे कह देलिअइ, जइसन हमरा लगलइ। अर्थात् - कि बुढ़उ नताशा के बेगर रहे के हालत में नञ् हलथिन आउ कि ओकन्हीं के त्वरित समझौता के बारे दृढ़तापूर्वक कहल जा सकऽ हलइ; लेकिन तइयो, सब कुछ परिस्थिति पर निर्भर हइ। ई मामले में हम अपन अन्दाज के बतइलिअइ, [*393] कि, पहिला, शायद, मोकदमा के खराब नतीजा उनका अस्त-व्यस्त कर देलके हल आउ हिला देलके हल, ई बात के कहे के जरूरत नञ्, कि प्रिंस के उनका पर जीत उनकर स्वाभिमान पर केतना बड़गो आघात हलइ आउ केस के अइसन फैसला से उनका में केतना क्रोध पैदा होले हल। अइसन क्षण में आत्मा खुद खातिर सहानुभूति खोजे बेगर नञ् रह सकऽ हइ, आउ ऊ तो आउ जादहीं ओकरा बारे आद कइलथिन, जेकरा हमेशे दुनियाँ में सबसे जादे प्यार करऽ हलथिन। आखिरकार, शायद ओहो हो सकऽ हइ - ऊ, शायद, सुनलथिन (काहेकि ऊ पीछा करऽ हथिन आउ नताशा के बारे सब कुछ जानऽ हथिन), कि अल्योशा ओकरा जल्दीए छोड़े वला हइ। ऊ समझ लेलथिन, कि कइसन ओकर स्थिति होतइ, आउ खुद अनुभव कइलथिन, कि केतना जरूरी हलइ ओकरा लगी सांत्वना। लेकिन तइयो ऊ खुद पर काबू नञ् रख पइलथिन, खुद के बेटी द्वारा अपमानित आउ तिरस्कृत समझके। उनका, शायद, दिमाग में ई विचार उठले होत, कि कइसूँ ऊ उनका हीं जाय के पहिला कदम नञ् उठइतइ; कि, शायद, ऊ ओकन्हीं (अर्थात् माता-पिता) के बारे सोचवो नञ् करऽ हइ आउ समझौता के जरूरत भी अनुभव नञ् करऽ हइ। त अइसीं ऊ सोचलथिन होत, हम अपन विचार के निष्कर्ष निकसलिअइ, आउ एहे से पत्र पूरा नञ् कर पइलथिन, आउ, शायद, ई सब कुछ के कारण आउ नयका अपमान होतइ, जे पहिले के अपेक्षा आउ जादे प्रचंड रूप से अनुभव कइल जइतइ, आउ, कउन जानऽ हइ, समझौता, शायद, आउ लमगर अवधि तक स्थगित हो जइतइ ...

हमरा सुनते बखत बूढ़ी (आन्ना अन्द्रेयेव्ना) रो रहले हल। आखिरकार, जब हम कहलिअइ, कि हमरा तुरते नताशा के पास जाना जरूरी हइ आउ हमरा ओकरा हीं जाय में देर हो गेलइ, त ऊ चौंक पड़लइ आउ बोललइ, कि ऊ मुख्य बात के भूल गेले हल। कागज के पुलिंदा के बीच से पत्र निकासते बखत, ऊ अनजाने में ऊ ओकरा पर दवात के झटका दे देलके हल। वास्तव में, पूरा कोना स्याही से भींग गेले हल, आउ बूढ़ी बहुत डरल हलइ, कि बुढ़उ ई धब्बा से जान जइथिन, कि उनकर अनुपस्थिति में कागज के उलटल-पलटल गेले हल आउ कि आन्ना अन्द्रेयेव्ना नताशा के पत्र पढ़के सुनइलके हल। ओकर भय के बहुत तर्कसंगत हलइ - ई एक तथ्य के आधार पर, कि हमन्हीं उनकर रहस्य के जानऽ हिअइ, ऊ लज्जा आउ झुँझलाहट से अपन क्रोध लमगर समय तक घींच सकऽ हलथिन आउ अहंकार से नञ् क्षमा करे में अडिगता देखा सकऽ हलथिन।

लेकिन, मामला पर सोच-विचारके, हम बूढ़ी के समझइलिअइ कि ऊ फिकिर नञ् करइ। ऊ पत्र के पीछू से अइसन उत्तेजना में उठलथिन हल, कि उनका सब छोटगर-छोटगर बात के उनका आदो नञ् होतइ, आउ अब, शायद, सोचथिन, कि खुद्दे पत्र पर धब्बा लगा देलथिन हल आउ एकरा बारे भूल गेलथिन हल। ई तरह आन्ना अन्द्रेयेव्ना के सांत्वना देके, हमन्हीं पत्र के सावधानीपूर्वक पहिलउका जगह पर रख देते गेलिअइ, आउ हमरा, जाते-जाते, दिमाग में अइलइ, कि ओकरा साथ नेली के बारे गंभीरतापूर्वक बात करिअइ। हमरा लगलइ, कि बेचारी परित्यक्त अनाथ लड़की, जेकर माय भी अपन बाप द्वारा अभिशप्त हलइ, अपन पहिलउका जिनगी आउ अपन माय के मौत के बारे दुखद, त्रासदायक कहानी से बुढ़उ के दिल पसीज जइतइ आउ उनका उदारहृदय बना देतइ। उनकर दिल में सब कुछ तैयार हइ, सब कुछ परिपक्व हइ; बेटी के आद उनकर अहंकार आउ तिरस्कृत स्वाभिमान के काबू कर चुकले ह। कमी हलइ खाली एगो धक्का (प्रेरणा) के, अंतिम अनुकूल अवसर के, आउ ई अनुकूल अवसर नेली द्वारा देल जा सकऽ हलइ। बूढ़ी हमर बात के बड़ी ध्यान से सुन रहले हल - ओकर पूरा चेहरा आशा आउ उत्साह से सजीव हो उठलइ। ऊ हमरा तुरते बुरा-भला सुनावे लगलइ - काहे नञ् ओकरा हम बहुत पहिलहीं नञ् बतइलिअइ? अधीरतापूर्वक नेली के बारे हमरा से पूछताछ करे लगलइ आउ सोल्लास वचन के साथ अंत कइलकइ, कि ऊ खुद बुढ़उ के निवेदन करतइ, कि अनाथ के घर में ले आथिन। ऊ हार्दिक रूप से नेली के प्यार करे लगलइ, ई बात के ओकरा दुख होलइ, कि नेली बेमार हइ, ओकरा बारे पूछताछ कइलकइ, नेली खातिर हमरा [*394] एक जार जाम ले जाय लगी जोर मालकइ, जेकरा लावे खातिर ऊ खुद्दे भंडार घर में दौड़ल गेलइ; हमरा लगी चानी के पाँच रूबल लइलकइ, ई मानके, कि हमरा पास डाक्टर लगी पैसा नञ् हइ, आउ जब हम ई नञ् लेलिअइ, त ऊ मोसकिल से शांत होलइ आउ ओकरा सांत्वना होलइ, कि नेली के पोशाक आउ कपड़ा के जरूरत हइ आउ, मतलब, ओकरा लगी उपयोगी होतइ, जेकरा चलते ऊ तुरते अपन संदूक में उलट-पलटके खोजे लगलइ आउ ऊ सब पोशाक चुनके निकासे लगलइ, जे «अनाथ» के देल जा सकऽ हलइ। आउ हम नताशा के हियाँ चल पड़लिअइ। अन्तिम ज़ीना पर चढ़ते, जे, जइसन कि हम पहिलहीं उल्लेख कर चुकलिए ह, सर्पिल आकार के हलइ[2], हमरा ओकर दरवाजा के पास एगो व्यक्ति देखाय देलकइ, जे दस्तक देहीं जा रहले हल, लेकिन, हमर कदम के आहट सुनके, रुक गेलइ। आखिरकार, शायद कुछ हिचकिचाहट के बाद, अचानक अपन इरादा छोड़ देलकइ आउ निच्चे उतरे लगलइ। हमरा ज़ीना के अन्तिम पौड़ी पर ओकरा से भेंट हो गेलइ, आउ हमरा केतना अचरज होलइ, जब हम इख़मेनेव के पछनलिअइ। ज़ीना पर दिनमो में बहुत अन्हेरा हलइ। ऊ देवाल तरफ सिकुड़ गेलथिन, ताकि हमरा जाय के रस्ता मिल जाय, आउ हमरा, एकटक देख रहल, उनकर आँख के विचित्र चमक के आद पड़ऽ हइ। हमरा लगलइ, कि उनकर चेहरा अत्यंत लाल हो गेलइ; कम से कम ऊ बहुत भ्रमित हो गेलथिन आउ हियाँ तक कि खुद के भुला गेलथिन।

"ए, वान्या, ई तूँ हकऽ!" ऊ विषम स्वर में बोललथिन, "आउ हम हियाँ एगो अदमी से मिल्ले लगी अइलूँ हँ ... एगो लिपिक के पास ... काम से ... हाल में ऊ स्थानान्तरित हो गेलइ ... कहीं तो हियाँ ... लेकिन हियाँ, लगऽ हइ, नञ् रहऽ हइ। हमरा गलतफहमी हो गेलइ। अलविदा।"

आउ ऊ तेजी से ज़ीना से निच्चे उतर गेलथिन।

हम अभी खातिर ई मोलकात के बारे नताशा के नञ् बतावे के फैसला कइलिअइ, लेकिन ओकरा पक्का तुरते बता देवे के, जब ऊ अकेल्ले रहतइ, अल्योशा के प्रस्थान के बाद। वर्तमान समय में तो ऊ एतना परेशान हलइ, कि अगर ई तथ्य के पूरा बल के पूर्ण रूप से ऊ समझवो आउ विचारो कर सकते हल, तइयो एकरा ओइसे स्वीकार आउ अनुभव नञ् कर सकते हल, जइसन कि बाद में, दमनकारी आखरी उदासी आउ निराशा के क्षण में। अभी ऊ क्षण नञ् हलइ।

ऊ दिन हम इख़मेनेव के पास जा सकऽ हलिअइ, आउ हमरा अइसन करे के मन कइलकइ, लेकिन हम नञ् गेलिअइ। हमरा लगलइ, कि बुढ़उ के हमरा तरफ देखना मोसकिल गुजरतइ; ऊ एहो सोच सकऽ हलथिन, कि हमर उनका साथ भेंट हो गेला के बाद जानबूझके हम उनकर पीछू चल अइलिअइ। उनका हीं हम तेसरा दिन गेलिअइ; बुढ़उ उदास हलथिन, लेकिन ऊ हमरा से काफी बेधड़क होल मिललथिन आउ खाली केस के बारे बात करते रहलथिन।

"आउ तूँ, तहिया केकरा हीं जाब करऽ हलहो, ओतना उँच्चे, अइकी आद होतो, हमन्हीं के भेंट होले हल, कहिना के ई बात हो सकऽ हइ? - लगऽ हइ, परसुन", अचानक काफी लापरवाही से ऊ पूछ बैठलथिन, लेकिन तइयो कइसूँ अपन नजर हमरा दने से अलगे कइले।

"हमर एगो मित्र हुआँ रहऽ हइ", हम उत्तर देलिअइ, हमहूँ अपन नजर उनका से अलगे कइले।

"ओ! आउ हम अपन लिपिक, अस्ताफ़्येव, के खोजब करऽ हलिअइ; हमरा ओहे घर के तरफ इशारा कइल गेले हल ... लेकिन गलतफहमी हो गेलइ ... अच्छऽ, त अइकी हम तोरा केस के बारे बोल रहलियो हल - सीनेट में फैसला कइल गेलइ ...", इत्यादि, इत्यादि।

ऊ लाल भी हो गेलथिन, जब केस के बारे बोले लगलथिन।

हम ओहे दिन आन्ना अन्द्रेयेव्ना के सब कुछ बता देलिअइ, ताकि ओकरा खुश कर सकिअइ, ओकरा निवेदन करते, अन्य बात के अलावे, कि उनका तरफ विशेष नजर से [*395] अभी नञ् देखइ, न तो आह भरइ, आउ न कोय इशारा करइ आउ, एक शब्द में, कइसनो हालत में ई नञ् देखावइ, कि ओकरा उनकर हाल के ई हरक्कत मालुम हइ। बूढ़ी के एतना अचरज आउ खुशी होलइ, कि हियाँ तक कि शुरू में हमर बात पर विश्वासो नञ् होलइ। अपना तरफ से, ऊ हमरा बतइलकइ, कि निकोलाय सिर्गेयिच के अनाथ लड़की के बारे संकेत कर चुकले हल, लेकिन ऊ चुप रहलथिन हल, जबकि पहिले ऊ खुद्दे लड़की के घर में लावे खातिर मनावऽ हलथिन। हमन्हीं फैसला कइलिअइ, कि बिहान ऊ उनका साथ एकरा बारे सीधे बात करतइ, बिन कोय भूमिका आउ इशारा के। लेकिन अगले दिन हमन्हीं दुन्नु प्रचंड रूप से भयभीत आउ चिंतित हो गेते गेलिअइ।

बात ई हलइ, कि इख़मेनेव सुबह में ऊ अफसर से मिलले हल, जे उनकर केस के देखऽ हलइ। अफसर ओकरा बतइलकइ, कि ऊ प्रिंस से भेंट कइलके हल आउ कि प्रिंस इख़मेनेवका के हलाँकि अपन कब्जा में रखले हइ, लेकिन «कुछ पारिवारिक परिस्थिति के कारण » ऊ बुढ़उ के हर्जाना देवे के आउ उनका दस हजार रूबल देवे के फैसला कइलके ह। अफसर के हियाँ से बुढ़उ सीधे हमरा हीं दौड़ल अइला, बहुत परेशान होल; उनकर आँख क्रोधावेश में कौंध रहले हल। ऊ हमरा बोलइलथिन, मालुम नञ् काहे, फ्लैट से ज़ीना पर आउ जिद करे लगलथिन, कि हम तुरते प्रिंस के हियाँ जइअइ आउ ओकरा द्वन्द्वयुद्ध के चुनौती दिअइ। हम तो अइसन स्तब्ध रह गेलिअइ, कि देर तक कुच्छो नञ् सोच सकलिअइ। उनका समझाहीं वला हलइ। लेकिन बुढ़उ अइसन क्रोधावेश में अइलथिन हल, कि ऊ मूर्च्छित हो गेलथिन। हम अपन फ्लैट के अन्दर गेलिअइ एक गिलास पानी लावे लगी; लेकिन, लौटला पर, हम ज़ीना पर इख़मेनेव के नञ् पइलिअइ।

दोसरा दिन हम उनका हीं गेलिअइ, लेकिन ऊ घर पर नञ् हलथिन; ऊ पूरे तीन दिन तक गायब रहलथिन।

तेसरा दिन हमन्हीं के सब कुछ मालुम पड़ गेलइ। हमरा हीं से ऊ सीधे तेजी से प्रिंस के हियाँ गेलथिन, ओकरा घर पर नञ् पइलथिन आउ ओकरा लगी नोट छोड़ अइलथिन; नोट में ऊ लिखलथिन हल, कि उनका ओकर शब्द के बारे मालुम हइ, जे ऊ वकील के कहलके हल, कि ऊ शब्द के अपन मृत्युतुल्य अपमान समझऽ हथिन, आउ प्रिंस के नीच अदमी आउ ई सब के चलते ओकरा द्वन्द्वयुद्ध के चुनौती दे हथिन, एकरा साथ चेतावनी देते, कि प्रिंस ई चुनौती के इनकार करे के साहस नञ् करइ, नञ् तो ओकर सार्वजनिक बदनामी होतइ ...

आन्ना अन्द्रेयेव्ना हमरा बतइलकइ, कि ऊ घर वापिस अइसन उत्तेजना आउ परेशानी में अइलथिन, कि बेमार होके खाट पकड़ लेलथिन। ओकरा साथ ऊ बहुत स्नेहशील हलथिन, लेकिन ओकर पूछताछ कइला पर बहुत कम जवाब दे हलथिन, आउ साफ हलइ, कि ऊ कुछ के तो बहुत अधीरता से इंतजार कर रहलथिन हल। दोसरा दिन सुबह शहरी डाक से एगो पत्र अइलइ; ओकरा पढ़ लेला पर, ऊ चीख उठलथिन आउ अपन सिर पकड़ लेलथिन। आन्ना अन्द्रेयेव्ना तो भय से स्तब्ध हो गेलइ। लेकिन ऊ तुरते टोपी, छड़ी लेलथिन आउ रिरियाल चल गेलथिन।

पत्र प्रिंस के हियाँ से हलइ। शुष्क, संक्षिप्त आउ नम्र रूप से ऊ इख़मेनेव के सूचित कइलकइ, कि अपन शब्द से, जे अपन वकील के कहलके हल, ऊ कइसनो तरह से केकरो रिपोर्ट देवे लगी कर्तव्यबद्ध नञ् हइ। कि हलाँकि इख़मेनेव के केस हार गेला से ओकरा प्रति सहानुभूति अनुभव करऽ हइ, लेकिन ई सब सहानुभूति के रहते ई बात के कइसूँ न्यायसंगत नञ् समझऽ हइ, कि केस में पराजित व्यक्ति के कइसनो अधिकार हइ, बदला के रूप में, अपन प्रतिद्वन्द्वी के द्वन्द्वयुद्ध के चुनौती देवे के। जाहाँ तक «सार्वजनिक बदनामी» के संबंध हइ, जेकर ओकरा धमकी देल गेले ह, त प्रिंस इख़मेनेव के एकरा बारे नञ् फिकिर करे के निवेदन कइलकइ, काहेकि कइसनो सार्वजनिक बदनामी नञ् होतइ, आउ न हो सकऽ हइ; कि ओकर पत्र तुरते हुआँ अग्रेषित कइल जइतइ, जाहाँ कइल जाय के चाही आउ सचेत कइल [*396] पुलिस, निस्सन्देह, कानून आउ व्यवस्था के सुरक्षा खातिर उचित कदम उठइतइ।

इख़मेनेव पत्र हाथ में लेले तुरते प्रिंस के हियाँ निकस पड़लथिन। प्रिंस अबरियो घर पर नञ् हलइ; लेकिन बुढ़उ नौकरवा से जान लेलथिन, कि प्रिंस अभी, शायद, काउंट एन॰ के हियाँ हइ। जादे देर बिन सोचले, ऊ काउंट के हियाँ दौड़ पड़लथिन। काउंट के दरबान उनका रोकलकइ, जब ऊ ज़ीना चढ़े लग चुकलथिन हल। अत्यंत क्रोधावेश में बुढ़उ ओकरा छड़ी से प्रहार कइलथिन। तुरते उनका पकड़ लेल गेलइ, घसीटके ड्योढ़ी पर लावल गेलइ आउ पुलिस के सौंप देल गेलइ, जे उनका थाना लेके गेलइ। काउंट के रिपोर्ट कइल गेलइ। जखनी हुआँ पर उपस्थित प्रिंस ऐयाशी बुढ़उ के बतइलकइ, कि एहे इख़मेनेव - ओहे नताल्या सिम्योनोव्ना के बाप हइ (आउ प्रिंस कइएक तुरी अइसन काम में  काउंट के काम अइले हल), त ई महान बुढ़उ खाली हँसलइ आउ ओकर क्रोध दया में बदल गेलइ - चारो तरफ से इख़मेनेव के मुक्त कर देवे के आदेश जारी कइल गेलइ; लेकिन उनका तेसरे दिन जाके मुक्त कइल गेलइ, आउ (निस्सन्देह, प्रिंस के आदेश से) बुढ़उ के बतावल गेलइ, कि खुद प्रिंस उनका पर दया करे खातिर काउंट से निवेदन कइलके हल।

बुढ़उ घर वापिस अइलथिन पागल नियन, बेड पर पड़ गेलथिन आउ पूरे घंटा बिन हिलले-डुलले पड़ल रहलथिन; आखिरकार, उठलथिन आउ, ई आन्ना अन्द्रेयेव्ना खातिर आतंक के बात हलइ, जब ऊ सोल्लास कहलथिन, कि ऊ अपन बेटी के हमेशे लगी अभिशाप दे हथिन आउ ओकरा अपन पिता के आशीर्वाद से वंचित करऽ हथिन।

आन्ना अन्द्रेयेव्ना आतंकित हो गेलइ, लेकिन बुढ़उ के सहारा देना जरूरी हलइ, आउ ऊ, खुद लगभग होश खोले, ई पूरा दिन आउ लगभग पूरा रात उनकर सेवा में लगल रहलइ, उनकर सिर के सिरका से गीला रखलकइ, बरफ से ढँकलकइ। उनका बोखार आउ सरसाम हलइ। हम उनकन्हीं के सुबह तीन बज चुकला पर छोड़लिअइ। लेकिन सुबह में इख़मेनेव उठलथिन आउ ओहे दिन हमरा हीं अइलथिन, आखिरकार नेली के अपना हीं ले जाय लगी। लेकिन उनका साथ नेली के दृश्य के उल्लेख हम पहिलहीं कर चुकलिए ह[3]; ई दृश्य उनका आखिरकार हिला देलकइ। घर वापिस अइला पर, ऊ बेड पर लेट गेलथिन। ई सब घटना गुड फ्राइडे (Good Friday) के घटलइ - जब कात्या आउ नताशा के मीटिंग निश्चित कइल गेले हल, अल्योशा आउ कात्या के पितिरबुर्ग से प्रस्थान करे के पूर्वसंध्या पर। ई मीटिंग में हम उपस्थित हलिअइ - ई भोरगरिए (बहुत सबेरे) होलइ, बुढ़उ के हमरा हीं आवे के पहिलहीं आउ नेली के पहिला पलायन[4] के पहिले।

 

भूमिका               भाग 4, अध्याय 4              भाग 4, अध्याय 6 



[1] लेंट (Lent ) - 'ईस्टर' के पूर्व चालीस दिन के ईसाई त्योहार; चालीसा।

[2] दे॰ भाग 1, अध्याय 10 (रूसी संस्करण में पृ॰210)।

[3] दे॰ भाग 4, अध्याय 4 (रूसी संस्करण में पृ॰383)।

[4] दे॰ भाग 4, अध्याय 4 (रूसी संस्करण में पृ॰384)।


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