विजेट आपके ब्लॉग पर

Thursday, May 18, 2017

विश्वप्रसिद्ध रूसी नाटक "इंस्पेक्टर" ; अंक-3 ; दृश्य-7

दृश्य-7
(ख़्लिस्ताकोव आउ मेयर के छोड़के बाकी ओहे सब)
बोबचिन्स्की - (दोबचिन्स्की से) त अइकी, प्योत्र इवानोविच, एगो व्यक्ति हथिन ! अइसने के कहल जा हइ व्यक्ति ! अपन जिनगी में एतना महत्त्वपूर्ण व्यक्ति के उपस्थिति में नयँ रहलूँ हल, हम तो भय से लगभग मर गेलूँ । की सोचऽ हो, प्योत्र इवानोविच, पदवी के खियाल से ई केऽ हो सकऽ हथिन ?  
दोबचिन्स्की - हमरा लगऽ हइ, कि कहीं जेनरल तो नयँ हथिन ।
बोबचिन्स्की - हमर विचार से तो जेनरल उनकर जुतवो के बराबर नयँ होता ! लेकिन अगर जेनरल हथिन, त वास्तव में जेनरलिसिमो (generalissimo, सबसे उच्चपदस्थ जेनरल) होथिन । सुनलहो कि ऊ राज्य परिषद् के मामले में कइसे बरताव करब करऽ हलथिन ? चलल जाय आउ जल्दी से जल्दी आम्मोस फ़्योदरोविच आउ कोरोबकिन के सूचित कर देल जाय । अलविदा, आन्ना अंद्रेयेव्ना !
दोबचिन्स्की - अलविदा, धर्ममाता !
(दुन्नु के प्रस्थान ।)
अरतेमी फ़िलिप्पोविच - (लुका लुकीच से) ई तो बस भयंकर बात हइ । आउ की कारण से, हमरा खुद्दे नयँ मालुम । आउ हमन्हीं वरदी में भी नयँ हिअइ । तब की होतइ, अगर ऊ होश में आ जाथिन आउ पितिरबुर्ग के रिपोर्ट कर देथिन ? (स्कूल इंस्पेक्टर के साथ-साथ चिंतित मुद्रा में दुन्नु के प्रस्थान, जाते बखत आन्ना अंद्रेयेव्ना से) अलविदा, मैडम !

  
सूची            पिछला                     अगला

No comments: